दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में सोमवार को इंडिया ब्लॉक की बड़ी बैठक संपन्न हो गई है। इस बैठक में केंद्र सरकार को घेरने की विपक्ष की साझा रणनीति पर चर्चा की गई है। बैठक में कांग्रेस, टीएमसी, सपा सहित 25 पार्टियों के शामिल होने का दावा किया गया है। हालांकि, डीएमके और आम आदमी पार्टी ने गठबंधन से दूरी बनायी थी। बैठक के समाप्त होने के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों के बारे में जानकारी दी है।
बैठक के बड़े फैसले?
- इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा- “इंडिया गठबंधन की सभी पार्टियों में सहमति बनी है कि हर दो महीने में बैठक को आयोजित किया जाए। इसलिए अगली बैठक अगस्त महीने में हैदराबाद में होगी।”
- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा- “एसआईआर, कथित वोट लूट और चुनाव में धांधली के मुद्दे पर भारत के चीफ जस्टिस को पत्र भेजने पर सहमति बनी है। यह पत्र जल्द ही भारत के मुख्य न्यायाधीश को सौंप दिया जाएगा।”
- मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा- “इंडिया ब्लॉक की बैठक में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग पर सर्वसम्मति से सहमति बनी है। नीट और सीबीएसई परीक्षाओं में बैठने वाले लाखों युवाओं के साथ हुए विश्वासघात हुआ है।”
- कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा- “केंद्र सरकार को मौजूदा आर्थिक स्थिति, बेरोजगारी, महंगाई, किसानों के मुद्दे और अन्य जन-केंद्रित मुद्दों पर चर्चा के लिए तुरंत सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए।”
- मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया- “बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि गठबंधन के सभी दल हर दो महीने में मिलेंगे। इसके साथ ही संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के नेता के ऑफिस में हर रोज सुबह की बैठकों के साथ गठबंधन के दलों के बीच समन्वय जारी रहेगा।”
बैठक में 25 पार्टियों ने भाग लिया
INDIA गठबंधन की बैठक संपन्न होने के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया है कि इस बैठक में 25 पार्टियों ने भाग लिया है। बैठक में सभी दलों ने अपने विचार साझा किए हैं। हमने आज यह तय किया है कि हम इन मुद्दों के लिए लड़ेंगे, इन पर काम करेंगे और आगे बढ़ेंगे। मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया है कि उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन भी वर्चुअल रूप से बैठक में शामिल हुए और अपने विचार साझा किए। वे भी इन सभी मुद्दों पर सहमत हैं।”
INDIA अलायंस के वो 5 फैसले
- SIR मुद्दे पर CJI को पत्र
खरगे ने कहा, ये सहमति बनी है कि SIR और वोटर लिस्ट में हेरफेर तथा चुनाव की निष्पक्षता के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को जल्द ही एक पत्र सौंपा जाएगा.सवाल ये कि जो सुप्रीम कोर्ट SIR मुद्दे पर फैसला सुना चुका है. विपक्ष की सारी दलीलें खारिज कर चुका है, फिर उन्हीं सीजेआई को चिट्ठी लिखने से क्या हासिल होगा? दिलचस्प बात ये है कि खुद सीजेआई भी उस बेंच में थे, जिसने एसआईआर पर फैसला सुनाया है. - शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
खरगे ने दूसरा फैसला बताते हुए कहा, लाखों छात्रों को प्रभावित करने वाले अनेक गंभीर मुद्दों की स्थिति को देखते हुए ये सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शिक्षा मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि उनके कार्यकाल में NEET और CBSE परीक्षाओं में लाखों युवाओं के साथ विश्वासघात हुआ है. नतीजा है कि आज लाखों युवा सड़कों पर खड़े हैं.अब सवाल ये कि क्या इससे पहले कांग्रेस या विपक्षी दल धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग नहीं कर रहे थे. इसमें नया क्या है. राहुल गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी समेत विपक्ष के तमाम नेता खुलकर धर्मेंद्र प्रधान पर आक्रामक रहे हैं. उनसे इस्तीफे की मांग करते रहे हैं. अब इससे नया क्या होगा, ये खरगे ने नहीं बताया. - बेरोजगार-महंगाई और किसानों के मुद्दे
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान में बढ़ती गंभीर आर्थिक स्थिति, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, अत्याचार और किसानों के मुद्दों को हम उठाते रहेंगे. केंद्र सरकार को जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर एक सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए, जिसमें हम इन सारे मुद्दों को उनके सामने रखेंगे.|यहां भी INDIA अलायंस के नेताओं ने वही घिसा पिटा राग अलापा. बेरोजगार, महंगाई, किसानों का मुद्दा और विदेश नीति पर संसद के पिछले तीन सत्र पहले ही धुल चुके हैं. सड़कों पर प्रदर्शन होता रहा है. लेकिन अब विपक्ष उससे ज्यादा आक्रामक कैसे दिखेगा, यह खरगे की बातों में कहीं नजर नहीं आया. - हर दो महीने में मीटिंग
खरगे ने कहा कि INDIA गठबंधन के सभी दल हर दो महीने में बैठक करेंगे. हमारी अगली बैठक अगस्त में हैदराबाद में होगी.ठीक इसी तरह की बात इससे पहले की कई मीटिंग के बाद कही गई, लेकिन अमल नहीं हुआ. 8 जून को हुई बैठक भी करीब एक साल बाद हुई. इससे पहले INDIA ब्लॉक की पिछली बड़ी बैठक 1 जून 2024 को दिल्ली में लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण के मतदान से पहले हुई थी. तब 28 दल मीटिंग में शामिल हुए थे, अब यह संख्या घटकर 25 रह गई है. यानी ताकत घटी ही है. - संसद सत्र के पहले रोज मीटिंग
मानसून सत्र के दौरान संसदीय समन्वय जारी रहेगा और हर सुबह नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय में समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी.खरगे जी को बताना चाहिए कि क्या इससे पहले ऐसा नहीं होता था? संसद सत्रों से पहले फ्लोर स्ट्रैटेजी तय करने और कुछ साझा मुद्दों पर चर्चा के लिए नेताओं की छोटी-बड़ी बैठकें रोज होती रहीं. अगस्त 2025 में भी विपक्षी नेताओं की एक बैठक हुई थी, लेकिन उसे INDIA ब्लॉक की औपचारिक पूर्ण बैठक नहीं माना गया,क्योंकि उसमें दलों की भागीदारी कम थी.
- कांग्रेस के एक्स अकाउंट पर ही लोग रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, ड्राइंग रूम डिस्कशन किसी चीज का समाधान नहीं हो सकता, खासकर राजनीति में. लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है लेकिन कोई बात समूह में ही कही जा सकती है.
- एक अन्य यूजर ने लिखा, INDIA Block— हारे हुए नेताओं का जमावड़ा. कोई परिवारवाद के लिए आया. कोई बुआ-भतीजा वाद के लिए आया. कोई आया है अपनी सीट बचाने, तो कोई आया है पार्टी का अस्तित्व बचाने. इन्हें ना देश के विकास से मतलब है, ना ही देश की संप्रभुता से मतलब है. बस अपनी दुकान चलनी चाहिए.







