बिहार में चुनावी सरगर्मियां चरम पर है. चुनाव से पहले राज्य में वोटर पुनरीक्षण के मसले पर बवाल मचा हुआ है. इसके विरोध में आज बिहार बंद है. इसमें आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी शामिल हो रहे हैं. इस बीच वोटर पुनरीक्षण का मसला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है. इस मसले पर आज केंद्र सरकार शीर्ष अदालत में अपना जवाब दाखिल कर सकता है. इस बीच एनडीए के सहयोगी दल के नेता उपेंद्र कुशवाहा ने कहा है कि चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट पुनरीक्षण का काम देरी से शुरू किया है. वहीं भाजपा के नेता गिरिराज सिंह ने कहा है कि सीमांचल में एकाएक लाखों लोगों ने आवासीय प्रमाण पत्र बनाने के लिए आवेदन किया है, जिसमें कहीं ना कहीं एक साजिश की बू आ रही है.
बिहार में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर दो कार्यकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में नई याचिकाएं दायर की हैं. इन याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट कल पहले से लंबित मामलों के साथ सुनवाई करेगा. वरिष्ठ वकील वृंदा ग्रोवर ने कोर्ट से आग्रह किया था कि इन याचिकाओं को भी अन्य मामलों के साथ सूचीबद्ध किया जाए, क्योंकि यह मामला भी उसी विषय से जुड़ा है. अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट की सूची में शामिल किया गया है, जहां इस पर विस्तृत सुनवाई होने की संभावना है. यह सुनवाई ऐसे समय में हो रही है जब बिहार में SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद और कानूनी चुनौतियां लगातार बढ़ती जा रही हैं.
सूत्रों के मुताबिक चुनाव आयोग (EC) के फैसले के अनुसार SIR प्रक्रिया बिहार के बाद पूरे देश में लागू की जाएगी. SIR आदेश के पैरा 10 में स्पष्ट है कि यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से देशभर में लागू की जाएगी. बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण इसे पहले वहां लागू किया गया.
इसके बाद देश के अन्य राज्यों, जैसे पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में इसे कब लागू किया जाएगा, इसका फैसला चुनाव आयोग उचित समय पर करेगा. EC आने वाले समय में यह भी तय करेगा कि SIR को पूरे देश में एक साथ लागू किया जाए या फिर राज्यवार







