उधर, विपक्ष भी आज पूरी तैयारी के साथ सदन में उतरने वाला है. विपक्षी दल शिक्षा, कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, बाढ़ और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुके हैं. ऐसे में प्रश्नकाल और शून्यकाल के दौरान तीखी नोकझोंक और हंगामे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. सरकार की कोशिश रहेगी कि ज्यादा से ज्यादा विधायी कामकाज पूरा हो, जबकि विपक्ष जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर करेगा. ऐसे में मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी.
कई महत्वपूर्ण नियमावली सदन में होंगे पेश
आज सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई, जिसमें अल्पसूचित एवं तारांकित प्रश्न लिए जा रहे हैं। औपचारिक कार्य के तहत संदेश या विधेयक को सदन के पटल पर रखा जाएगा। इसके अलावा अध्यक्ष अवधेश नारायण सिंह द्वारा मुख्यमंत्री मंत्रीपरिषद समिति की 216वीं प्रतिवेदन की प्रति सदन में रखेंगे। सरकार कई महत्वपूर्ण नियमावलियों को सदन के पटल पर रखेगी। इनमें बेतिया राज की संपत्तियों को निहित करने वाली नियमावली, 2026, बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्ती (संशोधन) नियमावली, 2024 एवं 2025, तथा बिहार कार्यपालिका (संशोधन) नियमावली, 2023 शामिल हैं। इसके अलावा बिहार राज्य सहवद्ध एवं स्वास्थ्य देखभाल परिषद नियमावली, 2026, उसके संशोधन तथा सीनियर रेजिडेंट/ट्यूटर एवं बिहार चिकित्सा शिक्षा सेवा भर्ती, नियुक्ति एवं प्रोन्नति नियमावली से जुड़े संशोधन भी सदन के पटल पर रखे जाएंगे।
सोमवार को सदन में नीट पेपरलीक मामले पर हुआ हंगामा
बिहार विधान मंडल का मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को कार्यवाही शुरू होने के साथ ही विपक्ष के विधायकों ने नीट पेपरलीक को लेकर हंगामा किया और केंद्रीय शिक्षा मत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। स्पीकर के समझाने के बाद विधायक शांत हुए। विपक्ष विधानसभा के गेट से लेकर मुख्य पोर्टिको तक पैदल मार्च निकाला। विपक्ष के विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाएं।
लाइव अपडेट्स
केंद्र की सरकार संवेदनहीन हैः राजद विधायक
RJD विधायक राहुल शर्मा बोले- दिल्ली में छात्रों को बेरहमी से पीटा गया। ये संवेदनहीन सरकार अपने मंत्री से सवाल नहीं करती, छात्रों को मारती है।
सरकार सीमांचल की अनदेखी कर रहीः अख्तरूल ईमाम
AIMIM विधायक अख्तरूल ईमाम ने कहा, सरकार सीमांचल की अनदेखी कर रही। सीमांचल में कटाव हो रहा है। किशनगंज, अमौर , बाइसी में पानी फैल जाता है। सही काम नहीं हो रहा है। सैलाब से तबाही हो रही है। नदियों के कटाव को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। हजारों लोग विस्थापित हो गए है। सड़कें नहीं बन पा रही है। पुल टूटे है। टेंडर के बाद भी काम नहीं हो रहा है। सरकार की आलोचना होगी। शिक्षा का हाल चौपट है। कितने गलत लोग डॉक्टर बन गए हैं। पेपर लीक रहे हैं।
पोर्टिको में विपक्ष का प्रदर्शन,
विधानसभा पोर्टिको में विपक्षी विधायक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। उनके हाथों में ‘भ्रष्टाचार में नबंर वन बिहार’, ‘अपराध में नबंर वन बिहार’ जैसे स्लोगन वाली तख्तियां है।
माले विधायक बोले- जाति देखकर मॉब लिंचिंग हो रही
माले विधायक अजय कुमार ने बिहार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। बोले- जाति देखकर मॉब लिंचिंग हो रही है। नालंदा में दो लड़कों को बस इसलिए मार दिया गया, क्योंकि वो पासवान जाति से थे।
कांग्रेस विधायक बोले- दिल्ली में जो हुआ वो लोकतंत्र के लिए खतरा
कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन ने कहा कि राम मंदिर चंदा चोरी मामला, वोट चोरी मामला, पेपर लीक जैसे मामलों में मोदी जी की सरकार चुप है। जो स्टूडेंट के राइट्स है, उसके लिए कोई प्रोटेस्ट कर रहा है तो उसे खत्म किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर अपशब्द कहने पर सीसीए लगेगा, एक साल तक की जेल हो सकती है, सरकार के इस फैसले पर कांग्रेस विधायक ने कहा, अपनी बात को एक मर्यादा में सोशल मीडिया पर रखे इससे कोई एतराज नहीं होना चाहिए। लोगों को आवाज दबाने की कोशिश की जाए तो सरकार की मंशा जाहिर है। सरकार के खिलाफ बोलने पर डराया जाता है।
तेजस्वी यादव के मानसून सत्र में नहीं आने के सवाल पर कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन ने कहा, इसे लेकर राजद के विधायकों से सवाल करिए। हमारी पार्टी का उनसे गठबंधन है, लेकिन में कांग्रेस कार्यकर्ता हूं।
राहुल गांधी को कोई गंभीरता से नहीं लेताः बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने प्रधानमंत्री मोदी पर राहुल गांधी के बयान पर कहा, “राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। उनकी बात को कोई गंभीरता से नहीं लेता है। उन्हें इस मुद्दे को लोकसभा में उठाना चाहिए। लोकसभा में मामले को न उठाकर शोरगुल करना किसी हालत में उचित नहीं है।”
मंत्री श्रवण कुमार बोले- कानून तोड़ने पर कार्रवाई होगी
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन पर लाठीचार्ज को लेकर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, अगर देश के नेता-मंत्री भी कानून को हाथ में लेंगे तो कार्रवाई होगी। 2030 तक एक करोड़ नौकरी-रोजगार देने के लक्ष्य के लिए सरकार सम्राट चौधरी के नेतृत्व में काम कर रही है।







