गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि ने प्रशासनिक महकमे की बेचैनी बढ़ा दी है. अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. वहीं, नीतीश कुमार रोजाना बाढ़ से उत्पन्न स्थिति का जायजा ले रहे हैं.
गंगा के जलस्तर मे लगातार हो रही वृद्धि के कारण छपरा सदर प्रखंड़ स्थित दियारा क्षेत्र समेत ड़ोरीगंज व मुस्सेपुर आदि बाढ प्रभावित इलाकों का शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दौरा कर‚ दियारे क्षेत्र के महाजी तथा मुस्सेपुर पंचायत में बाढ पीडि़तों के लिए संचालित बाढ राहत आपदा कैम्प शिविर का निरीक्षण किया। प्रशासनिक काफिले के साथ पटना से आरा–छपरा पुल होकर सड़क मार्ग से मुख्यमंत्री करीब दिन के ढाई बजे मुस्सेपुर बंगला पहुंचे जहाँ संचालित बाढ राहत शिविर के साथ सर्वप्रथम मुख्यमंत्री ने पश्चिमी बलुआ के जलमग्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। जिसके बाद उक्त स्थल पर बाढ पीडि़तों के लिए संचालित बाढ राहत शिविर का जायजा लिया। इस दौरान पास ही अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मे मुसेपुर में संचालित कोरोना वैक्सीनेशन सेन्टर का भी उन्होने जायजा लिया व जिलाधिकारी को कई अहम निर्देश दिए। इस दौरान स्थानीय मुखिया मुन्ना कुमार तथा जिला परिषद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि अमरनाथ राय के द्वारा ईलाके को बाढ प्रभावित क्षेत्र घोषित कर‚ बेघर व बेपनाह बाढ पीडि़तों के लिए नावे तथा शीघ्र तिरपाल उपलब्ध कराए जाने की मांग की। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए ड़ीएम साहब को निदेशित कर दिया गया है शीघ्र ही उपलब्ध हो जाएगा। जिसके बाद मुख्यमंत्री का काफिला ज्यो ही रवाना हुआ तभी पश्चिमी बलुआ गाँव निवासी बाढ पीडि़त दिव्यांग रणजीत कुमार साह अचानक मुख्यमंत्री के गाड़ी के आगे खड़ा हो गया। जिसे लगातार पुलिस पीछे धकेलती रही किन्तु मुख्यमंत्री से मिलने की जिद् पर अडि़ग दिव्यांग ड़टा रहा। जिसके बाद गाड़ी रोक मुख्यमंत्री बाहर निकले व दिव्यांग की बातों को सुना। दिव्यांग उसका कहना था कि बाढ में उसका घर ढह गया है वह अपने परिवार के साथ सड़क पर रह रहा है। इसलिए उसे घर बनाने के लिए इंदिरा आवास की सुविधा दी जाए जिसपर मुख्यमंत्री के द्वारा उसकी बाते सुनने के बाद ड़ीएम को इस मामले को देख लेने का निदेश देकर मुख्यमंत्री पुनः अपने काफिले के साथ पटना के लिए रवाना हो गए। वही इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने आरा–छपरा से ही दियारा क्षेत्र के जलमग्न तीनो पंचायतो का निरीक्षण कर बाढ पीडि़तों के लिए समुचित व्यवस्था बहाल रखे जाने का मौजूद अधिकारियों को निदेश दिए।
मुख्यमंत्री ने किया बाढ़ शिविर का निरीक्षण
स्थानीय थाना क्षेत्र के मुस्सेपुर बांग्ला पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बाढ़ निरीक्षण करते हुए पहुँचे। उन्होंने पटना से आरा कोइलवर के रास्ते ड़ोरीगंज पहुंचे जहाँ आरा–छपरा पुल पर गाड़ी रोक बाढ़ में ड़ूबे दियरा क्षेत्र का मुआयना किये। जहाँ पहले से मौजूद जिलाधिकारी ड़ॉ नीलेश रामचंद्र देवरे पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार प्रखंड़ विकास पदाधिकारी सदर अंचलाधिकारी ड़ोरीगंज थाना अवतार नगर थाना के पदाधिकारी मौजूद थे। जिससे मुख्यमंत्री ने बाढ़ कितने गाँव प्रभावित हुए है। उनको सरकार की तरफ से क्या राहत पहुँचता है। नाव के ८ क्या व्यवस्था है। सभी पहलू पर ध्यान देते हुए निर्देशित किये। उसके बाद मुसेपुर में चल रहे सामुदायिक रसोई का निरीक्षण किया। साथ में चिकित्सा जाँच शिविर का जायजा लिया तथा किचेन में भोजन कर रहे बाढ़ पीडि़तों से मिल कर राहत का जायजा लिया। वही कुछ ग्रामीणों का आरोप भी लगाया गया कि प्रशासन के द्वारा बाढ़ में नाव की कोई व्यवस्था नही। जिससे पानी बढ़øने पर ऊँचे स्थानों पर बच्चे बूढ़े महिलाएं सभी परेशान है। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर आज एक नाव लाया गया है।
बाढ़ राहत आपदा केन्द्र में कार्यरत कम्यूनिटी किचेन व चिकित्सकीय जांच केन्द्र का निरीक्षण करते हुए सीएम ने बाढ़ पीडि़तों से मुलाकात की
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा सारण जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर बाढ़ पीडि़तों के लिए बनाये गये आपदा राहत केन्द्र का निरीक्षण किया गया। बाढ़ राहत आपदा केन्द्र में कार्यरत कम्यूनिटी किचेन एवं चिकित्सकीय जाँच केन्द्र का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री ने मुसेपुर चकिया पर बने राहत शिविर में बाढ़ पीडि़तों से मुलाकात भी की।
मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों से मास्क पहने रहने की अपील की। सोशल डि़स्टेंसिंग का पालन करते हुए कार्य करने की नसीहत भी दी। बाढ़ राहत शिविर में बने चिकित्सकीय केन्द्र पर जाकर चिकित्सकों को बाढ़ पीडि़त लोगों की चिकित्सकीय जाँच कर उन्हें दवा भी उपलब्ध कराने को कहा। बाढ़ राहत शिविर में बने कम्यूनिटी किचेन के जरिये उपलब्ध भोजन के बारे में भी बाढ़ पीडि़तों से जानकारी ली। बाढ़ पीडि़तों ने भोजन की गुणवत्ता पर संतोष जताया। मुख्यमंत्री ने कम्यूनिटी किचेन में जाकर स्वयं खाना बनाने हेतु प्रयोग किये जा रहे सामग्रियों को देखा एवं रसोईया को मास्क लगाकर ही खाना बनाने को कहा। खाने खिलवाते समय भी मास्क का प्रयोग निश्चित रुप से करे इसका ध्यान रखने को कहा गया। उन्होंने हर तरह का संभव सहायता अविलम्ब उपलब्ध कराने का निदेश जलाधिकारी सारण को दिया। मुख्यमंत्री के साथ माननीय मंत्री जल–संसाधन एवं सूचना एवं जन–सम्पर्क विभाग श्री संजय कुमार एवं विभिन्न विभाग के प्रधान सचिव‚ आयुक्त सारण प्रमंड़ल‚ ड़ी.आई.जी सारण‚ जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक सारण के साथ बड़ी संख्या में जिलास्तरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।







