बिहार की राजनीति में राजद से दरकिनार कर दिए गए पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल के नायक तेज प्रताप यादव इन दिनों राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे और वर्तमान में स्वास्थ मंत्री निशांत कुमार की कसौटी पर चेहरा चमकाने में लगे हैं। इधर देखे तो कभी किसी बहाने तो कभी किसी मुद्दे पर ‘बयानवीर’ बने तेज प्रताप यादव, स्वास्थ मंत्री निशांत कुमार पर लगातार हमलावर हो रहे हैं। इनके बयान इन दिनों लालू यादव और नीतीश कुमार के पुत्र के बीच टकराहट का गवाह बन गए हैं। आइए जानते हैं तेज प्रताप यादव, निशांत को लेकर क्या-क्या कह गए…
कोमा में हैं निशांत कुमार: तेज प्रताप
जनशक्ति जनता दल के नायक तेजप्रताप यादव बयानों की आपाधापी में राजनीति की मर्यादा भी भूलते दिख रहे हैं। तेज प्रताप यादव, नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार पर निजी हमले करने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। तेज प्रताप यादव अपने हालिया बयान में यह कहते हुए दिखाई देते हैं कि निशांत कुमार को राजनीति से कोई लेना देना नहीं है। वे दूसरे काम में व्यस्त है। वे जिस काम में व्यस्त हैं, खुद वे बेहतर बता सकते हैं। उनसे राजनीति नहीं हो सकती है। राजनीति जिससे होता है वही बयान दे सकता है। और वे बयान नहीं देते। निशांत कुमार अभी कौमा में हैं। जो खुद कौमा में हैं, उनसे तो चल नहीं रहा है विभाग।
तेज प्रताप ने निशांत को कहा ‘जीरो बटा सन्नाटा’
निशांत कुमार का राजनीतिक अनुभव ‘जीरो’ है। तेजप्रताप ने कहा कि निशांत कुमार का राजनीतिक अनुभव अभी ‘जीरो बटा सन्नाटा’ है, क्योंकि वे राजनीति में नए हैं और उन्हें इसका कोई अनुभव नहीं है। हालांकि उन्होंने अपने बारे में भी कहा कि शुरू में हमें भी राजनीति नहीं आती थी। लेकिन अब सीख गए हैं।
जेजेडी में शामिल होने का दिया था ऑफर
जनशक्ति जनता दल के नायक तेज प्रताप यादव ने तो निशांत कुमार को एक बार अपनी पार्टी में शामिल होने का ऑफर तक दे डाला। यह वाक्या तब का है, जब निशांत कुमार न तो संगठन और न ही सत्ता में थे। तब तेज प्रताप ने निशांत कुमार को ऑफर दिया कि अगर उन्हें जदयू (JDU) में कोई अच्छा पद नहीं मिल रहा है, तो वे उनकी पार्टी में आएं, उन्हें अच्छा पद दिया जाएगा।
मीडिया में बने रहने चाहते हैं तेज प्रताप:
राजनीतिक विश्लेषक का कहना है कि पार्टी और परिवार से निकाले जा चुके तेज प्रताप यादव के पास अब कोई ठोस राजनीतिक मुद्दा नहीं बचा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार पर उनके विरोधाभासी बयान- कभी कोमा की बात करना तो कभी अपनी पार्टी में आने का न्योता देना, महज मीडिया की सुर्खियों में बने रहने की एक हताश कोशिश है।
तेज प्रताप के पास खुद को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए निशांत कुमार को निशाना बनाने के अलावा कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं बचा है। इसलिए वो मीडिया की सुर्खियों में बने रहने के लिए बयान देते हैं।
रामबंधु वत्स, राजनीतिक विश्लेषक
दरअसल, तेजस्वी यादव सहित लालू परिवार का अन्य कोई सदस्य निशांत कुमार पर आलोचनात्मक टिप्पणी नहीं कर रहा है, क्योंकि वे नीतीश कुमार के प्रति एक ‘सॉफ्ट कॉर्नर’ बनाए रखना चाहते हैं। ऐसे में तेज प्रताप के पास खुद को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए निशांत कुमार को निशाना बनाने के अलावा कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं बचा है, ताकि इस विवाद के जरिए वे न केवल चर्चा में आ सकें, बल्कि अपने परिवार के उस नरम राजनीतिक रुख पर भी तंज कस सकें।







