बिहार शिक्षा विभाग में एक बार फिर से बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है. दरअसल बिहार के मोतिहारी जिले में फर्जी पत्र का खेल उजागर होते ही हड़कंप मच गया है. जानकारी के अनुसार समग्र शिक्षा मोतिहारी कार्यालय में कार्यालय में फर्जी पत्र और तारीख के सहारे करोड़ों की राशि निकालने की बड़ी साजिश पकड़ी गई है. मोतिहारी शिक्षा विभाग में फर्जी चिट्ठी के जरिए करोड़ों का भ्रष्टाचार किया गया है. वहीं पुलिस शिक्ष विभाग ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है.
बताया जा रहा है कि सहायक अभियंता हैदर अली ने 17 मई 2025 को पत्र संख्या 2261 से उप प्रबंधक तकनीकी, बीएसईआईडीसी को पत्र भेजा था. इसमें लिखा गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के तहत सभी असैनिक योजनाओं का भुगतान किया जाना है. इसके साथ एजेंसीवार 106 की सूची भी भेजी गई. दरअसल इस पत्र में 6 करोड़ से अधिक रुपए की राशि भुगतान की बात कही गई.
जानें क्या है पूरा मामला?
यह पत्र उसी दिन यानी 17 मई को उप प्रबंधक तकनीकी पूर्वी चंपारण कार्यालय में रिसीव भी करा दिया गया. लेकिन, इसी पत्रांक 2261 से एक दिन पहले यानी 16 मई को जिला कार्यक्रम पदाधिकारी समग्र शिक्षा पूर्वी चंपारण ने सभी प्रधानाध्यापकों को चिट्ठी भेजी थी. उस पत्र में मशाल-2024 के तहत संकुल स्तरीय प्रतियोगिता की बैठक में भाग लेने की बात लिखी गई थी. यानी एक ही पत्रांक से दो अलग-अलग तारीखों पर दो अलग विषयों पर पत्र जारी किए गए. इससे साफ है कि सहायक अभियंता ने फर्जीवाड़ा कर सरकारी राशि निकालने की कोशिश की.
समग्र शिक्षा पूर्वी चंपारण के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है. दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी. बता दें, लगातार मोतिहारी का शिक्षा विभाग विवादों के घेरे में है. मोतिहारी के DEO संजीव कुमार पर भी विभागीय तलवार चल रही है. लेकिन जिस तरह से फर्जी लेटर का खेल मोतिहारी में जारी है, अधिकारी ठेकेदार से मिलकर पैसों के खेल में अहम किरदार निभा रहे हैं. अब देखने वाली बात यह होगी कि इस फर्जी लेटर के खेल में कोई बड़ी कार्रवाई होती है या यूं ही लीपापोती करके मामले को सलटाया जाता है.







