बिहार में इस समय दो तरह का मौसम बना हुआ है। एक तरफ दक्षिण बिहार में तेज धूप और उमस भरी गर्मी से परेशानी बढ़ी हुई है। वहीं दूसरी तरफ उत्तर बिहार के 14 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले दो दिनों तक राज्य के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी हो सकती है। यानी दक्षिण बिहार के जिलों में अभी गर्मी और भी भयानक रूप दिखाएगी।
बीते 24 घंटे में 2 जिलों का तापमान 40 डिग्री के पार रहा। 40.5 डिग्री के साथ कैमूर सबसे गर्म जिला रहा। जबकि रोहतास का पारा 40.4 डिग्री रहा। वहीं, बक्सर में 39.6 डिग्री और पटना में 38 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
वहीं, अरवल और नवादा में 68Kmph की रफ्तार से धूल भरी आंधी चली। किशनगंज हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक, 10 जून के बाद मौसम करवट लेगा और तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट आ सकती है।
38 से 42°C के बीच रहेगा तापमान
बिहार के अधिकांश जिलों में कुछ दिन अधिकतम तापमान 38 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। सुबह और शाम के समय हल्की राहत मिल सकती है।
- 10-11 जून: अररिया, किशनगंज और सुपौल में भारी बारिश और 60Kmph की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
- 12-13 जून: उत्तर बिहार के अधिकांश जिलों में आंधी-बारिश की गतिविधियां तेज रहेगी।
- 13 जून से: पूरे राज्य में मेघगर्जन के साथ बारिश की संभावना है, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।
पटना में आज कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी में सोमवार को मौसम गर्म रहने की संभावना है। दिन में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन तेज धूप और गर्म हवाओं का असर बना रहेगा।
अधिकतम तापमान 39 से 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। शाम के समय कुछ इलाकों में बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है, लेकिन बारिश की संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है।
बिहार में मानसून की दस्तक कब
देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, रविवार तक मानसून 12 राज्यों तक पहुंच गया। इसने पूरे केरलम, कर्नाटक, मणिपुर, नगालैंड और मिजोरम को कवर कर लिया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, बिहार में 15 जून तक मानसून के पहुंचने की संभावना है। प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूर्णिया और किशनगंज के रास्ते पहुंचेगा।
क्यों बदल रहा है मौसम का मिजाज
इस बार मौसम में बदलाव की सबसे बड़ी वजह बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही नमी और उत्तर भारत में सक्रिय गर्म हवाओं के बीच बन रहा दबाव का अंतर है। दिन में तेज गर्मी के कारण धरती तेजी से गर्म हो रही है। जबकि दूसरी ओर पूर्वी हवाएं वातावरण में नमी ला रही हैं।
यही टकराव कई जिलों में बादल, गरज-चमक और हल्की बारिश की परिस्थितियां पैदा कर रहा है। मौसम वैज्ञानिक इसे प्री-मानसून का प्रभाव मान रहे हैं, जिसमें गर्मी और बारिश दोनों का असर एक साथ दिखाई देता है।
इस मौसम से क्या हो सकता है नुकसान
मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। तेज गर्मी और उमस से हीट स्ट्रेस, डिहाइड्रेशन और थकान की समस्या बढ़ सकती है। वहीं बादल गरजने, बिजली गिरने के कारण किसानों, खुले स्थानों पर काम करने वाले मजदूरों और यात्रियों के लिए खतरा बन सकता है।
तेज हवा से पेड़ों की शाखाएं टूटने, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने और कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की भी आशंका रहती है।







