साल 2026-27 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने सरकार का लक्ष्य जैसे ही इन्फ्रास्ट्रक्चर से निवेश पर शिफ्ट करने की घोषणा की तो सत्ता पक्ष के सदस्यों ने मेज थपथपाकर खुशी का इजहार किया। उसी वक्त विपक्ष के विधायक भाजपा-जदयू के विधायकों की ओर नयनों के व्यंग्य बाण चला रहे थे। वित्त मंत्री प्रति व्यक्ति आय दोगुना करने, सात निश्चय-3 के संकल्पों को जमीन पर उतारने और डेढ़ करोड़ महिलाओं को दो-दो लाख रुपये देने के पुराने वादों को ज्यों-ज्यों दुहरा रहे थे, सत्ताधारी गठबंधन के सदस्यों की बांछें खिल रही थी और राजद-कांग्रेस के विधायक ऐसी मुद्रा बना रहे थे- जैसे कह रहे हों कि पीट लो थोड़ी देर ताली, बजट पर बहस में बखिया उधेड़ देंगे। विपक्ष की आलोचना अपनी जगह है। परंतु, यह सच है कि वित्त मंत्री ने अपने 11 मिनट के भाषण में भविष्य के बिहार की अर्थव्यवस्था की गांठें खोल दी। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को धारण कर निवेश की संभावनाओं पर आगे बढ़ते बिहार के भविष्य की यह हल्की सी झलक थी।
वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने शुरूआत में ही ज्ञान, र्ईमान, विज्ञान, अरमान, सम्मान केंद्रित बजट कहकर मुख्यमंत्री के दूरगामी लक्ष्य बता दिए। वित्त मंत्री ने केंद्र की मदद के लिए तारीफ भरे लहजे भी दिखाए। इन्फ्रास्ट्रक्चर की जगह अधिक से अधिक निवेश लाने के सरकार के बदले फोकस के बीच बजट की बनावट और बुनावट में भी पिछले साल की तुलना में अंतर साफ दिख रहा है। इसके बावजूद पहले की प्राथमिकातओं को जारी रखते हुए नीतीश सरकार सबसे अधिक युवा, गरीब और महिलाओं पर मेहरबान रही।
युवाओं को एक करोड़ रोजगार सृजन का दिया तोहफा
नीतीश कुमार के 10वीं बार मुख्यमंत्री बनने की खुशी में वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव बजट भाषण में पुराने वादों के बदले स्वरूप की घोषणाओं की झड़ी लगाते रहे। भाषण की शुरूआत में ही एक करोड़ रोजगार सृजन के संकल्प को पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई।
नीतीश बोले-न्याय के साथ विकास हमारा वादा…महिला, युवा-किसान प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा-2026-27 में बिहार का विकास दर 14.9% रहने का अनुमान है। जल्द ही बिहार सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यह बजट विकसित बिहार का संकल्प पूरा करेगा। यह 7 निश्चय 3 के कार्यक्रमों को पूरा करने में बहुत मददगार होगा। न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर आधारित इस बजट में सभी क्षेत्रों किसानों, उद्यमियों, युवाओं और महिलाओं सहित समाज के सभी वर्गों का ख्याल रखा गया है। यह संपूर्ण, समावेशी एवं विकास को बढ़ावा देने वाला बजट है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस साल बिहार का बजट 3 लाख 47 हजार करोड़ से अधिक का है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 30 हजार करोड़ से अधिक है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिहार की विकास दर 14.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है। हम लोगों ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। राज्य में वित्तीय संसाधनों का उचित प्रबंधन कर युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
बिहार देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल हो सकेगा
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत हर घर की एक महिला को रोजगार के लिए 2 लाख रुपए की सहायता के लिए भी प्रावधान किया गया है। उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह बजट प्रत्येक परिवार को अवसर प्रदान करने, प्रत्येक युवा के कौशल विकास और महिलाओं के सशक्तीकरण के उद्देश्यों को पूरा करेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि में हमारे प्रयास से हुए विकास को आगे बढ़ाने के लिए विशेष प्रावधान भी इस बजट में है। यह बजट राज्य की अर्थव्यवस्था के विकास की गति को तेज करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। उन्होंने कहा-बिहार सरकार के अपने राजकोषीय संसाधनों के समुचित प्रबंधन से राज्य का विकास तीव्र गति से हो सकेगा। बिहार के विकास में केंद्र सरकार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। अगले कुछ वर्षों में बिहार देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल हो सकेगा।
बिहार के बजट की वो 20 बड़ी बातें जो बदल देगी किस्मत
बिहार विधानसभा में वित्त मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने वर्ष 2026-27 के लिए 3,47,589.76 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि एक तरफ जहां भारत विश्व की अर्थव्यवस्था में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ बिहार की आर्थिक विकास दर भी तेज गति से बढ़ने वाले राज्यों में शामिल है। वर्ष 2025-26 के लिए अनुमान है कि बिहार की अर्थव्यवस्था 14.9 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ेगी। जानें बिहार के बजट की वो 20 बड़ी बातें जो राज्य के लोगों की किस्मत बदल देगी।
