नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज गांवपालिका स्थित कप्तानगंज में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था लगातार छठे दिन भी अभूतपूर्व स्तर पर कायम रही। अररिया जिले के नरपतगंज प्रखंड अंतर्गत फुलकाहा थाना क्षेत्र से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा पूरी तरह सील रही। सीमा पार आम लोगों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध जारी रहने से सीमावर्ती गांवों के दैनिक जीवन पर भी असर पड़ा है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं। गौरतलब है कि 26 जुलाई की रात नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज गांवपालिका के कप्तानगंज में दो समुदायों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। इस दौरान गोली लगने से 24 वर्षीय ओमप्रकाश मेहता की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि गंभीर रूप से घायल 22 वर्षीय जयप्रकाश मेहता ने इलाज के दौरान गुरुवार को दम तोड़ दिया। दो युवकों की मौत के बाद नेपाल के प्रभावित क्षेत्रों में तनाव और बढ़ गया, जिसके बाद भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया।
फुलकाहा एसएसबी बीओपी प्रभारी सहायक सेनानायक राणा कुमार के नेतृत्व में एसएसबी, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बीएसएपी) और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम लगातार सर्च अभियान चला रही है. सीमा पर संयुक्त गश्त भी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके. उधर, मानिकपुर बॉर्डर पर एसएसबी और बिहार पुलिस ने संयुक्त फ्लैग मार्च निकाला. इस दौरान सीमावर्ती गांवों के लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई. सुरक्षा एजेंसियां हालात पर लगातार नजर रखे हुए हैं.
नेपाल में तनाव का असर सीमा पार कारोबार पर भी पड़ा है. सीमावर्ती इलाकों में व्यापार प्रभावित हुआ है और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को भी जांच के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और हालात सामान्य होने तक सीमा पर सख्ती जारी रहेगी.
संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा का जायजा
अभियान का नेतृत्व एसएसबी के डिप्टी कमांडर आर. एन. विश्वास और असिस्टेंट कमांडेंट भेरजी सोढ़ा ने किया. वहीं लदनियां थाना की ओर से एडिशनल एसएचओ पुलिस चौधरी सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी और जवान अभियान में शामिल रहे.
संयुक्त टीम ने सीमा से सटे संवेदनशील क्षेत्रों, प्रमुख आवागमन मार्गों और सीमावर्ती गांवों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की.
संदिग्धों की जांच, गश्त बढ़ाई गई
गश्ती के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन जांच की गई. सुरक्षा बलों को सीमा पार होने वाली हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखने और पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए गए. अधिकारियों ने बताया कि सीमा क्षेत्र में नियमित गश्त और निगरानी को और तेज कर दिया गया है.
हर स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियां तैयार
अधिकारियों के अनुसार, नेपाल की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए भारत-नेपाल सीमा पर शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसएसबी और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से लगातार अभियान चला रही है. सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में पूरी सतर्कता बरती जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी हैं.







