NEET पेपर लीक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और लाठीचार्ज के खिलाफ बुलाया गया बिहार बंद अब हिंसक होता जा रहा है। सीवान में प्रदर्शनकारियों ने जमकर पत्थरबाजी की, पुलिस पर हमला किया।
भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले दागे गए। 10 राउंड से ज्यादा सीधी फायरिंग हुई है। प्रदर्शनकारी की पत्थर से सीवान एसपी पूरन झा के हाथ में चोट लगी है।
राज्य के 8 जिलों में पत्थरबाजी की गई। इसमें पटना, छपरा, सीवान, भागलपुर, औरंगाबाद, सीतामढ़ी, बेतिया और लखीसराय शामिल हैं।
इधर, छपरा में छात्रों ने उग्र प्रदर्शन करते हुए सरकारी बिल्डिंग में चढ़कर पोस्टर फाड़े। बैरिकेडिंग लेकर भागते नजर आए। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़क पर उतरे हैं, इस दौरान जज की गाड़ी भी फंसी दिखी।
समस्तीपुर में पुलिस और छात्रों की तीखी नोकझोंक
बिहार बंद को लेकर के सुबह से ही वामपंथी छात्र संगठन एवं अन्य संगठनों के द्वारा प्रदर्शन का दौर समस्तीपुर में चल रहा है. समस्तीपुर पटेल मैदान गोलंबर से लेकर समाहरणालय तक लगातार प्रदर्शन छात्र संगठनों के द्वारा किए जा रहे हैं. प्रदर्शन कर रहे छात्रों को प्रशासन की टीम के द्वारा समझा बुझाकर सरकारी बस स्टैंड कैंपस में ले जाया गया. जहां पर छात्र गिरफ्तारी देने की बात पर अड़ गए, लेकिन जब प्रशासन के द्वारा गिरफ्तारी करने की तैयारी की गई. बस बुलाया गया और प्रदर्शनकारियो को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस आगे बढ़ी. उसके बाद प्रदर्शनकारी वहां से भागने लगे. मौके पर मौजूद पुलिस कर्मी ने कुछ प्रदर्शनकारियों को पड़कर बस में चढ़ने की कोशिश की तो उसके सहयोगी उन्हें छुड़ाने के लिए पहुंच गए. प्रदर्शन करने वाले संगठनों में AISA – RYA, SFI, भीम आर्मी एवं कई अन्य विपक्षी संगठन शामिल थे.
बेतिया में भी प्रदर्शन के दौरान हंगामा हुआ। प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की। इसके बाद कुछ उपद्रवी मेडिक्योर डायग्नोस्टिक सेंटर में जाकर छिप गए। प्रशासन की ओर से उन्हें लगातार नीचे आने के लिए कहा गया। जब वो नहीं माने तो प्रशासन ने उन्हें निकालने के लिए क्रेन मंगाई है।
पटना में भी छात्रों ने बवाल किया है। पुलिस की वैन पलट दी। उसमें तोड़फोड़ की गई। फिर गाड़ी पर चढ़कर छात्र नारेबाजी करते नजर आए। पत्थरबाजी में बाकरगंज TOP प्रभारी प्रमोद कुमार घायल हो गए हैं। उनके सिर पर चोट आई है।पटना पुलिस वैन पर चढ़कर नारेबाजी
औरंगाबाद में प्रदर्शनकारी पुलिस से उलझते दिखे। दोनों के बीच धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान छात्रों की ओर से पत्थर फेंके गए, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
भागलपुर में प्रदर्शनकारी लगातार पत्थरबाजी कर रहे हैं। हालात सामान्य करने सड़क पर उतरीं डीएम अलंकृता पांडेय बाल-बाल बची हैं। प्रदर्शनकारियों की ओर से फेंका गया एक पत्थर उनके बगल से गुजरा।
सहरसा में बिहार बंद के दौरान विरोध-प्रदर्शन के बीच एक अलग ही नज़ारा देखने को मिला. नीट पेपर लीक मामले, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर एक युवक ने मोटर पाइप से पानी की बौछार कर दी. पानी पड़ते ही कई छात्र सड़क पर ही झूमकर डांस करने लगे, जिससे कुछ देर के लिए प्रदर्शन का माहौल बदल गया. वहां मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड किया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. हालांकि सहरसा में बिहार बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और कहीं से भी हिंसा या तोड़फोड़ की कोई सूचना नहीं मिली.
सीवान में बिहार बंद के दौरान प्रदर्शन हिंसक हो गया. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई, जिसके बाद हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया. पुलिस के अनुसार फायरिंग नहीं की गई, बल्कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए. इसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए स्थिति पर काबू पाया. फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन ने स्थिति सामान्य होने की बात कही है.
औरंगाबाद: बिहार बंद के दौरान औरंगाबाद में प्रदर्शन हिंसक हो गया. आंदोलनकारी छात्रों ने रमेश चौक पर जमकर पथराव किया, जिससे कई लोग घायल हो गए. पथराव की चपेट में तीन मीडियाकर्मी भी आ गए और उन्हें चोटें आईं. हालात बिगड़ने पर पुलिस ने बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को मौके से खदेड़ दिया. पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर प्रशासन की लगातार नजर बनी हुई है.