1. शिक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
वित्त मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि बजट में शिक्षा और उच्च शिक्षा के लिए 68,216 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो भविष्य के बिहार की नींव है।
2. स्वस्थ बिहार का संकल्प
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 21,270 करोड़ दिए गए हैं, ताकि गांव से शहर तक बेहतर इलाज मिले।
3. गांव के विकास पर फोकस
ग्रामीण विकास के लिए 23,701 करोड़ का बजट रखा गया है।
4 एग्री इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन का गठन कर एक लाख करोड़ का निवेश
बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है। राज्य की करीब 89 प्रतिशत आबादी गांव में रहती है। राज्य सरकार के संकल्प अंतर्गत “बिहार एग्री इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन” का गठन कर शुरूआत में एक लाख करोड़ रूपये का निवेश किया जाना है। इसके अलावा बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा चालू करने का रोडमैप तैयार किया गया है।
5. मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना 3,000 कि0मी0 ग्रामीण पथों का निर्माण
ग्रामीण और शहरी सड़कों के लिए 18,716 करोड़ का आवंटन हुआ है। मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना (अवशेष)- इस योजना अंतर्गत राज्य के सभी जिलों में 100 या इससे अधिक की आबादी के छूटे हुए 13,815 बसावटों (कुल लंबाई 16,652 कि0मी0) में से अब तक कुल 6,083 बसावट के संपर्कता हेतु (कुल लंबाई 8,095 कि0मी0) पथों की स्वीकृति प्रदान करते हुए कुल 1,885 पथ (कुल लम्बाई 1,983 कि0मी0) का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शेष पथ निर्माण के विभिन्न चरणों में है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना अन्तर्गत कुल 3,000 किमी लम्बाई के ग्रामीण पथों का निर्माण कराने का लक्ष्य है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना अंतर्गत अब तक कुल 909 पुलों की स्वीकृति प्रदान करते हुए निर्माण कार्य विभिन्न चरणों में है।
6. बाढ़ प्रभावित परिवारों 680.17 करोड़ रुपये की सहायता
वर्ष 2025 के बाढ़ के दौरान 9,71,678 बाढ़ प्रभावित परिवारों को आनुग्रहिक राहत के रूप में 7,000 रुपये प्रति परिवार की दर से लगभग 680.17 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान सीधे लाभुकों के बैंक खाते में किया गया। इसके अलावा राज्य की स्थानीय प्रकृति की आपदाओं यथा, सामूहिक सड़क दुर्घटना, पानी में डूबने से हुई दुर्घटना, वज्रपात, आँधी, तूफान आदि के मद्देनजर वर्ष 2025-26 में विभिन्न जिलों को 159.45 करोड़ रुपये उपलब्ध करायी गयी है।
7. एक करोड़ 56 लाख से अधिक महिला सदस्यों को 10,000 रुपये की सहायता
वित्त मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर चलते हुए बिहार सरकार ने सात निश्चय-1 और सात निश्चय-2 के माध्यम से रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और आधारभूत संरचना में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। अब सात निश्चय-3 (वर्ष 2025-2030) के संकल्प के साथ बिहार को देश के अग्रणी विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 1 करोड़ 56 लाख से अधिक महिला सदस्यों को 10,000 रुपये की सहायता दी जा चुकी है। साथ ही, उनके व्यवसाय को और आगे बढ़ाने में मदद करने के लिए 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
1.40 करोड़ से अधिक परिवारों के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण की दिशा में ‘जीविका’ की ओर से कार्य किया जा रहा है। महिलाएं विभिन्न जीविकोपार्जन गतिविधियों को अपनाकर उद्यमी बन रही हैं।वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्र में स्वयं सहायता समूहों की संख्या 11,03,627 है, जबकि शहरी क्षेत्र में इसकी संख्या 41,477 है। इस प्रकार, वर्तमान में स्वयं सहायता समूहों की कुल संख्या 11,45,104 है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में ग्रामीण क्षेत्र में 39,606 एवं शहरी क्षेत्र में 5,458 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है। इस प्रकार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 45,064 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 1.29 लाख स्वयं सहायता समूहों को बैंक द्वारा 7,052 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण उपलब्ध कराया गया है।
9. 23 से 24 घंटे बिजली की आपूर्ति,9,600 मेगावाट मांग
