पुलिस वाहन से लटकते दिखे तेज प्रताप
फिर अचानक मॉल में दिखे तेज प्रताप
देर रात लगी अदालत, 14 दिन के लिए जेल
आखिर किस मामले में हुई गिरफ्तारी?
तेजप्रताप के वकील बोले- FIR की कॉपी तक नहीं दी
तेजप्रताप यादव के वकील जगन्नाथ सिंह ने कहा कि तेज प्रताप यादव को सिटी सेंटर मॉल से 25 जुलाई की शाम 7.30 बजे गिरफ्तार किया गया था। मॉल के सीसीटीवी फुटेज से इस बात का पता चलता है। तेजप्रताप यादव के वकील ने बताया कि उन्होंने जेजेडी सुप्रीमो को रिहा करने की गुहार कोर्ट में लगाई है।
वकील ने बताया कि मैंने जज के सामने दलील दी है, ‘मैं रात साढ़े दस बजे नौबतपुर थाने पहुंचा था। मैंने एसपी और एएसपी दोनों से गिरफ्तारी की वजह पूछी थी। घरवालों को भी पता नहीं था कि उन्हें रात 7.30 बजे से अरेस्ट कर के रखा गया है। इसके बाद पुलिसवालों ने कहा कि गांधी मैदान से FIR आ रहा है। आते-आते एक घंटा लगा। इसके बाद उनलोगों ने कहा कि मजिस्ट्रेट के यहां चलते हैं। हमें FIR की कॉपी तक नहीं दी गई है। पटना हाईकोर्ट के वकील जगन्नाथ सिंह ने कहा कि तेजप्रताप की गिरफ्तारी के बाद हत्या की कोशिश की धारा लगाई गई है।
बंद में शामिल हुए थे तेजप्रताप यादव
शनिवार सुबह तेज प्रताप गांधी मैदान के गेट नंबर-10 के पास प्रतिमा पर चढ़कर प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे। इसके बाद दिनभर कोतवाली और गांधी मैदान थाना क्षेत्र में छात्र संगठनों के प्रदर्शन में शामिल हुए थे। प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प और पथराव में गांधी मैदान थानाध्यक्ष अखिलेश मिश्रा और टीओपी प्रभारी प्रमोद कुमार समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसी मामले में पुलिस ने तेज प्रताप के खिलाफ कार्रवाई की।
सिटी सेंटर मॉल से पकड़कर ले गई पुलिस
बिहार बंद के दौरान तेज प्रताप यादव हाथ में तिरंगा लेकर छात्र-युवाओं के साथ प्रदर्शन का नेतृत्व करते नजर आए। प्रदर्शन के दौरान पटना पुलिस ने तेज प्रताप को हिरासत में लिया। इस दौरान उन्होंने कहा, “मैं छात्रों के साथ हूं और उनके हक के लिए मर-मिटने को तैयार हूं।” हालांकि, हिरासत में लिए जाने के कुछ देर बाद वह थाने से बाहर आ गए। बाद में पुलिस ने उनकी लोकेशन ट्रेस की, जिसमें पता चला कि तेज प्रताप पटना के सिटी सेंटर मॉल में मौजूद हैं। इसी दौरान पुलिस वहां पहुंची और उन्हें पकड़कर नौबतपुर थाने ले गई। वहां उनसे पूछताछ की गई। नौबतपुर में उनका मेडिकल भी कराया गया। मेडिकल के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई। गिरफ्तारी की कार्रवाई के दौरान पटना पश्चिमी एसपी और लॉ एंड ऑर्डर-2 की SDPO कोमल मीणा भी मौके पर मौजूद थीं। उस समय तेज प्रताप के साथ उनके निजी सहायक (PA) और अन्य सहयोगी भी मौजूद थे।
423 लोगों को हिरासत में लिया गया
बिहार पुलिस मुख्यालय के अनुसार, बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा और उपद्रव के मामले में अब तक 423 लोगों को डिटेन किया गया है। यह कार्रवाई राज्य के 10 सबसे अधिक प्रभावित जिलों में की गई। इनमें अकेले पटना जिले से करीब 100 उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस मुख्यालय का कहना है कि डिटेन किए गए सभी 423 लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। हिंसा और उपद्रव में संलिप्तता की पुष्टि होने के बाद उनकी पहचान कर उनके खिलाफ विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





