बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में परिहार सीट बिहार के सीतामढ़ी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है और शेखपुरा जिले में स्थित है। यह सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित विधानसभा क्षेत्र है। परिहार विधानसभा क्षेत्र में परिहार प्रखंड और सोनबरसा प्रखंड के कुछ ग्राम पंचायत शामिल हैं, जहाँ कुल 3,31,669 से अधिक पंजीकृत मतदाता हैं। यह क्षेत्र पूरी तरह से ग्रामीण है और इसकी अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि पर आधारित है।
2010 से 2020 तक इस सीट पर बीजेपी की लगातार जीत रही है। 2010 में राम नरेश प्रसाद यादव, जबकि 2015 और 2020 में गायत्री देवी इस सीट से विधायक रहीं। 2020 के विधानसभा चुनाव में गायत्री देवी ने आरजेडी की रितु जायसवाल को महज 1,569 वोटों से हराया था। 2024 के लोकसभा चुनाव में इस क्षेत्र में आरजेडी ने बढ़त बनाई थी, जो इस सीट पर विपक्ष के लिए एक मजबूत मौका साबित हो सकता है।
परिहार विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी, जेडीयू, एलजेपी और आरजेडी, कांग्रेस गठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला होने की संभावना है। राजनीतिक दशा बदलने के कारण इस बार मुकाबला पहले से भी ज्यादा रोमांचक और कठिन माना जा रहा है।
मुख्य तथ्य:
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सीट का गठन 2008 में हुआ था।
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यह सीट पूरी तरह से ग्रामीण है, कोई शहरी मतदाता नहीं।
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2020 में कुल मतदाता लगभग 3,17,508 थे, जो 2024 तक बढ़कर 3,31,669 हो गए।
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पिछली तीन बार बीजेपी ने जीत हासिल की है।
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2020 में बीजेपी की गायत्री देवी ने 42.52% वोट शेयर के साथ जीत दर्ज की।
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2024 लोकसभा चुनाव में विपक्ष की बढ़त देखी गई है, जिसका प्रभाव 2025 के विधानसभा चुनाव में देखा जाएगा।
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क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मुख्यत: कृषि और डेयरी पर निर्भर है।
इस प्रकार, परिहार विधानसभा क्षेत्र 2025 चुनाव में बिहार की राजनीतिक तस्वीर में एक महत्वपूर्ण और मुकाबले वाली सीट के रूप में उभर रही है जहां भाजपा और विपक्ष के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है।
जनसंख्या एवं समाज
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2024 तक कुल मतदाता: करीब 3.31 लाख
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प्रमुख समुदाय: यादव व मुस्लिमों की बड़ी संख्या, SC/ST भी उल्लेखनीय
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रोजगार: मुख्य रूप से कृषि, सब्जी, डेयरी, व मौसमी प्रवास (पंजाब/दिल्ली)
राजनीतिक स्थिति व इतिहास
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2010, 2015, 2020 तीनों विधानसभा चुनावों में भाजपा ने जीत दर्ज की; 2020 में गायत्री देवी (BJP) ने RJD की रितु कुमार को केवल 1,569 वोटों से हराया था।
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2020 वोट शेयर: BJP 42.52%, RJD 41.61%
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परिहार आमतौर पर भाजपा का गढ़ है, लेकिन यादव-मुस्लिम समीकरण के कारण RJD इसे टक्कर देती रहती है।
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हाल के वर्षों में यहाँ सड़क संपर्क में सुधार हुआ है, औद्योगिक विकास सीमित है।
2025 चुनाव की संभावनाएँ
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चुनाव अक्टूबर-नवंबर 2025 में संभावित।
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मुख्य प्रतिद्वंदी दल: भाजपा, जेडीयू, एलजेपी, आरजेडी, कांग्रेस।
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2024 लोकसभा चुनावों में RJD को क्षेत्र में उत्साहजनक बढ़त मिली थी, जिससे आगामी चुनाव में मुकाबला और तीव्र होने की संभावना है।
पिछले विधानसभा चुनावों का आँकड़ा (2020)
| उम्मीदवार | पार्टी | वोट | वोट शेयर (%) |
|---|---|---|---|
| गायत्री देवी | भाजपा | 73,420 | 42.52% |
| रितु कुमार | राजद | 71,851 | 41.61% |
| अमजद हुसैन अनवर | बीएलएसपी | 9,968 | 5.77% |
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्र, कृषि विकास, सीमावर्ती सुरक्षा
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जातीय संतुलन, सड़क व विकास कार्य, स्थानीय रोजगार
परिहार सीट के राजनीतिक, सामाजिक और भौगोलिक समीकरण भविष्य के चुनाव में काफी मायने रखते हैं।
परिहार एक ग्रामीण, जातीय रूप से संवेदनशील विधानसभा क्षेत्र है, जहाँ जातीय समीकरण (यादव-मुस्लिम vs ब्राह्मण-Hindutva) निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। BJP की लगातार जीत रही है, लेकिन RJD/JDU गठबंधन बढ़ती भूमिका निभा सकता है, खासकर अगर जन सुराज पार्टी और HAM जैसे घटक मैदान में प्रभावी हों।
2025 का माहौल और अनुमान
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चुनाव अक्टूबर-नवंबर 2025 में होने की संभावना।
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भाजपा अपने परंपरागत गढ़ को बनाए रखने की कोशिश करेगी, मगर गठबंधन राजनीति, जातीय समीकरण और स्थानीय मुद्दे परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं।
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राजद अपने सामाजिक समीकरण और लोकसभा में मिली बढ़त को विधानसभा में बदलने का प्रयास करेगी।
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जमीनी मुद्दे: बाढ़ प्रभावितता, सड़क, रोजगार, सीमावर्ती हालात, जातिवादी समीकरण।
2025 में परिहार सीट का मुकाबला बेहद नजदीकी और राजनीति के नए समीकरणों पर निर्भर रहेगा, जिसमें भाजपा को चुनौती देने के लिए राजद-गठबंधन पूरी तैयारी में है।
चुनावी माहौल चुनाव प्रचार तेज, सीट शेयरिंग पेचीदा, नए खिलाड़ी (जन सुराज पार्टी) उभरकर सामने
परिहार की भूमिका BJP का मजबूत आधार, मगर RJD की बढ़ती सक्रियता और जातीय समीकरण (यादव-मुस्लिम) चुनाव को लगभग बना या बिगाड़ सकती है
रुझान अभी तक BJP साफ बढ़त के साथ आगे रही है, लेकिन समीकरण बदलते दिख रहे हैं