ऊर्जा क्षेत्र के लिए 18,737 करोड़ का प्रावधान है। राज्य के आर्थिक विकास के साथ-साथ बिजली की मांग में भी लगातार वृद्धि हो रही है। वर्तमान में 23 से 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है। बिजली की अधिकतम मांग वर्ष 2025-26 में 23 जुलाई 2025 को बढ़कर 8,752 मेगावाट हो गयी। वर्ष 2026-27 में राज्य की अधिकतम माँग 9,600 मेगावाट से अधिक होने का आकलन है।
10. बिहार में 31,71,000 जीविका दीदी
वित्त मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने बताया कि वर्तमान समय में बिहार में 31,71,000 जीविका दीदियों को लखपति दीदी योजनान्तर्गत लखपति घोषित किया जा चुका है। जल.जीवन.हरियाली अभियान अंतर्गत एक लाख से अधिक सार्वजनिक तालाबों, पोखरों, आहरों, पईनों और 38,085 सार्वजनिक कुओं का जीर्णोद्धार किया गया है।
11. शहरी क्षेत्रों में 4,18,394 आवासों की स्वीकृति
बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि राष्ट्रीय मानक के अनुरूप राज्य में शहरीकरण को बढ़ावा देते के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। वर्तमान में राज्य में 19 नगर निगम, 89 नगर परिषद एवं 156 नगर पंचायत कार्यरत है, जिन्हें राष्ट्रीय मानक के अनुरूप विकसित करने एवं शहरों को सुन्दर बनाने के लिए सरकार कृत संकल्पित है।प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत अब तक कुल 4,18,394 आवासों की स्वीकृति दी गयी है, जिसमें से 1,75,249 परिवारों को पक्का मकान हस्तगत कराया गया है।
12. छात्रवृत्ति योजना से 53,52,858 छात्र-छात्राओं को लाभ
मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना“, ‘पीएम यशस्वी’ एवं अन्य पिछड़ा वर्ग प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अब तक कुल 53,52,858 छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया गया है। इसके अलावा “मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना“ के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 369.69 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गयी है। “मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना“ अंतर्गत वर्ष 2025-26 में अब तक 1,16,065 छात्र/छात्राओं को लाभान्वित किया गया है। “मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना अन्तर्गत“ वित्तीय वर्ष 2025-26 में 73,785 छात्रों को लाभान्वित किया गया है।
13. बिहार राज्य पत्रकार बीमा योजना में 664 पत्रकारों को लाभ
राज्य में कार्यरत संचार प्रतिनिधियों को समूह चिकित्सकीय एवं व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा का वित्तीय लाभ एवं अन्य सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 664 पत्रकारों को बीमा से आच्छादित किया गया है। पत्रकार पेंशन योजना- राज्य के 86 वरिष्ठ मीडिया कर्मी वर्तमान में पत्रकार पेंशन योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।
14. दलित और आदिवासी कल्याण
एससी के लिए ₹19,603 करोड़ और एसटी के लिए 1,648 करोड़ अलग से निर्धारित किये गये हैं।
15. इन्फ्रास्ट्रक्चर बराबर रिकॉर्ड निवेश
पूंजीगत व्यय 63,455 करोड़ रखा गया है, जो विकास का इंजन है।
17. भूमि विवाद का समाधान, जमीन के रिकॉर्ड डिजिटल, सटीक भूमि मानचित्रण
भूमि सर्वेक्षण को राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकता बनाया गया है।जमाबंदी और भूमि रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है। शुद्ध बिहार में 35 सीओआरएस स्टेशन स्थापित किये जा रहे हैं।
18. हरित परिवहन क्रांति,इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसें
500 से अधिक ग्रीन बस स्टॉप और 2000 चार्जिंग स्टेशन बनेंगे। जबकि सार्वजनिक परिवहन को सीएनजी और ईवी में परिवर्तित किया जा रहा है।
19. पटना, राजगीर और वैशाली में पांच-सितारा होटल
बिहार में पीपीपी मोड पर 2 पांच-सितारा होटल राजगीर (नालंदा) में, 1 पांच-सितारा होटल वैशाली में और 2 पांच-सितारा होटल पटना में निर्माण कार्य प्रक्रियाधीन है।
20.सरकारी क्षेत्र में 44,088 पदों पर रोजगार का सृजन
अप्रैल, 2025 से अब तक राज्याधीन विभिन्न पदों एवं सेवाओं में नियुक्ति के लिए बिहार लोक सेवा आयोग को 19,213, बिहार कर्मचारी चयन आयोग को 37,076, बिहार तकनीकी सेवा आयोग को 47,098, बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद को 2,718, बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग को 2,212, बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग को 2,843 एवं केन्द्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) को 30,815 अर्थात कुल 1,41,975 पदों की अधियाचना भेजी गयी। माह अप्रैल, 2025 से अब तक सरकारी क्षेत्र में 16,086 पुरुष, 22,627 महिला कुल 38,713 नियमित नियुक्ति तथा 5,375 संविदा नियोजन किया गया है। इस प्रकार, इन आयोगों-संस्थानों की ओर से अब तक कुल 44,088 सरकारी क्षेत्र में रोजगार का सृजन किया गया है।







