प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार तड़के त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। उन्होंने कहा ‘प्रधानमंत्री कमला जी के पूर्वज बिहार के बक्सर में रहा करते थे। कमला जी खुद वहां जाकर भी आई हैं। वहां लोग इन्हें बिहार की बेटी कहते हैं। यहां मौजूद अनेक लोगों के पूर्वज बिहार से ही आए हैं।’
‘बिहार की विरासत भारत के साथ ही दुनिया का भी गौरव है। लोकतंत्र हो, राजनीति हो, कूटनीति हो, उच्च शिक्षा हो, बिहार ने सदियों पहले दुनिया को ऐसे अनेक विषयों में नई दिशा दिखाई थी।’
‘मुझे विश्वास है कि 21वीं सदी की दुनिया के लिए भी बिहार की धरती से नई प्रेरणाएं और नए अवसर निकलेंगे।’
पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय की यात्रा को साहस की मिसाल बताया। पीएम ने कहा- वे (भारतीय प्रवासी) गंगा और यमुना को पीछे छोड़ आए, लेकिन अपने दिल में रामायण को साथ लाए।
उनके योगदान ने इस देश को सांस्कृतिक, आर्थिक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध किया है। वे अपनी मिट्टी छोड़ आए, लेकिन अपने संस्कार नहीं छोड़े। वे सिर्फ प्रवासी नहीं थे, बल्कि एक सभ्यता के दूत थे।
पीएम मोदी ने ऐलान किया कि भारतीय मूल के लोगों की छठी पीढ़ी को भी ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार तड़के त्रिनिदाद और टोबैगो की राजधानी पोर्ट ऑफ स्पेन पहुंचे हैं।
मोदी बोले- त्रिनिदाद और टोबैगो की रामलीला अनोखी हैं
पीएम मोदी ने कहा- 25 साल पहले मैं यहां आया था। तब से अब तक हमारी दोस्ती और मजबूत हुई है। बनारस, पटना, कोलकाता और दिल्ली भारत के शहर हैं, लेकिन यहां भी इनके नाम की सड़कें हैं। नवरात्रि, महाशिवरात्रि और जन्माष्टमी यहां खुशी, उत्साह और गर्व के साथ मनाए जाते हैं। चौताल और भटक गाना यहां फल-फूल रहे हैं।
मैं यहां कई परिचित चेहरों की गर्मजोशी और युवा पीढ़ी की आंखों में उत्सुकता देखता हूं, जो एक साथ जानने और बढ़ने के लिए उत्साहित हैं। हमारे रिश्ते भौगोलिक सीमाओं से परे हैं।
पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय की श्रीराम के लिए गहरी आस्था की तारीफ की। उन्होंने कहा- मुझे आपकी प्रभु श्रीराम में गहरी आस्था का पता है। यहां की रामलीला वाकई अनोखी हैं। मुझे यकीन है कि आप सभी ने 500 साल बाद अयोध्या में रामलला की वापसी का स्वागत किया होगा।
आपने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए पवित्र जल और शिला भेजी थी। मैं भी उसी भक्ति के साथ कुछ लाया हूं। मेरे लिए यह सम्मान की बात है कि मैं राम मंदिर की प्रतिकृति और पवित्र सरयू नदी का जल लेकर आया हूं।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि, ‘उन्होंने समस्याओं का डटकर सामना किया और वे गंगा और यमुना को पीछे छोड़ आए, लेकिन अपने दिलों में रामायण लेकर आए. उन्होंने अपनी मिट्टी छोड़ी, लेकिन अपना नमक नहीं. वे केवल प्रवासी नहीं थे, वे एक शाश्वत सभ्यता के संदेशवाहक थे. उनके योगदान ने इस देश को सांस्कृतिक, आर्थिक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध किया है.”
पीएम मोदी ने कहा कि, “जब मैं 25 साल पहले आखिरी बार यहां आया था, तब से लेकर अब तक हमारी दोस्ती और भी मजबूत हुई है. बनारस, पटना, कोलकाता और दिल्ली भले ही भारत के शहर हों, लेकिन यहां की सड़कों के नाम भी हैं.” पीएम मोदी ने आगे कहा कि, ‘नवरात्रि, महाशिवरात्रि और जन्माष्टमी भी यहां उत्साह से मनाई जाती है. चौताल और भिटक गण यहां फलते-फूलते रहते हैं. मैं यहां कई जाने-पहचाने चेहरों की गर्मजोशी देख सकता हूं. मैं युवा पीढ़ी की चमकीली आंखों में जिज्ञासा देख सकता हूं, जो जानने और साथ मिलकर आगे बढ़ने के लिए उत्सुक हैं. हमारे संबंध भूगोल और पीढ़ियों से कहीं आगे तक फैले हुए हैं.”
प्रधानमंत्री कमला ने स्वागत भाषण में पढ़ी पीएम मोदी की कविता
वो पल खास रहा जब पीएम कमला ने पीएम मोदी की किताब ‘आंख आ धन्य छे’ में प्रकाशित एक कविता का उल्लेख किया।
कमला ने इस कविता के माध्यम से भारत और कैरेबिया के बीच स्थायी रिश्ते और पीएम मोदी के भारतीय प्रवासियों के साथ गहरे भावनात्मक संबंधों को रेखांकित किया।
‘आंख आ धन्य छे’ में कविता गुजराती भाषा में लिखी है। इसमें लिखा है:
मेरे मन की गहराइयों में, मैं अतीत में बहुत दूर जाता हूं।
हर पल एक याद बनकर खुलता है, मेरी स्मृतियां आसानी से लौट आती हैं।
हर चेहरा आसानी से पहचाना जाता है, कुछ भी छिपा नहीं रहता, क्योंकि सत्य साफ दिखाई देता है।
हमारे उन साथियों के लिए, जिनके साथ हमने कष्ट सहे।
वे कभी भुलाए नहीं जाते, एक साथ सहे उन कष्टों को अंत में वे ही यात्रा बन जाते हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने मोदी की जमकर प्रशंसा की और उनके दौरे को गहरा सम्मान और साझा इतिहास का क्षण बताया।
उन्होंने कहा, हमें एक ऐसे व्यक्ति की उपस्थिति का सौभाग्य प्राप्त है जो हमारे लिए बहुत प्रिय है। यह दौरा सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि हमारे लिए बहुत सम्मान की बात है। मुझे विश्व के सबसे सम्मानित और दूरदर्शी नेताओं में से एक, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करने का विशेष सौभाग्य प्राप्त है।
उन्होंने आगे कहा, प्रधानमंत्री, आप एक परिवर्तनकारी शक्ति हैं जिन्होंने भारत के शासन को बेहतर बनाया और अपने देश को एक प्रमुख वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित किया। आपके दूरदर्शी और भविष्यवादी पहलों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को आधुनिक बनाया, एक अरब से अधिक नागरिकों को सशक्त किया, और सबसे बढ़कर, आपने विश्व भर के भारतीयों के दिलों में गर्व की भावना जगाई।
उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान मोदी के नेतृत्व और भारत की वैश्विक वैक्सीन मैत्री पहल को भी रेखांकित किया।
यह प्रधानमंत्री के रूप में मोदी का त्रिनिदाद एंड टोबैगो का पहला दौरा है और 1999 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का इस कैरिबियाई देश का पहला द्विपक्षीय दौरा है। पीएम मोदी की यह यात्रा त्रिनिदाद एंड टोबैगो की प्रधानमंत्री के निमंत्रण पर हो रही है।







