अब कहां से पइसा देबई हो।’ गेहूं की फसल देखते ही बेगूसराय के किसान विक्रम सिंह दहाड़ मारने लगते हैं। ये चीख आज बिहार के लाखों किसानों की पीड़ा बन गई है। शुक्रवार और शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश और तेज आंधी ने लगभग तैयार खड़ी गेहूं, मक्का और सरसों की फसलों को जमींदोज कर दिया। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो इस प्राकृतिक आपदा से रबी फसलों को 30 प्रतिशत और आम-लीची के मंजरों को 50 फीसदी तक नुकसान हुआ है। अररिया से लेकर औरंगाबाद और कटिहार से लेकर मधेपुरा तक खेतों में पानी भर जाने से दाने काले पड़ने का डर है। मौसम विभाग की 26 से 28 मार्च तक फिर आंधी-बारिश की चेतावनी ने किसानों की रातों की नींद उड़ा दी है।
बिहार में बर्बादी से टूटे किसान
बेगूसराय के छौड़ाही में किसान विक्रम सिंह अपनी गिरी हुई गेहूं की फसल देख खेत में लोट-लोट कर रोने लगे। बेमौसम बारिश से कमोबेश पूरे बिहार की यही हालत है। जिन किसानों ने कर्ज लेकर गेहूं की बुआई की थी, उन पर आफत ज्यादा है। विक्रम जैसे हजारों किसानों के पास अब कर्ज लौटाने का कोई जरिया नहीं बचा है। मधेपुरा में फसल की तबाही देख किसान खेत में ही बेहोश हो गए। अररिया और समस्तीपुर के किसानों का कहना है कि उन्होंने खून-पसीने से फसल सींची थी, लेकिन एक रात की बारिश ने सब कुछ मिट्टी में मिला दिया।
गेहूं, मक्का, आम और लीची तबाह
बिहार के दर्जनभर जिलों में सबसे ज्यादा तबाही है। अररिया, खगड़िया, बेगूसराय, दरभंगा, समस्तीपुर, कटिहार, औरंगाबाद और मधेपुरा में तबाही ही तबाही है। बेगूसराय में सबसे ज्यादा करीब 65 फीसदी गेहूं और 30 प्रतिशत मक्का की फसल बर्बाद हो गई। औरंगाबाद में स्ट्रॉबेरी और सब्जियों की नाजुक फसलें जलजमाव के कारण सड़ रही हैं। बताया जा रहा है कि जो गेहूं गिर गए हैं, उनके दाने अब पूरी तरह विकसित नहीं हो पाएंगे।
वहीं, राजद के बक्सर से सांसद सुधाकर सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर हाल के दिनों में हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। सुधाकर सिंह ने अपने पत्र में लिखा है कि 19 मार्च से 21 मार्च तक बिहार में अचानक हुए मौसम परिवर्तन के कारण तेज आंधी, तूफान, एवं लगातार बारिश ने राज्य के किसानों को भारी क्षति पहुंचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के चलते विशेष रूप से रबी फसलें जैसे गेहूं, मक्का, सरसों के साथ-साथ दलहनी फसलें जैसे अरहर, मसूर आदि व्यापक रूप से प्रभावित हुई हैं। बिहार में बर्फ-पानी-बिजली सब गिरा, आज भी सतर्क रहने की जरूरत, गेहूं-मक्के की फसल पर आफत 19 मार्च से 21 मार्च तक बिहार में अचानक हुए मौसम परिवर्तन के कारण तेज आंधी, तूफान, एवं लगातार बारिश ने राज्य के किसानों को भारी क्षति पहुंचाई है।
फसलों की भारी नुकसान को देखते हुए प्रशासन ने सुध लेनी शुरू कर दी है। खगड़िया और बेगूसराय के जिला कृषि पदाधिकारियों (DAO) ने सभी प्रखंडों में फसल क्षति के सर्वे के आदेश जारी कर दिए हैं। इस सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही प्रभावित किसानों को सरकारी मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि, किसानों की मांग है कि प्रक्रिया में तेजी लाई जाए क्योंकि उनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी है। अगली फसल के लिए पूंजी भी नहीं बची है।







