बिहार विधानसभा चुनाव के बीच केंद्रीय मंत्री और बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने न्यूज़ 18 बिहार-झारखंड के इनपुट एडिटर से खास बातचीत में कहा कि इस बार के चुनाव में बिहार की जनता ने विकास और विश्वास के नाम पर वोट किया है. वहीं इस दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने एक बार फिर से ऐलान किया कि नीतीश कुमार एनडीए के सीएम फेस होंगे. इसको लेकर कोई कंफ्यूजन नहीं है. उन्होंने कहा कि “जब से मैं बिहार में काम में लगा हूं, यह साफ दिख रहा है कि एनडीए सरकार के कामों पर जनता पूरी तरह संतुष्ट है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार अपने दायित्व का ईमानदारी से निर्वहन कर रहे हैं.”
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि इस बार महिलाओं, युवाओं और पिछड़े वर्गों ने बड़ी संख्या में मतदान किया है, जिसका असर नतीजों में साफ दिखेगा. उन्होंने कहा, “बिहार भाईचारे की भूमि है. यहां के लोग जात-पात से ऊपर उठकर विकास के लिए वोट करते हैं. नीतीश कुमार और मोदी जी की जोड़ी ने जो कहा, वह किया. यही वजह है कि जनता का भरोसा एनडीए पर कायम है.”
मुस्लिम वोट बैंक पर पूछे गए सवाल पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि एनडीए सभी धर्म और जातियों के लिए समान दृष्टिकोण रखता है. उन्होंने कहा, “मोदी जी ने राशन, उज्जवला और अन्य योजनाओं का लाभ बिना धर्म-जाति देखे सब तक पहुंचाया। विपक्ष इसलिए सवाल उठा रहा है क्योंकि उसने खुद कुछ नहीं किया.” बिहार के विकास मॉडल पर बात करते हुए प्रधान ने कहा कि राज्य अब “नई छलांग के लिए तैयार है.” उन्होंने कहा, “बिहार में सड़कें बनी हैं, पुल बने हैं. अब समय है फैक्ट्रियां लगाने का. बिहटा में जेसीसी बनेगा, गंगा किनारे बड़े पोर्ट तैयार होंगे. बिहार निवेश के लिए अब सुरक्षित और आकर्षक गंतव्य बन चुका है.”
धर्मेंद्र प्रधान के अनुसार बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए के मुख्यमंत्री पद का चेहरा कौन होगा?
उन्होंने भरोसा जताया कि दूसरे चरण के मतदान में भी एनडीए को जनता का जबरदस्त समर्थन मिलेगा. प्रधान ने कहा कि “मोदी-नीतीश की जोड़ी पर लोगों का पूरा भरोसा है. प्रधानमंत्री मोदी ने भी समस्तीपुर में कहा था कि बिहार में विकास का रास्ता इसी जोड़ी से होकर गुजरता है.” वहीं कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि “महागठबंधन के भीतर कांग्रेस की स्थिति खराब है. राहुल गांधी का नेतृत्व कमजोर पड़ चुका है.”
प्रशांत किशोर के सवाल पर उन्होंने कहा कि “हर किसी को चुनाव लड़ने का अधिकार है, लेकिन असली मुकाबला सिर्फ एनडीए और महागठबंधन के बीच है.”प्रधान के इस बयान को राजनीतिक विशेषज्ञ एनडीए की आत्मविश्वास भरी रणनीति मान रहे हैं. उनका कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान का यह संदेश साफ संकेत देता है कि बीजेपी और जेडीयू को बिहार में जनता का भरोसा बरकरार है और गठबंधन अपने “विकास बनाम वादों” के एजेंडे पर आगे बढ़ रहा है.
समाज के किसी भी तबके में कोई उपेक्षा या नाराजगी का भाव लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं………
UGC की नई नियमावली ने देश सहित बिहार की राजनीति में उबाल ला दिया है। अपर कास्ट के बढ़ते आक्रोश...





