मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल की आईसीयू में चार जून को अचानक भीषण आग लगने से सात मरीजों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने नए सिरे से राज्य के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों की अग्नि सुरक्षा जांच (फायर ऑडिट ) कराने का निर्णय लिया है।
सभी जिलाधिकारी और सिविल सर्जनों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग के सचिव कुमार रवि ने इस बाबत सभी जिलाधिकारी एवं सिविल सर्जनों तथा अति विशिष्ट संस्थान (सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल) के निदेशकों को 15 दिनों में अस्पतालों का फायर ऑडिट कराने का निर्देश दिया है।
गौर हो कि मुजफ्फरपुर की हृदय विदारक घटना के बाद पुलिस महानिदेशक (होमगार्ड सह अग्निशमन सेवाएं) शोभा अहोटकर ने सुरक्षा मानकों में खामियों वाले अस्पतालों को एक सप्ताह की मोहलत देते हुए सील करने की चेतावनी दी थी। जबकि, शुक्रवार को राज्यपाल सय्यद अता हसनैन की समीक्षा बैठक में अग्निशमन और आपदा विभाग ने भरोसा दिया था कि राज्य के 274 अस्पतालों और 276 होटलों की अग्नि सुरक्षा जांच जल्द की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शनिवार को जारी निर्देश के अनुसार मुजफ्फरपुर में एक निजी नर्सिंग होम की आईसीयू में आग लगने की घटना गंभीर लापरवाही को इंगित करता है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृति रोकने तथा अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से सभी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा की व्यापक समीक्षा अति आवश्यक है।
सात बिंदुओं पर अस्पतालों की होगी परख
सरकारी एवं निजी अस्पतालों में आग लगने की घटना को रोकने के लिए अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता एवं उन यंत्रों की कार्यशीलता सहित सात बिंदुओं पर सेफ्टी ऑडिट की जाएगी। इनमें फायर अलार्म सिस्टम एवं स्मोक डिटेक्टर की व्यवस्था, आपातकालीन निकास की उपलब्धता एवं उपयोगिता, विद्युत वायरिंग एवं विद्युत सुरक्षा व्यवस्था, ऑक्सीजन पाइपलाइन एवं गैस भंडारण क्षेत्र की समुचित जांच, अग्निशमन विभाग द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र की वैद्यता एवं अस्पताल कर्मियों को अग्नि सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन संबंधी प्रशिक्षण की स्थिति की जांच शामिल है।
पटना के 7 होटल होंगे सील,5 हॉस्पिटल पर भी कार्रवाई की तैयारी
cके 7 होटलों को सील किया जाएगा। अगले 5 दिन में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यहां फायर सेफ्टी मानकों का उल्लंघन किया गया है। वहीं, शहर के 5 अस्पतालों को भी सील किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन को प्रपोजल आगे भेजा जा चुका है।
इसके अलावा 32 और हॉस्पिटल और 20 होटल को नोटिस भेजा जा रहा है। इन्हें 7 से 14 दिनों में जवाब देना होगा। संतोषजनक जवाब नहीं देने पर सील के लिए स्थानीय प्रशासन को प्रपोजल भेजा जाएगा। ये जानकारी अग्निशमन के डीआईजी मनोज कुमार नट ने दी है।
खान ग्लोबल स्टडीज को लेकर कहा कि लापरवाही बरतने वाले किसी भी शख्स को नहीं बख्शा जाएगा। जिला अग्निशमन पदाधिकारी रितेश पांडे के नेतृत्व में इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है।
इन अस्पतालों को किया जाना है सील
जिन अस्पतालों को सील करना है उसमें कुणाल होटल के नाम है। इसके अलावा 6 अन्य होटल भी हैं। यहां एक भी फायर सेफ्टी के उपाय नहीं किए गए थे।
इसके अलावा कंकड़बाग न्यू बाइपास रोड ईस्ट अशोक नगर में एडवांस पटना सेंट्रल हॉस्पिटल, राजेंग्र नगर हैंडलूम के पास आरोग्य वरदान हॉस्पिटल, राजेंद्र नगर का पिनेकल हॉस्पिटल, अशोक नगर का अपेक्स हॉस्पिटल और श्याम ट्रस्ट एंड रिसर्च हॉस्पिटल पर भी कार्रवाई होगी। इन अस्पतालों को सील करने के लिए प्रशासन को प्रपोजल भेजा जा चुका है।
दिल्ली-मुजफ्फरपुर कांड को ध्यान में रखते हुए फैसला
डीआईजी के अनुसार दिल्ली होटल और मुजफ्फरपु के प्रसाद हॉस्पिटल में जिस तरह से घटना हुई है। उसी को ध्यान में रखते हुए एहतियातन कार्रवाई का निर्णय लिया गया है।
राज्य में जगह-जगह खुल गए हैं निजी अस्पताल
बिहार में कुकुरमुत्ते की तरह निजी अस्पताल खुले हैं। पटना के बाइपास में तीन हजार निजी अस्पताल हैं। इनकी जांच को लेकर विधानमंडल में कई बार सवाल किए गए हैं। भारत में करीब 43,486 निजी अस्पताल हैं।
अभियान चलाकर जांच
जिलों में अभियान चलाकर निजी अस्पतालों का सघन जांच होगी। अस्पताल का निबंधन है या नहीं, मापदंड पूरा करते हैं या नहीं, इसकी जांच होगी। मापदंड पूरा नहीं करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई होगी।







