बांकीपुर उपचुनाव में वोटिंग से ठीक पहले जन सुराज के मुखिया प्रशांत किशोर ने एक आपात बैठक बुलाई। जन सुराज के नेताओं के खिलाफ हुई पुलिस की कार्रवाई पर पार्टी के अंदर हलचल का माहौल है। पीके की ओर से कहा गया है कि जन सुराज के नेताओं को पुलिस नहीं नहीं छोड़ा, तो वे खुद थाने चले जाएंगे। प्रशांत किशोर ने दावा किया है कि उनके 20 नेताओं को बिना वजह गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की सफाई आई है कि शांति व्यवस्था बनाने के लिए कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। गिरफ्तारी नहीं हुई है।
प्रशांत किशोर ने बुलाई आपात बैठक
बताया जा रहा है कि पटना पुलिस और एसटीएफ की टीम ने जन सुराज के कई नेताओं को उठा लिया है। उसके बाद उन्हें हिरासत में रखा गया है। जन सुराज ने इस पर आपत्ति जताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त दिल्ली से शिकायत की है। बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से भी शिकायत की है। जन सुराज से जुड़े अजय द्विवेदी ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि कार्यकर्ता पटना में अपने परिजनों से मिलने आए थे। इसी दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया है। कुछ नेताओं को जक्कनपुर थाने में रखा गया है।
पटना पुलिस की सफाई
उधर, पटना सचिवालय डीएसपी की ओर से कहा गया है कि थाना स्तर से ये कार्रवाई की जा रही है। शांति व्यवस्था कायम करने के लिए ऐसा किया जा रहा है। पीरबहोर थानाध्यक्ष ने मीडिया को कहा कि पूछताछ के लिए कुछ लोगों को लाया गया है। एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। ध्यान रहे कि सुबह में मतदान शुरू हो जाएगा। जन सुराज के मुखिया प्रशांत किशोर खुद ही उम्मीदवार हैं।
प्रशांत किशोर के खिलाफ मामला दर्ज
उधर, जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता और नीतीश कुमार के खासे करीबी नेता नीरज कुमार ने पीके के खिलाफ शास्त्रीनगर थाने में मामला दर्ज कराया है। पीके ने नीतीश कुमार के एक वीडियो को बताया था कि वो सही नहीं है। उसी के खिलाफ ये मामला दर्ज हुआ है। सभी पार्टियों ने अपना प्रचार कर लिया है। अब सोशल मीडिया पर आरोप प्रत्यारोप चल रहे हैं। इसी बीच गिरफ्तारी की खबर से स्थिति और चिंताजनक हो गई है। प्रशांत किशोर की पार्टी की ओर से पुलिस और एसटीएफ पर ये आरोप लगाया गया है।






