प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कैबिनेट की सूरत पूरी तरह नहीं पर बदलने वाली है। पीएम मोदी के आसपास बैठने वाले कुछ चेहरे हटेंगे तो कुछ नए चेहरे आयेंगे। पर इस बदलाव में कौन नया चेहरा मंत्रिपरिषद में शामिल होगा और कौन नामचीन चेहरा मंत्रिपरिषद से बाहर होगा, यह कहना उतना आसान नहीं, जितनी रिपोर्ट मीडिया का स्पेस ले रही हैं। मंत्रिमंडल विस्तार के इस चर्चा में बिहार भी शामिल है। वजह इसकी यह भी है कि साझा सामाजिक ,संस्कृति के तहत यूपी और बिहार का अपना कनेक्शन है। और तो और यूपी में योगी सरकार का हैट्रिक दांव पर लगा है। चलिए समझते हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी सोशल इंजीनियरिंग साधने के लिए किन नए चेहरों को मंत्रिपरिषद में जगह दे सकते हैं।
पीएम कैबिनेट में बिहार के वर्तमान मंत्रियों की लिस्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कैबिनेट में फिलहाल बिहार से एनडीए के आठ मंत्री हैं।
- बीजेपी से केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह
- गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय
- कोयला और खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दूबे
- जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी
- जनता दल यू से पंचायती राज और मत्स्य पालन, पशुऊर्जापालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह
- कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर
- लोजपा (रामविलास) के कोटे से चिराग पासवान
- हम से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री जीतनराम मांझी
बिहार से फेर बदल की गुंजाइश कम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के कार्य करने के तरीकों पर नजर डाले तो इस बार मंत्रिमंडल विस्तार को ले कर बिहार को लेकर किसी फेरबदल की गुंजाइश काफी कम है। बिहार से कुल आठ मंत्री में चार मंत्री तो गठबंधन दल के हैं। तीन तो पार्टी के बड़े चेहरे हैं। यहां पीएम नरेंद्र मोदी कुछ नहीं थोप पाएंगे। ऐसे में जदयू के केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और रामनाथ ठाकुर के मंत्रिपरिषद से हटने का खतरा नहीं है। नीतीश कुमार के केंद्रीय मंत्री बनने को ले कर जो चर्चा का बाजार गर्म है ,उसमें कोई तार्किक बात निकल कर सामने नहीं आई। वैसे भी मुख्यमंत्री पद पर लगातार बने रहने का रिकॉर्ड इनके नाम हैं। वैसे में केंद्रीय मंत्री का पद उनकी राजनीतिक कद के मुताबिक तो नहीं ही है। सवर्ण और पिछड़ा वाला सामाजिक समीकरण के साथ नीतिश कुमार आज खड़े हैं। अगर पीएम नरेंद्र मोदी ने जदयू को तीसरे मंत्री पद के लिए स्वीकृति दी होगी तो संजय झा की लॉटरी लग सकती है। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और, लोजपा (आर) के मंत्रियों में बदलाव नहीं होना है।’
बीजेपी में चर्चा का बाजार गर्म
प्रदेश भाजपा में बदलाव के चर्चे ज्यादा हैं पर विश्वास काफी कम है। यहां भी चुनाव नहीं है तो बदलाव की उम्मीद भी कम है। नए चेहरे को ले कर चर्चा है तो उनमें दो सांसदों के नाम की चर्चा काफी तेजी से चल रही है। एक तो विवेक ठाकुर और दूसरे राज्य सभा सदस्य मनन मिश्रा। यह तभी संभव है जब गिरिराज सिंह और सतीश चंद्र दूबे हटाए जाएं। एक चर्चा यह भी है कि एनडीए खास कर बीजेपी में राजपूत जाति को हिस्सेदारी को ले कर अगर नरेंद्र मोदी सामाजिक समीकरण दुरुस्त करने की मंशा रखेंगे तो राजीव प्रताप रूडी या जनार्दन सिंह सिग्रीवाल मंत्री बन सकते हैं।







