मतदाता पुनरीक्षण को लेकर महागठबंधन और NDA आमने-सामने आ गए हैं। महागठबंधन के नेताओं द्वारा धरना-प्रदर्शन किए जाने के बाद भाजपा ने अपना पक्ष रखा है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने जहानाबाद सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि मतदाता पुनरीक्षण एक संवैधानिक प्रक्रिया है। यह संविधान के अनुच्छेद 325-326 के तहत कराया जा रहा है।
5 करोड़ मतदाताओं को नहीं देने होंगे कागजात
बिहार में कुल 7.9 करोड़ मतदाता हैं। इनमें से 5 करोड़ मतदाताओं को किसी तरह के कागजात नहीं देने हैं। केवल शेष मतदाताओं से ही दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। गुरु प्रकाश ने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र एजेंसी है, इसलिए इस पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
पुनरीक्षण कार्य में लगे हैं 50 लाख BLO
विपक्ष की आधार कार्ड संबंधी मांग पर उन्होंने स्पष्ट किया कि आधार कार्ड से नागरिकता साबित नहीं होती। यह केवल एक आवासीय प्रमाण है। नागरिकता के लिए अन्य दस्तावेजों की आवश्यकता होती है।
उन्होंने बताया कि, ‘इस कार्य में लगभग 50 लाख BLO लगे हुए हैं। इसलिए विरोधियों द्वारा हाय तौबा मचाया जा रहा है। इसे प्रतीत हो रहा है कि उनको लोकतंत्र पर विश्वास नहीं है।’ गुरु प्रकाश ने जनता से अपील की कि वे मतदाता पुनरीक्षण कार्य में सहयोग करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी वैध मतदाता का नाम नहीं काटा जाएगा।






