रून्नीसैदपुर विधानसभा सीट बिहार के सीतामढ़ी जिले में स्थित है और यह विधानसभा क्षेत्र काफी पुराना है, जिसकी स्थापना 1951 में हुई थी। इस सीट पर अब तक 17 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। शुरूआती वर्षों में यहां कांग्रेस, जनता पार्टी, जनता दल और समाजवादी पार्टी समेत कई दलों ने जीत हासिल की है। पिछले 20 वर्षों में यह सीट मुख्य रूप से जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बीच कड़ा मुकाबला रही है, दोनों ही दलों ने तीन-तीन बार जीत दर्ज की है।
मुख्य चुनावी नेता विवेकानंद गिरी (दो बार निर्दलीय और दो बार कांग्रेस से) और मंगिता देवी (राजद प्रत्याशी) रहे हैं। 2010 और 2015 में जेडीयू और राजद के बीच संघर्ष रहा, जबकि 2020 में जेडीयू के पंकज कुमार मिश्रा ने राजद की मंगिता देवी को 24,629 वोटों से हराया था। यह क्षेत्र जातीय समीकरण और उम्मीदवारों की छवि पर बहुत निर्भर करता है।
रून्नीसैदपुर सीट पर चुनावी मुद्दे मुख्य रूप से क्षेत्रीय विकास, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बाढ़ राहत के आस-पास रहते हैं। 2025 के चुनाव में भी जेडीयू और राजद के बीच मुख्य मुकाबला रहने की संभावना है, जिसमें मतदाता विकास और नेतृत्व की क्षमता के आधार पर फैसला लेंगे।
संक्षेप में:
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सीट का गठन 1951 में हुआ।
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शुरुआत में कांग्रेस, जनता दल, जनता पार्टी की जीत।
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पिछले 20 वर्षों में जेडीयू-राजद का कड़ा मुकाबला।
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2020 में जेडीयू के पंकज कुमार मिश्रा ने जीत दर्ज की।
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जातीय समीकरण और उम्मीदवार की छवि महत्वपूर्ण।
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2025 में भी जेडीयू और राजद के बीच टक्कर।
इसलिए, 2025 में रून्नीसैदपुर सीट पर जीत किसकी होगी, यह क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरण, जातीय प्रभाव और स्थानीय मुद्दों पर निर्भर करेगा, लेकिन प्रमुख मुकाबला जेडीयू और राजद के बीच माना जा रहा है।
चुनावी इतिहास
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2020
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जेडीयू के पंकज कुमार मिश्रा ने जीत दर्ज की, उन्हें 73,205 वोट मिले।
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आरजेडी की मंगिता देवी को 48,576 वोट मिले, जीत का अंतर 24,629 रहा।
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तीसरे स्थान पर एलजेपी की गुड्डी देवी रहीं।
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2015
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आरजेडी की मंगिता देवी ने जीत दर्ज की, 55,699 वोट पाए।
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पंकज कुमार मिश्रा (तब रालोसपा से) 41,589 वोट आपके, अंतर 14,110 वोट रहा।
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2010
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जेडीयू की गुड्डी देवी ने आरजेडी के राम शत्रुघ्न राय को 10,759 वोटों से हराया।
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इससे पहले कई चुनाव में कांग्रेस, जनता पार्टी, आरजेडी और जेडीयू जीतती रही, लेकिन पिछले 20 वर्षों में मुकाबला आरजेडी-जेडीयू के बीच ही सिमट गया है।
आगामी चुनाव में कौन आगे?
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2025 में पंकज कुमार मिश्रा (JDU) और मंगिता देवी (RJD) ही सबसे मजबूत प्रत्याशी माने जा रहे हैं; दोनों के सामाजिक आधार और संगठन सशक्त हैं।
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जेडीयू का संगठन पिछले चुनाव में प्रसार करता दिखा, लेकिन आरजेडी ने भी 2015 में शानदार वापसी की थी; इसलिए मुकाबला दिलचस्प रहेगा।
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चुनावी मुद्दों में क्षेत्रीय विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बाढ़ राहत प्रमुख रहेंगे।
निष्कर्ष
फिलहाल, रून्नीसैदपुर सीट पर सीधा मुकाबला पंकज कुमार मिश्रा (JDU) और मंगिता देवी (RJD) के बीच है, जिसमें पंकज मिश्रा संगठन, रणनीति और पिछले जीत के कारण आगे नजर आ रहे हैं, लेकिन अंतिम फैसला वोटिंग के बाद ही सामने आएगा।
रुन्नीसैदपुर सीट का चुनावी इतिहास स्पष्ट करता है कि यहां व्यक्तित्व और जातीय समीकरण निर्णायक होते रहे हैं। बीते चुनावों में JDU और RJD के बीच रौमनचक मुकाबले देखने को मिले हैं—2015 में RJD, जबकि 2020 में JDU ने मजबूत बढ़त बनाई। यदि इसी तरह की राजनीतिक धाराएँ जारी रहीं, तो 2025 में भी यह सीट मुख्यतः JDU और RJD के बीच बनी रहेगी, और विजेता वही होगा जिसके उम्मीदवार को स्थानीय जनाधार, दल समर्थन और जातीय समीकरण में अधिक भरोसा मिलेगा।






