बिहार सरकार ने ट्रैफिक थानों में पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों की तैनाती के लिए नए मानक और चयन प्रक्रिया तय कर दी है। नई नीति के अनुसार, यातायात थानों में तैनाती के लिए पुलिस निरीक्षक यानी इंस्पेक्टर पद के लिए अधिकतम आयु 50 वर्ष तय की है। वहीं सहायक अवर निरीक्षक (ASI) और हवलदार की 55 वर्ष, पुलिस अवर निरीक्षक की 40 वर्ष और सिपाही एवं ड्राइवर (सिपाही) की 35 वर्ष निर्धारित की गई है।
बिहार सरकार ने राज्य में यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी, तकनीक-सक्षम और जवाबदेह बनाने के लिए ये कदम उठाए हैं। नई व्यवस्था के तहत यातायात थानों में पोस्टिंग के लिए आयु सीमा, सेवा रिकॉर्ड, प्रशिक्षण और चयन प्रक्रिया से जुड़े स्पष्ट मानदंड तय किए गए हैं। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।
बिहार में कितने ट्रैफिक थाने चल रहे?
बिहार में वर्तमान में 12 यातायात जिलों के अंतर्गत 15 ट्रैफिक थाने चल रहे हैं। इन थानों के लिए 2750 पद सृजित हैं। वहीं 28 नए ट्रैफिक थानों के लिए 4215 अतिरिक्त पदों के सृजन का प्रस्ताव विचाराधीन है।
पोस्टिंग से पहले तीन सालों का देखा जाएगा रिकॉर्ड
मिली जानकारी के अनुसार, नई पोस्टिंग से पहले, कर्मी का पिछले तीन साल का रिकॉर्ड देखा जाएगा। किसी भी जिले में पोस्टिंग के बाद यह अवधि तीन साल से ज्यादा नहीं बढ़ाई जाएगी। यानी ट्रैफिक थानों में तैनात सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक का कार्यकाल न्यूनतम 3 साल का तय किया है। ट्रैफिक थानों ने तैनाती के लिए सेवा रिकार्ड स्वच्छ होना अनिवार्य होगा।
तीन पुलिस उपाधीक्षकों की कमेटी करेगी निगरानी
किसी भी ट्रैफिक पुलिस के उम्मीदवार की पोस्टिंग उसके गृह जिले में नहीं की जाएगी। साथ ही यातायात बल में एक-तिहाई महिला कर्मियों की भागीदारी सुनिश्चित करने का भी प्रविधान किया गया है।
चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए तीन पुलिस उपाधीक्षकों की समिति गठित की जाएगी। योग्य अभ्यर्थियों की सूची से कम से कम 70 प्रतिशत रिक्तियां भरी जाएंगी और 15 प्रतिशत प्रतीक्षा सूची तैयार की जाएगी, जो एक वर्ष तक मान्य रहेगी।
चयन प्रक्रिया से संबंधित शिकायतों का निपटारा क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक या पुलिस उप-महानिरीक्षक स्तर पर किया जाएगा। प्रत्येक वर्ष 25 अप्रैल तक चयन प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।







