बिहार को बड़ा औद्योगिक केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार गुरुवार को एक कदम और आगे बढ़ी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में उद्योग विभाग और महाशक्ति ग्रुप के बीच 6000 करोड़ की इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा- बिहार सरकार निवेशकों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, पारदर्शी नीतियां और त्वरित प्रशासनिक सहयोग दे रही है। बियाडा और उद्योग विभाग के समन्वय से यह प्रोजेक्ट तय समय में पूरा होगा।
इस दौरान सीएम के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, उद्योग सचिव कुंदन कुमार और महाशक्ति ग्रुप के अनमोल लोढ़ा व विष्णु नाथ समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
खास बातें…यह प्लांट गयाजी जिले में लगेगा कुल निवेश : इसमें न्यूनतम 6000 करोड़ का निवेश होगा। उत्पादन क्षमता: प्लांट की तैयार इस्पात उत्पादन क्षमता 1.0 से 1.5 मिलियन टन (10 से 15 लाख टन) प्रतिवर्ष होगी। रोजगार व व्यापार : स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेंगे। सहायक व लघु उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।
बिहार के लिए क्यों खास है यह डील? औद्योगिक पहचान बदलना : आम तौर पर कृषि प्रधान माने जाने वाले बिहार में ऐसे उद्योगों का आना राज्य की छवि को बदलेगा। अर्थव्यवस्था को रफ्तार : स्टील प्लांट लगने से लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्टेशन और छोटे सप्लायर्स का नेटवर्क मजबूत होगा। पलायन पर अंकुश : युवाओं को राज्य के भीतर ही काम मिलेगा।







