ढाका विधानसभा सीट बिहार के पूर्वी चंपारण जिले की प्रमुख सीटों में है, सीट का परिसीमन 2010 में हुआ, जिसके बाद जातीय समीकरण और भौगोलिक स्थिति में बदलाव आया। अब यहां मुस्लिम वोटर, रविदास और पासवान मतदाताओं की अच्छी-खासी हिस्सेदारी है, जो चुनाव में अहम भूमिका निभाते हैं .पिछले कई चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के बीच कड़ा मुकाबला रहा है। इस बार भी दोनों दलों के बीच टक्कर तय मानी जा रही है. 2025 में भी रणनीतिक और बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा। यहां की जीत BJP या RJD के बीच जाएगी यह इस चुनाव में बड़ी जिज्ञासा बनी हुई है।
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क्षेत्रीय स्थिति:
ढाका बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में स्थित एक सामान्य वर्ग की विधानसभा सीट है। यह शिवहर लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है और इसमें ढाका तथा घोड़ासहन प्रखंड शामिल हैं। यह भारत-नेपाल सीमा के निकट एक महत्वपूर्ण कस्बा भी है। -
चुनावी इतिहास:
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2020 विधानसभा चुनाव:
भाजपा के पवन कुमार जायसवाल ने यहाँ जीत हासिल की थी। उन्होंने राजद के फैजल रहमान को 10,114 वोटों के अंतर से हराया था। पवन कुमार को 99,792 वोट मिले जबकि फैजल रहमान को 89,678 वोट मिले थे। यह मुकाबला बहुत कड़ा था और इस सीट पर चुनावी टक्कर हमेशा कांटे की रही है। -
2015 चुनाव:
राजद के फैजल रहमान ने जीत दर्ज की थी, उन्होंने भाजपा के पवन कुमार जायसवाल को पराजित किया था। -
2010 चुनाव:
इस चुनाव में पवन कुमार जायसवाल ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीता था।
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पिछला चुनाव (2020) – ढाका विधानसभा क्षेत्र
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विजेता: पवन कुमार जायसवाल (BJP) — उन्होंने राश्ट्रिय जनता दल (RJD) के फैसल रहमान को लगभग 10,114 वोटों की बढ़त से हराया।
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वोट शेयर: जायसवाल को लगभग 48.01%, फैसल रहमान को लगभग 43.15% वोट मिले।
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ढाका विधानसभा क्षेत्र में कुल 311,169 मतदाता थे, जिनमें लगभग 52.6% पुरुष और 47.3% महिलाएँ थीं। क्षेत्र अंतर्गत धरातल धान, मकई, गन्ना आदि प्रमुख फसलें हैं, और आबादी का लगभग 91% ग्रामीण है।
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क्षेत्र में मुख्य चुनौतियाँ: पुल निर्माण, सिंचाई, महिला सुरक्षा, रोजगार, उच्च शिक्षा की कमी, पलायन, आदि।
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चुनावी इतिहास
साल विजेता पार्टी वोट जीत का अंतर 2020 पवन कुमार जायसवाल बीजेपी 99,792 10,114 फैसल रहमान राजद 89,678 2015 फैसल रहमान राजद 87,458 19,197 पवन कुमार जायसवाल बीजेपी 68,261 2010 पवन कुमार जायसवाल (निर्दलीय) IND 48,100 1,649 फैसल रहमान जदयू 46,451 2005 अमरेन्द्र कुमार पाण्डेय BSP 49,087 15,266 किरण देवी राजद 31,957 2000 किरण देवी राजद 50,704 17,156 मन देव तिवारी बीजेपी 33,548 -
सियासी समीकरण और उम्मीदवार 2025:
2025 में भी भाजपा, जेडीयू, राजद, कांग्रेस समेत कई प्रमुख पार्टियां इस सीट पर प्रत्याशी उतार रही हैं। खास बात यह है कि इस बार चुनाव में जनसुराज पार्टी भी मैदान में है, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। प्रमुख जातीय समूहों में सवर्ण, मुसलमान और पिछड़े वर्ग के मतदाता निर्णायक हैं। -
कौन जीत सकता है?
2020 में पवन जायसवाल (बीजेपी) ने फैसल रहमान (राजद) को हराया था, लेकिन मुकाबला बहुत ही करीबी रहा। 2015 में राजद के फैसल रहमान ने बड़ी जीत दर्ज की थी। ऐसे में सीट पर बीजेपी और राजद के उम्मीदवारों के बीच कांटे की टक्कर तय है। मुस्लिम समुदाय यहां निर्णायक भूमिका में है, जिससे राजद को फायदा मिल सकता है, लेकिन पवन जायसवाल की साख मजबूत है और बीजेपी का संगठनात्मक आधार भी बढ़ा है.
फिलहाल के माहौल में फिर बीजेपी और राजद मुख्य दावेदार हैं, और वोटरों के आखिरी फैसले पर ही मतगणना का परिणाम निर्भर करेगा। क्षेत्रीय समीकरण, कैम्पेनिंग और प्रत्याशी का प्रभाव इस बार भी निर्णायक रहेंगे।






