बिहार में अब नए मंत्रिमंडल के घोषित होने में 24 घंटे से भी कम समय बाकी रह गया है। कल सुबह 11.20 के आसपास पटना के गांधी मैदान में सीएम नीतीश के साथ NDA के बाकी मंत्री भी शपथ लेंगे। जानिए संभावित नामों के बारे में।
पटना: जदयू और बीजेपी के विधायक दल की बैठक में आखिरकार फैसला हो गया। अघोषित तौर पर एक बात तो तय हो गई कि बिहार के सीएम फिर से नीतीश कुमार ही होंगे, वहीं बीजेपी ने भी कोई बदलाव नहीं करते हुए सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा के माथे पर डिप्टी सीएम का ताज बगैर ऐलान किए रख दिया है। जदयू विधायक दल के नेता के तौर पर नीतीश कुमार को चुना गया, जबकि बीजेपी ने विधायक दल के नेता के लिए सम्राट चौधरी और उपनेता के लिए विजय कुमार सिन्हा का नाम तय कर दिया।
कैसी होगी नीतीश के नए मंत्रिमंडल की सूरत
अब सवाल ये है कि बिहार की नई सरकार की मंत्रिमंडल की सूरत कैसे होगी। ये तय है कि 6 विधायक पर एक मंत्री के हिसाब से फिलहाल लोजपा रामविलास को 3 मंत्री पद मिलेंगे। वहीं जीतन राम मांझी की हम और उपेंद्र कुशवाहा की RLM को एक-एक मंत्री पद मिलेगा। वहीं सवाल ये भी है कि जदयू और बीजेपी से कितने मंत्री शपथ लेंगे। इसकी तस्वीर भी करीब-करीब साफ हो गई है।
लोजपा रामविलास, HAM और RLM के संभावित मंत्रियों की लिस्ट
विश्वस्त सूत्रों से बात की तो एक बड़ी जानकारी मिली। सूत्र ने हमें बताया कि लोजपा रामविलास के तीन में एक मंत्री वैशाली के महुआ से जीते संजय कुमार सिंह हो सकते हैं। चिराग पासवान ने उनके लिए NDA में विभाग भी तय करवा लिया है। वहीं बाकी दो मंत्रियों में से एक दलित समुदाय से होंगे। ये भी तय मान कर चलिए कि HAM से जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन, जो की MLC भी हैं, वही फिर से मंत्री पद की शपथ लेंगे। ये भी करीब-करीब तय है कि सासाराम की नई विधायक स्नेहलता (उपेंद्र कुशवाहा) की पत्नी मंत्री बन सकती हैं।
बीजेपी-जदयू से ये नेता बन सकते हैं मंत्री
सीटों के हिसाब से देखें तो 6 विधायक पर एक मंत्री के हिसाब से बीजेपी से 15 से 16 मंत्री बनाए जाएंगे तो जदयू कोटे से 14 से 15 मंत्री होंगे। जदयू से विजेंद्र यादव, विजय कुमार चौधरी, श्रवण कुमार का नाम लगभग तय माना जा रहा है। कुछ नए चेहरे भी जदयू कोटे से मंत्री बन सकते हैं। अब बात बीजेपी की करें तो ये लगभग तय है कि ज्यादातर पुराने चेहरों को मंत्रिमंडल में रिपीट किया जा सकता है। इसका उदाहर ऐसे समझ लीजिए कि विधायक दल के फैसले से सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा तो तय हो चुके हैं यानी रिपीट होने जा रहे हैं। इसके अलावा नितिन नवीन, नीरज बबलू समेत कुछ और मंत्री भी बन सकते हैं। हालांकि ये भी चर्चा है कि कुछ नए चेहरों को बीजेपी भी अपनी तरफ से जगह देगी। लेकिन इतना तय मान लीजिए कि नीतीश कुमार के पूरे मंत्रिमंडल को आकार लेने में समय लगेगा। अभी सिर्फ कुछ चुनिंदा मंत्री ही शपथ लेंगे, जो ज्यादा से ज्यादा 20 होंगे। नीतीश कुमार इसके बाद अपने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद खरमास बाद का ही समय चुन सकते हैं, यानि की 14 से 15 जनवरी के बाद।
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