राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव और भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बिहार सरकार और भाजपा पर जुबानी हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बांकीपुर उपचुनाव में लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का प्रयास किया गया। वहीं, भरत तिवारी मामले में एक कांस्टेबल को गिरफ्तार कर अधिकारियों को बचाया जा रहा है।
धनतंत्र से लड़ा गया बांकीपुर उपचुनाव: RJD
बांकीपुर उपचुनाव पर शक्ति सिंह यादव ने कहा कि इस बार का चुनाव यह दिखाता है कि लोकतंत्र धनतंत्र के सामने कमजोर दिखाई दे सकता है, लेकिन विचारधारा और सिद्धांतों में विश्वास रखने वाले प्रतिबद्ध मतदाता अपने रुख पर अडिग रहे। उपचुनाव केवल एक सीट का चुनाव होता है, जिससे न सरकार बनती है और न ही गिरती है। ऐसे चुनावों में कई लोग अवसरवादी राजनीति करते हैं और बहती गंगा में हाथ धोने की कोशिश करते हैं, जिससे चुनावी परिणाम और लोकतांत्रिक विचारधारा दोनों प्रभावित होते हैं।
प्रशांत किशोर को भी राजद ने लपेटा
उन्होंने आरोप लगाया कि बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज और भाजपा ने मिलकर धनबल का इस्तेमाल किया। चुनाव के दौरान धन के खुले प्रवाह और उसके प्रदर्शन ने लोकतंत्र को कमजोर किया है। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल ने पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़ा है और पार्टी को विश्वास है कि उसका प्रत्याशी जीत हासिल करेगा। कम मतदान प्रतिशत पर शक्ति सिंह यादव ने कहा कि वोटिंग प्रतिशत में गिरावट सत्ता प्रतिष्ठान के प्रति जनता की नाराजगी और असंतोष का संकेत है। यह सरकार के खिलाफ लोगों के बढ़ते अविश्वास का प्रतीक है।
भरत तिवारी एनकाउंटर की जांच पर सरकार से सवाल
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर शक्ति सिंह यादव ने सरकार और जांच एजेंसियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में एसटीएफ द्वारा केवल एक कांस्टेबल की गिरफ्तारी से न्याय नहीं मिलेगा। उन्होंने पूछा कि आखिर गोली चलाने का आदेश किसने दिया और इस फर्जी एनकाउंटर का असली जिम्मेदार कौन है। किसी भी पुलिसकर्मी के लिए बिना आदेश के गोली चलाना संभव नहीं है, इसलिए आदेश देने वाले अधिकारी और साजिश में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
भय का वातावरण शासन ने पैदा किया। राष्ट्रीय जनता दल दो-दो भाजपा से लड़ रही थी। एक डायरेक्ट भाजपा से और दूसरा BJP का पोसुआ उम्मीदवार (प्रशांत किशोर)। शासन दोनों को मदद कर रहा था। ये चुनाव का विचित्र स्वरूप था।
शक्ति सिंह यादव, प्रवक्ता, RJD
सुल्तानगंज फर्जी एनकाउंटर की जांच ही नहीं हुई: राजद
उन्होंने आरोप लगाया कि सुल्तानगंज में हुए कथित फर्जी एनकाउंटर की समय पर निष्पक्ष जांच नहीं हुई। यदि उसी समय सभी संबंधित संस्थाएं सक्रिय होकर कार्रवाई करतीं, तो मामला इतना आगे नहीं बढ़ता। अब केवल एक सिपाही को बलि का बकरा बनाया जा रहा है, जबकि असली जिम्मेदारों को बचाया जा रहा है। इस पूरे मामले में आदेश देने वाले अधिकारियों और कथित साजिशकर्ताओं की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।







