मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि उद्योगों, निवेशकों, स्टार्टअप, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और आम नागरिकों को सेवाओं के लिए बार-बार कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़े, इसे सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों को लाइसेंस देने, अनुमति प्रदान करने और निरीक्षण आदि प्रक्रियाओं को सरल और आसान बनाने का ठोस प्रस्ताव बनाने का निर्देश दिया है। इससे निवेश और व्यापार की राह की जटिल प्रक्रियाएं आसान होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की भूमिका नागरिकों और उद्यमियों के लिए सुविधा प्रदान करने के लिए होनी चाहिए। अनावश्यक अनुपालनों को समाप्त कर राज्य में निवेश और व्यवसाय के लिए सुगम वातावरण सुनिश्चित करें।
समीक्षा बैठक में दिए कई निर्देश: मुख्यमंत्री ने सोमवार को लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में अनुपालन में कमी और विनियमन में ढील (कंप्लायंस रिडक्शन एंड डिरेगुलेशन) से संबंधित समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने कई निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग डिजिटल माध्यमों, स्व-प्रमाणन, ऑनलाइन अनुमोदन तथा समयबद्ध सेवा वितरण की व्यवस्था को और सुदृढ़ करें। विभाग यह सुनिश्चित करें कि एक ही सूचना विभिन्न स्तरों पर बार-बार मांगने की व्यवस्था समाप्त हो।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन हर माह दस तारीख को खाते में जाएगी…….
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि हर हाल में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभुकों के खाते में प्रत्येक माह की 10 तारीख को राशि का भुगतान सुनिश्चित करें। उन्होंने दो टूक कहा है कि पेंशन राशि के भुगतान में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने सोमवार को लोक सेवक आवास में समाज कल्याण विभाग की समीक्षा की और कई निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर दी जानेवाली सेवाओं की तकनीक के माध्यम से गहन निगरानी की जाये। आंगनबाड़ी केंद्रों में सेविकाओं/सहायिकाओं तथा शत प्रतिशत लक्षित बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र जितना अच्छा बनेगा, बच्चों का विकास उतना ही अच्छा होगा। विभाग में रिक्त पदों को भरने की कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्टंटिंग एवं वेस्टिंग के आंकड़ों में सुधार करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। परवरिश योजना सहित अन्य सामाजिक कल्याण योजनाओं के दायरे का विस्तार करते हुए अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित किया जाए। योजनान्तर्गत दिये जानेवाले लाभ को बढ़ाने हेतु पुनः समीक्षा की जाए।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन को सुदृढ़ बनाने के लिए कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के माध्यम से सहयोग प्राप्त करने की संभावनाओं पर कार्य किया जाए। राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का
नियमित एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित की जाये, ताकि लाभार्थियों को निर्धारित सेवाएं समय पर उपलब्ध हो सकें। सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता एवं समयबद्ध निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि जन कल्याण के कार्यों को पूरी संवेदनशीलता के साथ करना है, इससे लोगों का जीवन बदलेगा।







