स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा है कि कोरोना की तीसरी लहर के मद्ेनजर राज्य के स्वास्थ्यकर्मियों को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा वेंटिलेटर प्रबंधन पर विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। चिकित्सा महाविद्यालयों‚ सदर अस्पताल में कार्यरत एनेस्थेसिस्ट एवं चिकित्सकों के साथ पारामेडिकल स्टाफ‚ बायोमेडिकल इंजिनियर एवं वेंटिलेटर के रख–रखाव से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों की सूची मंगाई गयी है। श्री पांडेय ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान गंभीर रोगियों के लिए वेंटिलेटर की जरूरत अधिक महसूस की गई। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य में ऑक्सीजनयुक्त बेड‚ आईसीयू बेड एवं वेंटिलेटर की व्यवस्था को मजबूत किया गया है। कोविड से संक्रमित अधिकांश व्यक्ति होम आईसोलेशन या कोविड केयर सेंटर में सामान्य उपचार से स्वस्थ हो जाते हैं‚ लेकिन कुछ गंभीर रोगियों को ऑक्सीजन एवं अन्य सपोर्टिव ट्रीटमेंट की जरूरत पडती है। सरकार द्वारा चिकित्सा महाविद्यालयों एवं अस्पतालों तथा सभी जिलों के सदर अस्पताल में वेंटिलेटर उपलब्ध कराये गये हैं। साथ ही वेंटिलेटर के संचालन को लेकर नर्सों‚ चिकित्सकों‚ एनेस्थेसिया आदि फैकल्टी को इस वर्ष के मई एवं जून महीने में कई चरणों में प्रशिक्षण भी दिया गया है। श्री पांडेय ने बताया कि एम्स‚ पटना में २० मई से २८ मई तक दो चरणों में चिकित्सकों‚ नसोंर्‚ मेडिसिन‚ एनेस्थेसिया के फैकल्टी को वेंटिलेटर एवं क्रिटिकल केयर का वर्चुअल प्रशिक्षण दिया गया है। वहीं प्रत्येक जिले के दो चिकित्सक एवं चार–चार स्टाफ नसज को एम्स‚ पटना में क्रिटिकल केयर पर १६ जून से २८ जुलाई के बीच आवासीय ट्रेनिंग दिया गया था।







