मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ ग्रहण किया। राजनीतिक गलियारों में सवालों और अटकलों के बीच बस अब यही चर्चा है कि नीतीश कुमार कब मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ेंगे। अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला किया है। तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्यसभा जाना नीतीश की इच्छा नहीं थी, बल्कि उन पर जबरन दवाब बनाया गया है। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यही इच्छा होती तो वह चुनाव से पहले भी बोल सकते थे। अचानक से सीएम की शपथ लेने के बाद तो उनकी इच्छा नहीं जगी होगी।
तेजस्वी यादव ने एनडीए पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के वक्त तो नेता कहते थे कि 2025 तक नीतीश ही रहेंगे, फिर अचानक यह बदलाव क्यों? तेजस्वी यादव ने कहा कि यह नीतीश कुमार का फैसला नहीं है, बल्कि उन पर थोपा गया फैसला है। उन्होंने सवाल पूछा है कि इतने बड़े जनादेश के बाद भी सरकार में बदलाव आखिर किस मजबूरी में किया जा रहा है? तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने राज्यसभा की शपथ ली है, कोई प्रधानमंत्री पद की नहीं।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एलपीजी की किल्लत पर लोगों की होने वाली परेशानियों को लेकर भी सरकार पर हमला किया। उन्होंने कहा कि गैस की किल्लत की वजह से बड़ी संख्या में बाहर काम करने वाले मजदूर बिहार लौट रहे हैं, लेकिन बिहार सरकार ने उनके लिए किसी तरह की कोई व्यवस्था नहीं की। यहां तक कि इसपर कोई चर्चा भी नहीं हो रही है। तेजस्वी यादव ने कड़े स्वर में विरोध जताते हुए कहा कि इन लोगों का तो बस काम ही है कि भांड में जाए बिहार, लेकिन अपनी कुर्सी पर हम बने रहे। उन्होंने कहा कि ये लोग काम करने वाले थोड़े ही हैं?, ये लोग बिहार को बदनाम और बर्बाद करने का काम कर रहे हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा, उसे जनता का मैनडेट है क्या?







