बिहार की सियासत और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के सांगठनिक ढांचे को दुरुस्त किया जाएगा। आगामी 21 जून को पटना स्थित जदयू प्रदेश कार्यालय के कर्पूरी सभागार में पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की एक हाई-प्रोफाइल बैठक बुलाई गई है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर बनाए रखने के फैसले को अंतिम रूप देना है। नीतीश कुमार इसी साल 25 जनवरी को पार्टी की कमान संभालते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे। इस बैठक में देश और राज्य भर से पार्टी के दिग्गज नेताओं का जमावड़ा होने जा रही है। इसे कुछ जानकार शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देख रहे हैं।
बैठक में शामिल होंगे देश भर के दिग्गज
पार्टी कार्यालय के कर्पूरी सभागार में होने वाली इस बैठक का स्वरूप काफी व्यापक होगा। इसमें जदयू के राष्ट्रीय, प्रदेश और जिला स्तर के सभी प्रमुख पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषद के सम्मानित सदस्य भी इस बैठक में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे, ताकि सांगठनिक फैसलों को सर्वसम्मति से लागू किया जा सके। नीतीश कुमार ने जब से सीएम पद छोड़ा है, तब से पार्टी में काफी ऐक्टिव दिख रहे हैं। आजकल पार्टी ऑफिस भी ठीकठाक आ रहे हैं। जेडीयू के मंत्रियों से भी सरकार के कामकाज से अपडेट होते रहते हैं।
महत्वपूर्ण मुद्दों पर होगी विस्तृत चर्चा
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने ने बताया कि इस बैठक में मुख्य रूप से संगठन के सुदृढ़ीकरण (मजबूती) और भविष्य की राजनैतिक और संगठनात्मक रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही, पार्टी के देशव्यापी सदस्यता विस्तार, कार्यकर्ताओं की बदलती भूमिका और जनहित के विभिन्न ज्वलंत विषयों पर भी गंभीर चर्चा होगी।
जेडीयू बैठक का पूरा शेड्यूल
सुबह 10:00 बजे: सबसे पहले निवर्तमान राष्ट्रीय पदाधिकारियों की एक संक्षिप्त बैठक से दिन की शुरुआत होगी।
सुबह 10:30 से 11:30 बजे: इसके ठीक बाद निवर्तमान राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें पिछले कार्यों की समीक्षा होगी।
पूर्वाह्न 11:45 बजे: फिर बिहार की नवनिर्वाचित राज्य परिषद की महत्वपूर्ण बैठक शुरू होगी, जिसमें नए सदस्यों का स्वागत और आगामी दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे।
नीतीश कुमार के नेतृत्व पर अंतिम मुहर
इस पूरी बैठक का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव नीतीश कुमार के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की कमान संभालने के निर्णय को विधिवत मंजूरी देना है। 25 जनवरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद, सांगठनिक नियमों के तहत राष्ट्रीय परिषद की इस बैठक में उनके नाम पर अंतिम और आधिकारिक मुहर लगा दी जाएगी।







