बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण तेजी से कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य में बड़े पैमाने पर अधिकारियों की तैनाती की है। आयोग ने पहली बार राज्य के 18 नगर निगमों के आयुक्तों को अतिरिक्त जिला निर्वाचन पदाधिकारी (एडीईओ) की जिम्मेवारी सौंपी हैं।
अभी तक डीएम को जिला निर्वाचन पदाधिकारी बनाया जाता है। हालांकि, आयोग ने कहा है कि सर्वेक्षण के बाद यह नियुक्ति प्रभावी नहीं रहेगी। इसके साथ ही सभी विधानसभा क्षेत्रों में कई सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (एईआरओ) नियुक्त किये गए हैं।
एक विधानसभा में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, कल्याण पदाधिकारी, पंचायती राज पदाधिकरी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, राजस्व अधिकारी, प्रखंड सहकारिता, सांख्यिकी पदाधिकारी, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी जैसे अफसर को एईआरओ की जिम्मेदारी सौंपी है। वजीरगंज के लिए तो 24 एईआरओ की तैनाती की गयी है। विधानसभा क्षेत्र में दो से लेकर दो दर्जन तक एईआरओ बनाये गये हैं।
मतदाता पुनरीक्षण के 47 फीसदी फाॅर्म जमा
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत 14 दिनों में 7.90 करोड़ में से 3.70 करोड़ से अधिक मतदाताओं से
फॉर्म जमा हो चुके हैं। चुनाव आयोग ने कहा कि यह 46.95% है। दो सप्ताह में 7.90 करोड़ फॉर्म छापे गये। इनमें से 97% मतदाताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं। 18.16% फॉर्म नेट पर अपलोड हो चुके हैं। कई बिहार में 17 दिन बचे हैं। इसमें बाकी फॉर्म एकत्र करने का लक्ष्य है। बीते 24 घंटों में ही 82.78 लाख फॉर्म जमा हुए हैं।







