देशभर में एलपीजी की बढ़ती किल्लत ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली, मुंबई, भोपाल, हैदराबाद, लखनऊ, अहमदाबाद समेत देश के तमाम शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं, जहां लोग अपने सिलेंडर भरवाने के लिए घंटों खड़े रहे। हालांकि, यह सिर्फ स्थानीय संकट नहीं बल्कि वैश्विक परिस्थितियों का असर भी है। मध्य पूर्व में तनाव और अंतरराष्ट्रीय तेल व गैस बाजार में अनिश्चितता के चलते भारतीय उपभोक्ताओं के मन में सप्लाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, सरकार ने इन आशंकाओं को तुरंत खारिज किया है और स्पष्ट किया है कि देश में ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है। तेल और गैस की सप्लाई निरंतर जारी है और कोई भी आपूर्ति संकट नहीं है।
सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी ने आज गुरुवार को अपने मंत्रियों से ईरान संकट को देखते पर देश के अंदर के हालात पर लगातार नजर रखने को कहा है. उन्होंने कहा कि जो लोग मौजूदा स्थिति को घबराहट की स्थिति बनाने की कोशिश कर रहे हैं, उन पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है. साथ ही मंत्रियों को सोशल मीडिया पर एक्टिव होना होगा और विपक्ष के प्रचार का आक्रामक तरीके से जवाब देना चाहिए.
भारत की तैयारी अन्य देशों से अच्छीः PM मोदी
मंत्रियों में आत्मविश्वास बनाए रखने की बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “मंत्रियों को ऐसे किसी भी प्रचार का जवाब देते समय आत्मविश्वास बनाए रखना होगा. यह ऐसी स्थिति है जो सिर्फ एक देश नहीं बल्कि पूरी दुनिया को प्रभावित करती है.” उन्होंने कहा कि भारत की तैयारियां बहुत मजबूत हैं. हमारे पड़ोसी देशों और कई अन्य देशों की तुलना में भारत की तैयारी मजबूत और बेहतर है.
पीएम मोदी ने अप्रत्यक्ष रूप से गैस संकट का जिक्र करते हुए कहा, “मैं लोगों से अपील करना चाहता हूं कि हम केवल सही और सत्यापित जानकारी ही फैलाएं.”
विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी संसद परिसर में अन्य विपक्षी नेताओं के साथ शामिल हुए और देशभर में एलपीजी गैस सिलेंडरों की कमी की खबरों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
भोपाल: गैस एजेंसी के बाहर लंबी कतार
भोपाल में लोग एलपीजी सिलेंडर भरवाने और अपने दोपहिया वाहनों के ईंधन के लिए गैस एजेंसी के बाहर लंबी कतार में खड़े नजर आए।
एक्शन मोड में आई सरकार
भारत ने होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते खाड़ी देशों से आ रहे तेल-गैस की आपूर्ति में आने के बाद वैकल्पिक रास्ते तलाशने शुरू कर दिए हैं. भारत का फोकस ऑस्ट्रेलिया, रूस, कनाडा और अल्जीरिया जैसे देशों से गैस मंगाने की तैयारी कर रहा है. होर्मुज के रास्ते भारत सऊदी अरब, कतर, यूएई जैसे देशों से बड़े पैमाने पर तेल और गैस खरीदता था. लेकिन ईरान-इजरायल युद्ध के कारण होर्मुज से तेल-गैस के जहाजों की आवाजाही नहीं हो पा रही है. इसलिए सरकार एक्शन मोड में आ गई है.
रूस से तेल-गैस की बड़ी खेप
खबरों के मुताबिक, मिडिल ईस्ट संकट के बीच रूस भारत के लिए तेल का सबसे बड़ा वैकल्पिक स्रोत बना है. मार्च के पहले 11 दिनों में रूस से तेल का आयात 50 फीसदी बढ़कर 15 लाख बैरल प्रतिदिन (bpd) तक पहुंच गया है, जो फरवरी में करीब 1 मिलियन था. हालांकि रूस अब तेल खरीद पर छूट नहीं दे रहा है. अमेरिका ने भारत को समुद्र में फंसे हुए रूसी तेल खरीद के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट दी है. रिपोर्ट के अनुसार, इंडियन ऑयल (IOC) और रिलायंस जैसी कंपनियों ने करीब 3 करोड़ बैरल रूसी तेल के सौदे किए हैं.
- 88 फीसदी जरूरत का कच्चे तेल की खरीद करता है भारत
- 25 से 27 लाख बैरल तेल खाड़ी देशों से होर्मुज के रास्ते
- 55 फीसदी रसोई गैस का आयात विदेश से
- 30 फीसदी एलएनजी गैस की खरीद भी दूसरे देशों से
अमेरिका से तेल-गैस खरीद
भारत ने अपनी आपूर्ति में विविधता लाने के लिए अमेरिका से भी तेल और गैस की खरीद बढ़ाई है. मिडिल ईस्ट से आपूर्ति रुकने के बाद भारतीय रिफाइनरियों ने अमेरिकी कच्चे तेल की ओर रुख किया है. गेल (GAIL) ने अमेरिका के साथ गैस (LNG) के बड़े सौदे किए हैं, ताकि घरेलू कमी को पूरा किया जा सके.
लैटिन अमेरिका और अफ्रीका
भारत उन रास्तों से तेल मंगवा रहा है जो होर्मुज के रास्ते पर निर्भर नहीं हैं.भारत ने पहली बार गुयाना से सीधे कच्चे तेल की खरीद शुरू की है। इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने वहां से करीब 40 लाख बैरल तेल मंगवाया है.नाइजीरिया और अंगोला जैसे पश्चिमी अफ्रीकी देशों से भी भारत तेल की अतिरिक्त खेप मंगवा रहा है.
प्राकृतिक गैस के नए स्रोत
प्राकृतिक गैस आपूर्ति में आई 25% की कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने नए कदम उठाए हैं.भारत ने अल्जीरिया, नॉर्वे और कनाडा जैसे देशों से वैकल्पिक LPG और LNG आपूर्ति के लिए संपर्क साधा है.नए स्रोतों से खरीदे गए दो बड़े LNG कार्गो इस समय भारत के रास्ते में हैं.
भारत में रोज लगभग 5.8 मिलियन बैरल तेल की खपत
भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल खरीदने वाला देश है. वो करीब 88 फीसदी तेल भारत विदेश से खरीदता है. देश में रोज लगभग 5.8 मिलियन बैरल तेल की खपत है. इसमें से 25 से 27 लाख बैरल तेल सऊदी अरब, इराक और जैसे खाड़ी देशों से होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते आता है. भारत की लगभग 55 फीसदी रसोई गैस (एलपीजी) और करीब 30 फीसदी तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) भी आती है. इस गैस का इस्तेमाल बिजली उत्पादन, उर्वरक बनाने, सीएनजी और घरेलू खाना पकाने में होता है.







