भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने प्रदेश पदाधिकारियों की सूची से अबकी बार सत्ता वालों की संगठन से छुट्टी कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी की टीम में सिर्फ दो विधायक हैं। इसमें सरावगी के अतिरिक्त दूसरे विधायक त्रिविक्रम सिंह कोषाध्यक्ष बनाए गए हैं। एमएलसी एक भी नहीं हैं।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल की टीम में एक सांसद एवं दो एमएलसी थे। आगे चलकर तीन प्रदेश मंत्री विधायक चुन लिए गए थे। इसमें रत्नेश कुशवाहा एवं संजय गुप्ता का नाम सम्मिलित है। जबकि धर्मशीला गुप्ता सांसद थीं।
3 पूर्व विधायकों को मिली जगह
नई टीम में नई टीम में अनुभवी, संघर्षशील एवं संगठननिष्ठ कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। तीन पूर्व विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल, पवन जायसवाल एवं प्रणव यादव को जगह मिली है।
मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने कहा कि यह टीम बिहार भाजपा की सामाजिक प्रतिबद्धता एवं सर्वस्पर्शी संगठनात्मक सोच को दर्शाती है। नई टीम में पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा समाज से 17 सदस्यों को सम्मिलित किया गया है। पार्टी की पहल से सामाजिक न्याय एवं सहभागिता की नीति को मजबूती मिली है। इसके अतिरिक्त चार सदस्य दलित समाज से लिए गए हैं, जिनमें पासी, रविदास, पासवान एवं धोबी समाज का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है। नौ महिलाओं को भी स्थान दिया गया है। पूर्व की तुलना एक महिला प्रदेश पदाधिकारी की संख्या बढ़ी है। सर्वण समाज से 16 कार्यकर्ताओं को प्रदेश संगठन में जगह मिली है।







