बिहार की राजधानी पटना में NEET पेपर लीक मामले को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के लोकभवन मार्च के दौरान जमकर बवाल हुआ. प्रदर्शन के बीच हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की, लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल की नौबत आ गई. इसी अफरातफरी के दौरान कुछ उपद्रवी तत्वों ने मौके पर मौजूद मीडिया कर्मियों के साथ भी मारपीट की.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ मीडिया कर्मियों के कपड़े फाड़ दिए गए, कई कैमरामैन के कैमरे छीनने की कोशिश की गई और कुछ पत्रकारों को चोटें भी आईं. बताया जा रहा है कि कई राष्ट्रीय समाचार चैनलों के रिपोर्टर और कैमरामैन भी इस मारपीट का शिकार हुए. कई पत्रकारों के सिर फोड़ दिये गए तो कई मीडियाकर्मियों के कपड़े फाड़ दिये गए. हंगामे और बवाल के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी भी घायल हो गए हैं. ‘
बीजेपी के विधायक डाकबंगला चौराहे से गुजर रहे थे तो छात्रों ने उन्हें भी खदेड़ दिया। अब डाकबंगला चौराहे पर छात्रों को नियंत्रित करने के लिए CRPF और BSF को बुलाया गया है।
छात्रों के प्रदर्शन के बीच पटना आईजी की एस्कॉर्ट पर हमला हुआ है। गाड़ी का शीशा टूटा है। हमले के दौरान अंदर पुलिस वाले भी मौजूद थे।
प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी सहित विपक्ष के नेताओं की ओर से दिए गए धरना के बाद आज (बुधवार) पटना में बीजेपी ने विरोध में मार्च निकाला. कुर्जी से लेकर कांग्रेस दफ्तर तक ये मार्च होना था. इस बीच बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में मारपीट हो गई. कुछ लोगों को चोटें आईं तो एक शख्स का सिर फट गया. खून निकलने लगा. भारी बवाल के दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने कई वाहनों के शीशे तोड़ डाले.
यह मारपीट कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय के पास हुई है. कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ताओं में मारपीट के दौरान दोनों ओर से लाठी-डंडे और पत्थर चले. कई कार्यकर्ताओं के हाथ में लाठी-डंडे थे. कांग्रेस के कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं तो वहीं बीजेपी के भी कई कार्यकर्ताओं को चोट लगी है.
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने आरोप लगाया कि पुलिस की मिलीभगत से यह सब हुआ है. पुलिस एकतरफा काम कर रही थी. उधर बीजेपी के कुछ कार्यकर्ताओं ने कहा कि हम लोग सड़क पर आंदोलन करने के लिए आए थे, लेकिन कांग्रेस ने हमला कर दिया.
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई तीखी झड़प
बुधवार को AISA कार्यकर्ता NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर लोकभवन मार्च निकाल रहे थे. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. वहीं पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने और सुरक्षा व्यवस्था भंग करने की कोशिश की, जिसके कारण भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा.
दिल्ली की घटना के विरोध में भी कर रहे थे प्रदर्शन
AISA कार्यकर्ता दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज का भी विरोध कर रहे थे. उनका कहना था कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय सरकार को पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों पर जवाब देना चाहिए.
कई लोगों के घायल होने की सूचना
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में कुछ छात्रों के घायल होने की भी सूचना है. वहीं मीडिया कर्मियों के साथ हुई मारपीट ने पूरे घटनाक्रम को और गंभीर बना दिया. घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और अतिरिक्त सुरक्षा बल भी बुलाए गए. फिलहाल पूरे मामले में पुलिस की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है. दूसरी ओर AISA ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.