नीतीश कुमार के उत्तर प्रदेश से चुनाव लड़ने के दावों और अटकलों के बीच भाजपा ने उन पर कटाक्ष किया है। बीजेपी ने कहा कि नीतीश कुमार जहां से चुनाव लड़ें उनकी जमानत जब्त होगी। भाजपा ने आरोप लगाए कि नीतीश कुमार बिहार से इतना डर गए हैं कि वे उत्तर प्रदेश से चुनाव लड़ने चल दिए हैं। राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने रविवार को कहा कि नीतीश कुमार अब यूपी से चुनाव लड़ने की सोच रहे हैं। उन्हें पता है कि बिहार के अंदर उनके लिए दो सीट भी जीतना मुश्किल होगा। उनके सहयोगी ने उन्हें सुझाव दिया है या उन्हें आफर दिया गया है कि फूलपुर से चुनाव लड़ें। नीतीश कुमार जाएं, चाहे वह फूलपुर हो या मिर्जापुर हो उनकी जमानत जब्त होगी।
आजमगढ़ और रामपुर में क्या हुआ?
बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि अभी हाल ही में आजमगढ़ और रामपुर का लोकसभा चुनाव हुआ। दोनों क्षेत्र समाजवादी पार्टी के गढ़ माने जाते हैं। यहां से सपा का सफाया हो गया। इसके पहले यूपी में बुआ और बबुआ की जोड़ी को बहुत प्रचारित किया गया। लेकिन क्या हश्र हुआ? भाजपा 64 सीटें जीत गई थी। अखिलेश यादव ने कांग्रेस से हाथ मिलाया था। तब नारा लगा था यूपी को यह जोड़ी पसंद है। क्या हुआ उस जोड़ी का। मोदी ने कहा जिन लोगों ने भाजपा की पीठ में छूरा मारा है वे कहीं से चुनाव लड़ें उनकी जमानत जब्त कराई जाएगी। इससे पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने इंटरनेट पोस्ट के जरिए नीतीश कुमार पर हमला बोला। जायसवाल ने पोस्ट किया कि जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह नीतीश कुमार को फूलपुर से लोकसभा का चुनाव लड़वा रहे हैं। वैसे तो माननीय जी की इतनी हिम्मत नहीं है कि वह नालंदा से बाहर बिहार में भी कहीं चुनाव लड़ सकें, लेकिन अगर प्रधानमंत्री का सपना देखना है तो फूलपुर से चुनाव जरूर लड़ना चाहिए।
बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और लोकसभा सांसद डॉ संजय जायसवाल का कहना है कि मुख्यमंत्री को वहां से चुनाव जरूर लड़ना चाहिए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को यह हिम्मत दिखानी चाहिए कि उनकी पार्टी बिहार के बाहर भी लोकसभा का चुनाव लड़ सकती है। डॉ संजय जयसवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश का फूलपुर कुर्मी बहुल क्षेत्र है, और नीतीश कुमार वहीं से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इसके पहले नीतीश कुमार ने कभी राज्य से बाहर लोकसभा चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं दिखाई है। इस बार उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए खुद ही उत्तर प्रदेश के फूलपुर का चुनाव किया है। हालांकि यह बात उन्होंने खुद अपने मुंह से नहीं बल्कि अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह के मुंह से कहलवायी है। बीजेपी सांसद ने कहा कि नीतीश कुमार का व्यक्तित्व ही ऐसा है कि वह खुद अपने मुंह से ऐसी बातें नहीं करते। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि नीतीश कुमार के अंदर प्रधानमंत्री बनने की प्रबल चाहत है लेकिन मीडिया जब पूछती है तो हमेशा वे कहते हैं कि उनकी कोई इच्छा नहीं है।
डॉक्टर संजय जयसवाल ने यह भी कहा कि अगर नीतीश कुमार की इच्छा नहीं है तो क्या उनकी इच्छा के बगैर पटना में उनके कार्यकर्ता उनके सामने ही प्रधानमंत्री का उम्मीदवार बताते या फिर नीतीश कुमार की इच्छा के बगैर पटना में बड़े-बड़े पोस्टर लगाए जाते। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के फूलपुर से चुनाव लड़ने का मन नीतीश कुमार बना चुके हैं लेकिन अपने कार्यकर्ताओं को यह बात खुद ना कह कर ललन सिंह के जरिए मैसेज दे रहे हैं। इसके अलावा वे अखिलेश यादव को भी इसी के जरिए यह संकेत दे रहे हैं कि फूलपुर सीट उनके लिए छोड़ दी जाए।
