तेजस्वी यादव ने बिना नाम लिए स्थानीय विधायक और मंत्री लेसी सिंह पर तीखा हमला बोला, जिससे सभा में उत्साह भर गया। तेजस्वी ने कहा कि धमदाहा में राशन चोर घूम रहा है। यह चुनाव राशनचोरों, मुनाफाखोरों और भ्रष्टाचारियों से बदला लेने का है।
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से पहले राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव ने पूर्णिया में ताबड़तोड़ चुनावी सभाएं कर महागठबंधन के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की। धमदाहा हाई स्कूल मैदान में आयोजित रैली में सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम तब हुआ जब सांसद पप्पू यादव उनके साथ एक ही मंच पर दिखे, जिसने सीमांचल में गठबंधन की एकजुटता को मजबूत किया। तेजस्वी यादव ने धमदाहा से RJD प्रत्याशी संतोष कुशवाहा और कसबा से कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी इरफान आलम के लिए जनता से वोट की अपील की।
धमदाहा में तेजस्वी यादव ने बिना नाम लिए स्थानीय विधायक और मंत्री लेसी सिंह पर तीखा हमला बोला, जिससे सभा में उत्साह भर गया। तेजस्वी ने कहा कि धमदाहा में राशन चोर घूम रहा है। यह चुनाव राशनचोरों, मुनाफाखोरों और भ्रष्टाचारियों से बदला लेने का है। इस बार इन्हें सबक सिखाकर RJD प्रत्याशी संतोष कुशवाहा को जीत की माला पहनानी है। उन्होंने सरकार बनने की तारीख (14 नवंबर) को टारगेट करते हुए तीन मुख्य वादे किए। सरकार बनते ही जिस परिवार में सरकारी नौकरी नहीं है, उस परिवार में एक सरकारी नौकरी दी जाएगी।
माई बहन मान योजना के तहत परिवार/महिलाओं के खाते में ₹20 हजार की राशि भेजी जाएगी। किसानों के खेतों की सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाली बिजली को महागठबंधन की सरकार बनते ही फ्री कर दिया जाएगा। हेलिकॉप्टर बनाम ट्रैक्टर’ की लड़ाई तेजस्वी ने चुनावी खर्च और संसाधनों को मुद्दा बनाया और इसे अमीर बनाम गरीब की लड़ाई बताया।
उन्होंने कहा कि आज मेरी 18 सभाएं हैं। यह लड़ाई हेलिकॉप्टर बनाम ट्रैक्टर की है। बीजेपी ने अपनी सभाओं के लिए 30-30 हेलिकॉप्टर उतार रखे हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले चरण में बिहार की जनता ने एक तरफा बदलाव के लिए वोटिंग की है और अब पूर्णिया तथा धमदाहा की बारी है। कसबा के गढ़बनैली ग्राउंड में कांग्रेस प्रत्याशी इरफान आलम के लिए प्रचार करते हुए तेजस्वी ने
उन्होंने सीमांचल को बिहार का सबसे गरीब इलाका बताया, जो सबसे ज्यादा बेरोजगारी, पलायन और गरीबी से जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यहाँ इलाज के लिए अस्पताल नहीं हैं और मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। अच्छी शिक्षा की व्यवस्था न होने से लोग परेशान हैं। उन्होंने जनता से कहा कि उन्होंने मौजूदा सरकार को 20 साल का मौका दिया, अब एक बार महागठबंधन को मौका दें, और वह सीमांचल की सूरत बदलकर रख देंगे।
समाज के किसी भी तबके में कोई उपेक्षा या नाराजगी का भाव लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं………
UGC की नई नियमावली ने देश सहित बिहार की राजनीति में उबाल ला दिया है। अपर कास्ट के बढ़ते आक्रोश...







