पूरी दुनिया के स्टॉक मार्केट में सोमवार को मचे हाहाकार के बाद मंगलवार को गिरावट रुकी। इस बीच चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर ट्रम्प ने चीन पर 50 प्रतिशत का नया टैरिफ लगाया तो चीन अन्त तक इसके खिलाफ लड़ेगा और जवाबी कार्रवाई करेगा। चीनी मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका गलती पर गलती किये जा रहा है और इससे साफ है कि वो ब्लैकमेल कर रहा है। ट्रम्प ने सोमवार को कहा था कि अगर चीन ने अमेरिकी वस्तुओं पर 34 प्रतिशत टैरिफ नहीं हटाया, तो अमेरिका चीन पर 50 प्रतिशत का नया टैरिफ लगा देगा। दुनिया भर में इस समय अमेरिका के कारण टैरिफ युद्ध छिड़ा हुआ है। दुनिया भर में मंदी की आशंका जताई जा रही है। निवेशकों ने स्टॉक मार्केट से हाथ खींचने शुरू कर दिए हैं। अमेरिका ने पूरी दुनिया के साथ व्यापार युद्ध छेड़ दिया है। हालांकि कोई अमेरिका से टकराव नहीं चाहता पर ट्रंप ने सबको मजबूर कर दिया है। अब पूरी दुनिया में सेंटिमेंट ये है कि वैश्वीकरण का दौर खत्म हो जाएगा, वर्ल्ड ऑर्डर बदल जाएगा। इसी सेंटिमेंट का, इसी डर का, इसी कन्फ्यूजन का असर स्टॉक मार्केट पर दिखाई दे रहा है। स्टॉक मार्केट का उठना गिरना, सेंटिमेंट पर निर्भर करता है। चीन की जवाबी कार्रवाई का भी असर हुआ है। इसीलिए दुनिया भर के स्टॉक मार्केट्स में सोमवार को भारी गिरावट आई।
भारत की नजर से देखें तो दो-तीन बातें ध्यान देने वाली हैं। एक तो ये कि वाणिज्य मंत्रालय ने भारतीय़ निर्यातकों की मदद के लिए वित्त मंत्रालय के पास 5 प्रस्ताव भेजे हैं। इनमें सब्सिडी स्कीम्स जारी रखने और बैंक क्रेडिट बढ़ाने के सुझाव भी हैं। दूसरी बात ये कि भारत टैरिफ को लेकर अमेरिका के साथ टकराव नहीं चाहता। भारत की नीति ये है कि अमेरिका से बातचीत करके जितना हो सके टैरिफ कम कराया जाए। लेकिन ये आसान नहीं होगा क्योंकि ट्रंप ने मोलभाव करने के लिए अपनी पोजिशन को काफी मजबूत बना लिया है। तीसरी बात ये कि ट्रंप सिर्फ टैरिफ बढ़ाकर रुकने वालों में नहीं हैं। आने वाले दिनों में अमेरिका की मांगें और बढ़ेंगी। इसीलिए अर्थव्यवस्था और स्टॉक मार्केट पर ये दबाव तो लगातार बना रहेगा। भारत की सबसे बड़ी चिंता उन सेक्टर को लेकर है जिनमें करोड़ों किसान, मजदूर काम करते हैं, जैसे टेक्सटाइल, फुटवियर और कृषि। भारत सरकार इसी को संभालने में लगी है कि किसी तरह किसान और मजदूर का नुकसान न हो। द्विपक्षीय वार्ता में में इन्हीं सेक्टर्स के ‘लो टैरिफ’ के लिए बातचीत होगी। जहां तक निवेशकों का सवाल है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। मार्केट में ये हालात बहुत ज्यादा दिन नहीं रहेंगे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि पैनिक में शेयर्स बेचने की जरूरत नहीं है। कुछ जगह तो शेयर खरीदने का मौका है। लेकिन अपना सारा पैसा मार्केट में डालने की भी जरूरत नहीं है। निवेशकों से तो बस यही कहा जा सकता है, ‘ऐ भाई जरा देख के चलो, आगे ही नहीं, पीछे भी।’