सासाराम में बिहार बंद के आव्हान पर प्रदर्शनकारियों ने सासाराम पोस्ट ऑफिस पर जमकर बवाल काटा. जोरदार हंगामा किया है. इस दौरान सड़क पर लगे बैरिकेडिंग एवं डिवाइडर को क्षतिग्रस्त कर दिया गया. साथ ही ट्रैफिक पोस्ट को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया. लाठी-डंडा और झंडा के साथ प्रदर्शनकारी जब सड़क पर उतरे तो आसपास के लोग भाग खड़े हुए. हंगामा के दौरान भगदड़ की स्थिति हो गई. बता दें कि भारी संख्या में पुलिस की मौजूदगी रखी गई है. इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने खूब बवाल किया है. भगत सिंह नौजवान सभा के बैनर लिए प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की है.
बिहार बंद के दौरान सीवान में प्रदर्शन हिंसक हो गया. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जमकर पथराव हुआ, जिसके बाद हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पहले लाठीचार्ज किया और फिर हवाई फायरिंग की. इसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए स्थिति को नियंत्रित किया. घटनास्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. पुलिस उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर आगे की कार्रवाई में जुटी है.
नीट पेपर लीक मामले को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन का दौर जारी है. बिहार में भी इसका अब असर दिख रहा है. प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज एवं मारपीट के मामले के खिलाफ बिहार बंद का आह्वान किया गया. भोजपुर जिले में भी जाम का खासा असर दिख रहा है जिले के विभिन्न इलाकों में जगह-जगह प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम किया है. प्रदर्शन कर रहे हैं वही भोजपुर जिले के आरा शहर स्थित सरदार पटेल बस पड़ाव के समीप बंद समर्थकों ने सड़क जाम कर दिया है. इस दौरान आरा पटना मुख्य मार्ग को जमकर प्रदर्शन कर रहे हैं.
सीवान मे प्रदर्शन के दौरान बवाल हो गया. बवाल के बाद पुलिस ने मोर्चा संभाला बवाल कर रहे प्रदर्शनकारी पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया. आंसू गैस के गोला छोड़ा तब प्रदर्शनकारी भागे. पुलिस और प्रदर्शन कर रहर युवक के बिच पथराव हुवा. बबाल बढ़ते देख पुलिस ने मोर्चा सभाला लाठी चार्ज की तब प्रदर्शनकारी भागे.
बिहार बंद के दौरान राजधानी में प्रदर्शन उग्र हो गया. डाकबंगला चौराहे पर छात्रों और पुलिस के बीच झड़प के बाद अफरा-तफरी मच गई. प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव किए जाने के बाद पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया और छात्रों को डाकबंगला चौराहे से खदेड़ दिया. इसके बाद कई छात्र स्टेशन रोड पर पहुंचकर मुख्य सड़क पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है. सीवान में भी पत्थरबाजी की घटना सामने आई. पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई.
बिहार बंद के दौरान जेपी गोलंबर और गांधी मैदान इलाके में छात्रों और पुलिस के बीच लगातार शह-मात का खेल चलता रहा. पुलिस की निगरानी के बावजूद छात्र चकमा देकर जेपी गोलंबर पहुंच गए, जबकि दूसरा जत्था गांधी मैदान की ओर पहुंचा. सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छात्रों को खदेड़ दिया. कई छात्र पास के होटलों में छिप गए, लेकिन पुलिस ने वहां पहुंचकर उन्हें बाहर निकाला. कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया. पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा और भारी पुलिस बल तैनात है.
बिहार बंद के दौरान राजधानी के डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शन करने पहुंचे छात्रों को पुलिस ने खदेड़ दिया. सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया. इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई छात्र इधर-उधर भागते नजर आए. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुछ छात्रों को हिरासत में भी लिया है. डाकबंगला समेत आसपास के पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है. प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और किसी को भी शांति भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
मधेपुरा में नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग. आंदोलनकारी छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को आहूत बिहार बंद का मधेपुरा में मिला-जुला असर देखने को मिला. इस दौरान विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने शहर के कॉलेज चौक पर प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा. प्रशासन ने बंद को लेकर पहले से ही व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी. बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी. सुबह करीब 9:30 बजे विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यकर्ता कॉलेज चौक पर जुटे और सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया. प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मौके पर लगी पुलिस बैरिकेडिंग भी हटा दी. इसके बाद पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर सड़क खाली कराने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शन जारी रहने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 17 छात्र-कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया. अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) प्रवेंद्र भारती ने बताया कि कुछ छात्रों को हिरासत में लेकर सदर थाना लाया गया है. उन्होंने कहा कि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है. उन्होंने यह भी बताया कि प्रदर्शन के दौरान किसी प्रकार की बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही. प्रदर्शन के दौरान सदर अनुमंडल पदाधिकारी संतोष कुमार, एएसपी प्रवेंद्र भारती, सदर थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार समेत कई प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे. अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए रखी. छात्र संगठनों का कहना है कि वे नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा विभिन्न राज्यों में आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में बिहार बंद का समर्थन कर रहे हैं. वहीं प्रशासन ने लोगों से शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
पटना के गांधी मैदान के गेट नंबर-10 के पास प्रदर्शन के लिए जुटे कुछ छात्रों को पुलिस ने मौके पर ही हिरासत में ले लिया. नीट पेपर लीक मामले को लेकर आज aisa ने बिहार बन्द बुलाया है, लेकिन पटना में इसका कोई खास असर नहीं दिख रहा है. पुलिस ने कुछ यूट्यूब क्रिएटर्स को भी हिरासत में लिया, जो वहां पर मौजूद थे.