ऊपर वाला रिबन तेजस्वी काटते हैं और नीचे वाला रिबन नीतीश: संजय जायसवाल
संजय जायसवाल ने यह भी कहा कि जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह, नीतीश कुमार जी को फूलपुर से लोकसभा का चुनाव लड़वा रहे हैं। वैसे तो नीतीश जी की इतनी हिम्मत नहीं है कि वह नालंदा से बाहर बिहार में भी कहीं चुनाव लड़ सकें, लेकिन अगर प्रधानमंत्री का सपना देखना है तो फूलपुर से चुनाव जरूर लड़ना चाहिए। वैसे भी बिहार में अब नीतीश जी की यह हैसियत रह गई है कि जिस भवन का उद्घाटन करने वह जाते हैं, वहां पर दो उद्घाटन का रिबन लगा रहता है। ऊपर वाला रिबन तेजस्वी जी काटते हैं और नीचे वाले रिबन नीतीश जी के हिस्से में आता है। इतिहास की यह पहली घटना होगी कि जब किसी भवन का उद्घाटन मुख्यमंत्री करें तो वहीं दूसरा रिबन काटकर उद्घाटन उस विभाग का मंत्री करे। संजय जायसवाल ने कहा कि फिर भी मुझसे यह प्रश्न किया जाता है कि मैं माननीय नीतीश जी को ‘रबर स्टाम्प’ मुख्यमंत्री क्यों कहता हूं।
क्या कहा है ललन सिंह ने
JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह बड़ा बयान देते हुए कहा कि यूपी के फूलपुर की जनता चाहती है कि नीतीश कुमार उनके क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ें। ललन सिंह ने कहा कि हम उनकी इच्छा का सम्मान करते हैं। लेकिन नीतीश जी लड़ेंगे की नहीं, ये उनको फ़ैसला करना है। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार को उतर प्रदेश में कई और सीट से भी चुनाव लड़ने का ऑफ़र आया है। इस वक़्त हम इस मामले पर ना इकरार करेंगे ना इनकार। लेकिन इतना तय है, उतर प्रदेश बड़ा राज्य है। अगर अखिलेश यादव और नीतीश कुमार मिल जाएं तो माहौल पूरी तरह से बदल जाएगा।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही उत्तर प्रदेश में नीतीश कुमार और अखिलेश यादव की फोटो लगे पोस्टर देखे गए थे। इसमें यह कहा गया था कि बिहार के बाद यूपी में भी नीतीश कुमार अखिलेश के साथ आ चुके हैं, अबकी बार केंद्र से मोदी सरकार का जाना तय है। बिहार में भी इस पोस्टर को लेकर चर्चा का बाजार गर्म रहा और जेडीयू की ओर से भी नीतीश अखिलेश की जोड़ी की मिसाल दी जाने लगी थी।
नीतीश कुमार ने जनता का विश्वास खोया
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि जिस पार्टी ने अपने दम पर अभी तक किसी भी राज्य में सरकार बनाने में सफलता हासिल नहीं की। जब बिहार में ही नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड को सत्ता में आने के लिए किसी अन्य दल का सहारा लेना पड़ा हो। उस राजनीतिक पार्टी का उत्तर प्रदेश में क्या हश्र होगा, यह समझना मुश्किल नहीं है। प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि नीतीश कुमार बिहार की जनता का विश्वास खो चुके हैं। इसके अलावा नीतीश कुमार का भी बिहार और बिहार वासियों पर भरोसा नहीं रहा।
प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार की जनता से कई बार झूठ बोला है। 2013 में जब नीतीश कुमार बीजेपी से अलग हुए थे, तब उन्होंने 2014 में अकेले लोकसभा का चुनाव लड़ा था, जिसमें उनकी पार्टी को महज 2 सीटें हासिल हुई थी। इसके बाद नीतीश कुमार को अपनी गलती का एहसास हुआ, फिर बीजेपी के साथ हाथ मिलाने को मजबूर हो गए ताकि वह अपनी ताकत बढ़ा सकें। जब 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के साथ मिलकर उन्हें 16 सीट हासिल हो गई तो वह फिर से अपने आप को सुपर पावर समझने लगे हैं। लेकिन बिहार की जनता 2024 के चुनाव में उनका बोरिया बिस्तर बांध कर हमेशा के लिए बिहार की राजनीति से विदा कर देगी।







