गंगा से घिरे राघोपुर विधानसभा क्षेत्र को लालू प्रसाद के परिवार की राजनीति का गढ़ माना जाता है। यहां से लालू परिवार के तीन सदस्य अबतक सात बार चुनाव जीते हैं। मतदाताओं ने लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और तेजस्वी को बारी-बारी से मौका दिया। फिलहाल यहां से नेता विरोधी दल तेजस्वी प्रसाद यादव विधायक हैं। लगातार दो चुनावों में जीत दर्ज करने वाले तेजस्वी राघोपुर से एक ओर जहां हैट्रिक की तैयारी में हैं, वहीं दूसरी ओर छह लेन पुल के सहारे एनडीए लालू परिवार के ‘राजनीतिक गढ़’ में सेंधमारी करने की कोशिश में है। राघोपुर के लोगों को चुनाव से पहले छह लेन पुल के रूप में आवागमन का स्थायी साधन मिला है।
राघोपुर में अब तक हुए 20 चुनावों (उप चुनाव समेत) में सात बार राजद, तीन बार कांग्रेस, दो बार जनता दल को जीत मिली। जनसंघ, संसोपा, सोशलिस्ट पार्टी, लोकदल, जनता पार्टी (सेक्युलर), जनता पार्टी और जदयू को एक-एक बार सफलता मिली है।
चकसिकंदर, बिदुपुर में इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना कराई। कच्ची दरगाह बिदुपुर छह लेन पुल तथा राघोपुर को संपर्कता देने के लिए रैंप बनवाय। पान अनुसंधान केंद्र व एक अतिरिक्त पीपा पुल बनावाया।358 करोड़ की ग्रामीण सड़कें सड़क बनवाई।
-तेजस्वी यादव , राघोपुर विधायक सह नेता प्रतिपक्ष
राघोपुर को सिंगापुर के तर्ज पर बसाने की जो घोषणा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की है, उससे राघोपुर का विकास मिनी राजधानी की तर्ज पर होगा। इसके लिए तैयारियां शुरू हैं। राघोपुर को कटाव से मुक्त कराने का काम किया जाएगा। स्टेडियम का निर्माण जरूरी है।
– सतीश कुमार, पूर्व विधायक राघोपुर
उदय नारायण ने लालू के लिए छोड़ी सीट
हैट्रिक लगाने वाले उदय नारायण राय ने हर बार अलग-अलग पार्टी से जीत दर्ज की। वह 1980 में जनता पार्टी सेक्युलर, 1985 में लोकदल और 1990 में जनता दल के टिकट पर जीते। इसके बाद उन्होंने यह सीट लालू प्रसाद के लिए छोड़ दी। तब से यह सीट लालू परिवार की बन गई।
●विनय मणि तिवारी
हाजीपुर। गंगा से घिरे राघोपुर विधानसभा क्षेत्र को लालू प्रसाद के परिवार की राजनीति का गढ़ माना जाता है। यहां से लालू परिवार के तीन सदस्य अबतक सात
सीट का इतिहास
बिहार की सबसे चर्चित सीटों मे शुमार राघोपुर विधानसभा सीट से राज्य के पूर्व उप-मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव विधायक हैं. 2015 के विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव ने BJP के सतीश कुमार को 22,733 वोट से हराया था. RJD का गढ़ माने जाने वाले राघोपुर में लालू परिवार का एकतरफा राज रहा है, लेकिन 2010 के विधानसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को हार झेलनी पड़ी थी. उन्हें JDU के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे सतीश कुमार ने मात दी थी. राबड़ी देवी यहां से फरवरी 2005 और अक्टूबर 2005 में जीत दर्ज कर चुकी हैं. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और RJD प्रमुख लालू यादव इस सीट से 1995 और 2000 में विधायक बने थे.
राघोपुर विधानसभा सीट पर अब तक 2000 के उप-चुनाव समेत 20 चुनाव हो चुके हैं. इनमें से पांच चुनावों में पांच-पांच बार कांग्रेस और RJD, दो-दो बार जनता दल और संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी और एक-एक बार JDU, लोकदल, जनता पार्टी (सेक्युलर), जनता पार्टी, जनसंघ, और सोशलिस्ट पार्टी को जीत मिली है. पिछले छह में से पांच चुनाव में यहां RJD को जीत मिली है. BJP इस सीट पर अब तक अपना खाता खोलने में सफल नहीं हो पाई है.
जातीय समीकरण लालू परिवार का गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर करीब 30 प्रतिशत यादव मतदाता हैं. भूमिहार और पासवान मतदाताओं की संख्या भी अच्छी है. 1995 के बाद ये सीट लालू परिवार की परंपरागत सीट रही है. सिर्फ 2010 के विधानभा चुनाव में राबड़ी देवी को यहां से हार का सामना करना पड़ा था.
कुल वोटरः 3.37 लाख
पुरुष वोटरः 1.83 लाख (54.3%) महिला वोटरः 1.54 लाख (45.6%) ट्रांसजेंडर वोटरः 4 (0.001%)





