EC ने RJD सांसद मनोज झा के ट्वीट को बताया भ्राममनोज झा ने अपने ट्वीट में दावा किया था कि 10 जुलाई को मिलने की सहमति के बाद चुनाव आयोग ने आरजेडी प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इनकार कर दिया. इसके जवाब में चुनाव आयोग ने कहा है कि आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव या नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की ओर से किसी को अधिकृत करने का पत्र आयोग को नहीं मिला है. चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि सांसद मनोज झा को आरजेडी की ओर से आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में अधिकृत नहीं किया गया है, इसलिए आयोग ने उनसे मुलाकात से इनकार किया. यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार में वोटर लिस्ट पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) को लेकर विपक्ष लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है.
चुनाव आयोग पर भड़के फारूक अब्दुल्ला
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने निर्वाचन आयोग द्वारा बिहार में मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण करने के फैसले को मंगलवार को ‘‘संविधान विरोधी’’ करार दिया. अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘1.50 करोड़ से अधिक बिहारी अपने राज्य से बाहर काम कर रहे हैं. वे नामांकन के लिए फॉर्म कैसे भरेंगे? वे वोट कैसे देंगे? वे अपने मृतक माता-पिता के प्रमाणपत्र कहां से लाएंगे?’’ जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री कुलगाम में पत्रकारों से बात कर रहे थे, जहां वह पार्टी के एक कार्यक्रम में भाग लेने गए थे.
विपक्ष को हार का डर
बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने बिहार बंद और मतदाता सूची के रिवीजन को लेकर विपक्ष पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने सवाल किया कि अगर वोटर लिस्ट को ठीक किया जा रहा है तो इसमें दिक्कत क्या है? उन्होंने कहा, “वोटर MP और MLA चुनते हैं. अगर घुसपैठिए या फर्जी नाम जुड़ गए हैं तो उसकी जांच जरूरी है. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है, फिर विपक्ष क्यों दबाव बना रहा है?”रविशंकर प्रसाद ने यह भी कहा कि विपक्ष इस प्रक्रिया का विरोध इसलिए कर रहा है क्योंकि उन्हें हार का डर सता रहा है.







