उपराष्ट्रपति चुनाव में NDA के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने INDIA के सुदर्शन रेड्डी को 152 वोटों से हरा दिया. राधाकृष्णन को 452 तो रेड्डी को 300 वोट मिले. इंडिया गठबंधन के पास 315 सांसद हैं. ऐसे में उसे उम्मीद से कम वोट मिले. इसके बाद कहा जा रहा है कि कुछ सांसदों ने क्रॉस वोटिंग की. जानकारी के मुताबिक, जिन सांसदों ने ये किया वो महाविकास अघाड़ी के हैं. एनडीए को इस क्रॉस वोटिंग के जरिए 10 से 13 ज्यादा वोट मिले. ये 10 से 13 सांसद गठबंधन की किस पार्टी के हैं, इंडिया इसपर विचार कर रहा है.
चुनाव में कुल 752 वैध और 15 अवैध वोटिंग हुई. उपराष्ट्रपति निर्वाचन के लिए 377 वोट की जरूरत थी. क्रॉस वोटिंग पर शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने कहा कि क्रॉस वोटिंग की बात कौन कर रहा है. यह एनडीए के कुछ लोग कर रहे हैं. हमारे जितने वोट थे वो आंकड़ा हमारे पास आया है. हमको 300 वोट मिले हैं और 15 वोट जो अवैध हुए हैं वो 15 वोट सुदर्शन रेड्डी के सामने ही आंकड़ा लिखा है. एक फिर भी कुछ कारण से उन मतों को अवैध ठहरा दिया गया.
विपक्ष बता रहा बीजेपी की नैतिक हार
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने कहा कि आंकड़ों में भले ही राधाकृष्णन की जीत हुई, लेकिन असल में बीजेपी की नैतिक और राजनीतिक हार हुई है. उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए मतदान 9 सितंबर सुबह 10 बजे आरंभ हुआ था, जो शाम पांच बजे समाप्त हुआ. मतदान खत्म होने के करीब ढाई घंटे के बाद चुनाव परिणाम घोषित किए गए.
राज्यसभा के महासचिव और निर्वाचन अधिकारी पी सी मोदी ने नतीजों की घोषणा की और कहा कि कुल 98.2 प्रतिशत मतदान हुआ. राधाकृष्णन को 452 तथा विपक्ष के प्रत्याशी बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट हासिल हुए. उन्होंने बताया कि इस मतदान में निर्वाचक मंडल के कुल 781 सदस्यों में से 767 (एक डाक मतपत्र समेत) ने मतदान किया था, जिसमें 15 वोट अवैध करार दिए गए.
’40 विपक्षी सांसदों ने अंतरात्मा की आवाज़ सुनी’
बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने दावा किया कि लगभग 40 विपक्षी सांसदों ने अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुनी और किसी न किसी रूप में एनडीए उम्मीदवार के समर्थन में मतदान किया. 40 विपक्षी सांसदों के समर्थन के उनके दावे में अवैध करार दिए गए कई मतों की बात भी शामिल है. NDA नेताओं का कहना है कि महाराष्ट्र के कुछ विपक्षी सांसदों ने राधाकृष्णन के समर्थन में मतदान किया.
किसके साथ रहे 39 सांसद?
विपक्ष के जो 39 सांसद हैं उनमें में से YSRCP के 11 सांसदों ने NDA के पक्ष में वोट किया. इसके बाद आंकड़ा होता है 28. इसमें से बीजू जनता दल के 7, बीआरएस के 4, अकाली दल का 1, 1 निर्दलीय और अमृतपाल है. इन सांसदों ने किसो को भी वोट नहीं दिया. अमृतपाल जेल में बंद हैं और उन्होंने पोस्टल बैलेट के जरिए बताया कि वो किसी को वोट नही करेंगे.
28 सांसदों में से इन 14 निकालने के बाद आंकड़ा 14 का बचता है. अब इन 14 में से कुछ इनवैलिड होंगे या NDA को वोट किए होंगे. वैसे तो कुल 15 वोट इनवैलिड हुए हैं. ये वोटो दोनों ही साइड से हुए हैं. ऐसे में ये कंफर्म माना जा रहा है कि क्रॉसवोटिंग तो हुई है. ये आंकड़ा करीब 10 के आसपास हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक, जो 15 वोट इनवैलिड हुए हैं उसमें NDA के 10 हैं और विपक्ष के 5.
जीत के बाद क्या बोले राधाकृष्णन?
सीपी राधाकृष्णन ने अपनी जीत को राष्ट्रवादी विचारधारा की जीत बताया और 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में काम करने का संकल्प जताया. राधाकृष्णन ने जीत के बाद अपनी पहली टिप्पणी में कहा, दूसरे पक्ष (विपक्षी गठबंधन) ने कहा कि यह (चुनाव) एक वैचारिक लड़ाई है, लेकिन मतदान के पैटर्न से हमें लगता है कि राष्ट्रवादी विचारधारा विजयी हुई है.
उन्होंने कहा, यह हर भारतीय की जीत है, हम सभी को मिलकर काम करना होगा अगर हमें 2047 तक विकसित भारत बनाना है तो विकास पर ध्यान केंद्रित करना होगा. राधाकृष्णन ने कहा कि अपनी नई भूमिका में वह राष्ट्र के विकास के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे. उन्होंने कहा, लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ही महत्वपूर्ण होते हैं. ये एक ही सिक्के के दो पहलू हैं. लोकतंत्र के हित को ध्यान में रखा जाएगा.
11 साल में सबसे कम वोटों से हार
2025 के उपराष्ट्रपति चुनावों में 152 वोटों से मिली हार 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से विपक्ष की इन चुनावों में सबसे कम अंतर से हार है. 2022 के चुनावों में एनडीए उम्मीदवार जगदीप धनखड़ 346 वोटों के अंतर से जीते थे और 2017 में वेंकैया नायडू 272 वोटों से जीते थे.







