- सोशल मीडिया पर गाली-गलौज करने पर कार्रवाई होगी.
- अभद्र भाषा या आपत्तिजनक पोस्ट लिखना अपराध माना जाएगा.
- दोषियों पर गुंडा एक्ट (CCA) लगाया जा सकेगा.
- ऐसे मामलों में 6 महीने से 1 साल तक की जेल हो सकती है.
पेपर लीक किया तो गए…
सरकार ने पेपर लीक करने वालों पर भी सख्ती करने का फैसला लिया है. अब परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने वाले भी बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम के दायरे में आएंगे. यानी ऐसे आरोपियों पर भी गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकेगी. सरकार का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की कई घटनाएं सामने आई हैं. इससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है. इसी वजह से सरकार ने कानून को और सख्त बनाने का फैसला लिया है.
- पेपर लीक करने वालों पर सीसीए के तहत कार्रवाई होगी.
- संगठित तरीके से पेपर लीक करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी.
- सरकार का कहना है कि इससे पेपर लीक पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.
कैबिनेट बैठक में शिक्षा से जुड़े कई अहम फैसले भी लिए गए. बिहार इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी गई. इसके अलावा बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय विधेयक-2026 को भी हरी झंडी मिली. मुजफ्फरपुर में शहीद जुब्बा सहनी वास्तुकला एवं असैनिक अभियंत्रण विश्वविद्यालय खोलने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है.
- सोशल मीडिया पर गाली-गलौज करने वालों पर सख्त कार्रवाई.
- अभद्र पोस्ट करने वालों पर गुंडा एक्ट लगाया जाएगा.
- 6 महीने से 1 साल तक की सजा का प्रावधान.
- पेपर लीक करने वाले भी सीसीए के दायरे में आएंगे.
- साइबर और डिजिटल अपराधों पर सरकार सख्त.
- बिहार इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय कानून में संशोधन.
- बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय विधेयक-2026 को मंजूरी.
- मुजफ्फरपुर में नए वास्तुकला एवं सिविल इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी.







