बिहार की राजधानी पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र में खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर हुई गोलीबारी मामले में कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है. गिरफ्तार सुरक्षाकर्मियों की जमानत याचिका पर पटना की अदालत में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई, जिसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है.
सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष यानी ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद के वकील ने अदालत के सामने तीखी दलीलें पेश कीं. उन्होंने खान सर के निजी बॉडीगार्ड्स की जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया. वकील ने अदालत में कहा कि यह पूरी घटना कोई अचानक उपजा विवाद नहीं थी. बचाव पक्ष का यह दावा पूरी तरह गलत है कि भीड़ को हटाने या आत्मरक्षा में हवाई फायरिंग की गई थी.
सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष यानी ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद के वकील ने अदालत के सामने तीखी दलीलें पेश कीं. उन्होंने खान सर के निजी बॉडीगार्ड्स की जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया. वकील ने अदालत में कहा कि यह पूरी घटना कोई अचानक उपजा विवाद नहीं थी. बचाव पक्ष का यह दावा पूरी तरह गलत है कि भीड़ को हटाने या आत्मरक्षा में हवाई फायरिंग की गई थी.
भीड़ हटाने की नहीं, इरादतन गोलीबारी की थी साजिश
पीड़ित पक्ष के वकील ने कोर्ट में साफ तौर पर कहा कि यह पूरी वारदात एक सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दी गई थी. उनका आरोप था कि सुरक्षाकर्मियों द्वारा भीड़ को तितर-बितर करने का कोई प्रयास नहीं किया गया था. बल्कि वहां मौजूद लोगों पर सीधे तौर पर और जानबूझकर (इरादतन) गोलियां चलाई गई थीं. इसी वजह से इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या के प्रयास के लिए उकसाना) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.
कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए मांगा सुरक्षाकर्मियों का रिकॉर्ड
दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें और केस डायरी का अध्ययन करने के बाद अदालत ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है. माननीय न्यायाधीश ने पुलिस प्रशासन और संबंधित सुरक्षा एजेंसी से गिरफ्तार किए गए दोनों निजी सुरक्षाकर्मियों (प्रदीप कुमार और तालेबार सिंह) का पूरा आपराधिक और सेवा रिकॉर्ड तलब किया है. कोर्ट यह जानना चाहता है कि क्या इन सुरक्षाकर्मियों का पहले भी कोई आपराधिक इतिहास रहा है या नहीं.
दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद फैसला रखा सुरक्षित
अदालत में लंबी बहस और पुलिस द्वारा जुटाई गई केस डायरी के अवलोकन के बाद न्यायिक प्रक्रिया के तहत इस मामले पर सुनवाई पूरी कर ली गई. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड मांगे जाने के बाद अदालत ने सुरक्षाकर्मियों की जमानत याचिका पर अपना आदेश और फैसला सुरक्षित रख लिया है. अब कोर्ट के इस फैसले पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं.
क्या है पूरा विवाद और अब तक की कार्रवाई
यह पूरा मामला 2 जून को मुसल्लापुर हाट इलाके में स्थित ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ के बाहर तोड़फोड़ और मारपीट से शुरू हुआ था. शुरुआती जांच में खान सर ने दावा किया था कि बाहरी हमलावरों ने उनके संस्थान पर हमला किया और फायरिंग की. लेकिन सोशल मीडिया पर एक सीसीटीवी वीडियो वायरल होने के बाद पूरा मामला पलट गया.
वीडियो में खान सर के गार्ड गोली चलाते दिखे
वीडियो में खान सर के ही सुरक्षाकर्मी .315 बोर की राइफल से फायरिंग करते नजर आए. इसके बाद पुलिस ने दोनों गार्ड्स को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में सुरक्षाकर्मियों ने बयान दिया कि उन्होंने खान सर के कहने पर ही गोलियां चलाई थीं. इस बयान के बाद खान सर उर्फ फैजल खान पर भी हत्या के प्रयास का केस दर्ज हुआ, जिसके बाद उन्होंने कोर्ट में सरेंडर की प्रक्रिया शुरू की है.