भागलपुर में आज बिहार बंद के ऐलान को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. कई जिलों में छात्रों के किए गए तोड़फोड़ को लेकर जिला अधिकारी अलंकृता पांडे और वरीय पुलिस अधीक्षक सुबह से ही सड़कों पर उतर चुके हैं. पूरे शहर में फ्लैग मार्च किया जा रहा है. सभी चौक चौराहों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है. ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है. चौक चौराहा पर लगे सीसीटीवी कैमरे कसे भी निगरानी की जा रही है. वरीय पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उपद्रव करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा. छात्र आंदोलन करें लेकिन शांतिपूर्ण आंदोलन करें.
बिहार बंद लाइवः छपरा में बिहार बंद का समर्थन करते हुए सीपीआई एमएल के पूर्व विधायक सत्येंद्र यादव ने कहा है कि एनटीए में 47 लोगों को बर्खास्त करने के फैसले के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार ने यह मान ली है की गड़बड़ियां थी. उन्होंने कहा कि अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफा के बाद ही यह आंदोलन शांत होगा. जिसका समर्थन वह भी कर रहे हैं. इसमें छात्रों ने शहर में प्रदर्शन को तेज कर दिया है जिसे लेकर सभी सरकारी कार्यायलयों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
सीतामढ़ी में NEET परीक्षा को लेकर देश के कई हिस्सों में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सीतामढ़ी पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है. जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने विशेष निगरानी शुरू कर दी है. खासकर उन हॉस्टलों पर पुलिस की नजर है, जहां बड़ी संख्या में छात्र रह रहे हैं. पुलिस अधिकारी लगातार विभिन्न हॉस्टलों में पहुंचकर छात्रों से बातचीत कर रहे हैं और उन्हें शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने की सलाह दे रहे हैं. इस दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने पर किसी तरह की रोक नहीं है, लेकिन यदि कोई माहौल बिगाड़ने, हिंसा फैलाने या कानून-व्यवस्था बाधित करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
जहानाबाद में वाम छात्र संगठनों द्वारा बुलाए गए बिहार बंद का फिलहाल कोई खास असर देखने को नहीं मिल रहा है. शहर में ट्रेनों का परिचालन सामान्य है और सड़क यातायात भी सुचारू रूप से जारी है. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. पुलिस अधीक्षक स्वयं पूरे शहर का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं. प्रशासन ने लोगों से शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने और कानून हाथ में नहीं लेने की अपील की है.
दानापुर के खगौल थाना क्षेत्र में NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दे को लेकर सड़क पर प्रदर्शन और नारेबाजी करने वाले छात्रों एवं प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. दानापुर के एएसपी अजीत कुमार ने बताया कि बिना प्रशासनिक अनुमति के निकाले गए प्रदर्शन को लेकर खगौल थाना में मामला दर्ज किया गया है. एएसपी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने दानापुर डीआरएम कार्यालय से जगत नारायण कॉलेज तक जुलूस निकाला. इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर उतरे और खगौल थाना का भी घेराव किया. चूंकि प्रदर्शन के लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी, इसलिए पुलिस ने कानूनी कार्रवाई की है. इस मामले में 60 नामजद, करीब 150 से 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ खगौल थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है. फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे गिरफ्तारी की जाएगी. पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है. प्रदर्शन के दौरान मौजूद लोगों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों का भी परीक्षण किया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था भंग करने और बिना अनुमति प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
बिहार बंद को लेकर गोपालगंज में सभी अस्पतालों को अलर्ट किया गया है. डायल-102 एम्बुलेंस और इमरजेंसी वार्ड में स्वास्थ्य कर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की गई है. सिविल सर्जन ने सभी डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द करते हुए ड्यूटी पर उपस्थित रहने का निर्देश दिया है. डीएम और एसपी भी लगातार मॉनिटरिंग कर रहें हैं और भ्रमणशील हैं. हालांकि अभी बंद का कोई असर नहीं दिख रहा है.
शिवहर से NEET परीक्षा से जुड़े छात्र आंदोलन की खबर सामने आई. प्रदर्शन के समर्थन में सोशल मीडिया पर कथित भड़काऊ पोस्ट प्रसारित करने और प्रदर्शन आयोजित कर विधि-व्यवस्था प्रभावित करने के प्रयास के आरोप में पुलिस ने 9 लोगों को हिरासत में लिया. पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि मामले में विधिसम्मत अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है.







