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लीबिया के तानाशाह गद्दाफी के बेटे की हत्या

UB India News by UB India News
February 5, 2026
in अन्तर्राष्ट्रीय, खास खबर
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लीबिया के तानाशाह गद्दाफी के बेटे की हत्या

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लीबिया के पूर्व शासक कर्नल मुअम्मर गद्दाफी के बेटे सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है. 53 साल के सैफ अल-इस्लाम की मौत की पुष्टि मंगलवार को उनके राजनीतिक दल के प्रमुख ने की, जिसके बाद लीबियन न्यूज एजेंसी के हवाले से बताया गया कि उन्हें मार दिया गया है. हालांकि सैफ अल इस्लाम की हत्या को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं.
सैफ अल-इस्लाम के वकील ने AFP समाचार एजेंसी को बताया कि 4 लोगों के एक कमांडो दस्ते ने लीबिया के जिंतान शहर में उनके घर पर हमला कर उनकी हत्या कर दी. वकील का कहना है कि हमलावर कौन थे और उन्होंने किसके कहने पर ये हत्या की, इसका पता नहीं चला लेकिन ये एक सुनियोजित हत्या थी. वहीं, इस घटना को लेकर एक दूसरा दावा भी किया जा रहा है. सैफ अल-इस्लाम की बहन के हवाले से एक लीबियाई टीवी चैनल का कहना है कि उनकी मौत लीबिया-अल्जीरिया सीमा के पास हुई.

कौन है सैफ अल इस्लाम?

  1. सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी को लंबे समय तक अपने पिता का राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जाता रहा. 1969 से 2011 तक लीबिया पर शासन करने वाले मुअम्मर गद्दाफी के बाद उन्हें देश का सबसे ताकतवर और प्रभावशाली व्यक्ति माना जाता था.
  2. 1972 में जन्मे सैफ अल-इस्लाम ने साल 2000 से ही लीबिया और पश्चिमी देशों के बीच रिश्ते सुधारने में अहम भूमिका निभाई थी. हालांकि साल 2011 में गद्दाफी शासन के खिलाफ हुए विद्रोह के दौरान उन पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों को कुचलने में अहम भूमिका निभाने के आरोप लगे.
  3. गद्दाफी की मौत के बाद उन्हें जिंतान शहर की एक प्रतिद्वंद्वी मिलिशिया ने करीब छह साल तक जेल में रखा. अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की ओर से भी उन पर मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोप लगाए थे और मुकदमा चलाने की मांग की थी.

चुनाव लड़ने वाले थे सैफ अल इस्लाम

2015 में त्रिपोली की एक अदालत ने उन्हें अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई थी लेकिन 2017 में पूर्वी लीबिया की एक मिलिशिया ने आम माफी कानून के तहत उन्हें रिहा कर दिया. गद्दाफी शासन के ढहने के बाद से लीबिया कई मिलिशिया गुटों में बंटा हुआ है और देश में दो गुटों की सरकारें रहीं. साल 2021 में उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव लड़ने का ऐलान किया था, लेकिन चुनाव से पहले ही उनकी हत्या हो गई. अब उनकी मौत ने लीबिया की पहले से अस्थिर राजनीति को और अनिश्चित बना दिया है.
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