आगामी विधानसभा चुनाव की तासीर से एक बात तो स्पष्ट है कि चुनावी जंग नेक टू नेक है। और कुछ नहीं तो मुद्दों की आपाधापी की जंग ये साफ संकेत दे रहे हैं। हो ये रहा है कि तेजस्वी यादव मुद्दे उठाते जा रहे हैं और एनडीए के रणनीतिकार पलटवार कर रहे हैं। तेजस्वी यादव अपने प्लान ‘सीए’ यानी काउंटर अटैक यानी पलटवार में सफल हो रहे हैं। तेजस्वी यादव मुद्दों को हवा देते हैं। उनको जवाब देने में एनडीए के बड़े से बड़े नेता कूद पड़ते हैं। यहां तक कि तेजस्वी यादव की बातों का जवाब केंद्रीय मंत्री तक को देना पड़ता है। यही तेजस्वी की सफलता बताई जा रही है।
तेजस्वी का अपराध बुलेटिन
राजद के प्लेटफार्म से अपराध बुलेटिन राजनीतिक चिंतकों की सोच में नहीं था। लेकिन जब घटनाओं का संकलन कर अपराध बुलेटिन राजद के प्लेटफार्म से प्रचारित प्रसारित होने लगा। तेजस्वी महाजंगलराज की तस्वीर दिखाने लगे। कल ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि बिहार अपराध और आतंक का प्रयोगशाला बन गया। जहां संविधान की गूंज सुनाई पड़ती थी वहीं अब बंदूक की गोलियों की आवाज गूंजा करती है। और इस बार तो हमले में राजद का चुनाव चिन्ह लालटेन भी आ गया। जिसे रक्षा मंत्री ने घरों में आग लगाने वाला के रूप में चित्रित कर गए।
नौकरी और पलायन
तेजस्वी यादव ने जब महागठबंधन सरकार का रिपोर्ट कार्ड जारी करते कहा कि पांच लाख सरकारी नौकरी देने और आरक्षण की सीमा 65 प्रतिशत बढ़ाने का श्रेय लेना शुरू किया तो दनादन वर्तमान सरकार नौकरियां बांटने लगी। बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार 12 लाख सरकारी नौकरी देने के संकल्प को पूरा करने का काम बहुत तेजी से काम कर रही है। पुलिस महकमे में 19 हजार 838 पद पर सिपाही की बहाली की घोषणा के बाद अब एक और विभाग में बंपर वैकेंसी निकली है।
मंगल पांडेय का ऐलान
बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने इसकी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि बिहार के सरकारी अस्पतालों में 11925 पदों पर भर्ती की जाएगी। अप्रैल माह 2025 में सीएम नीतीश ने आज अपने मंत्रियों के साथ कैबिनेट बैठक की। इनमें चुनाव से पहले कुल 27 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की मंजूरी दी गई। सबसे अधिक स्वास्थ्य विभाग में खाली पड़े पदों पर नियुक्ति होगी।
पलायन पर भी घेरा
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पलायन के मुद्दे पर हमला करते कहा कि प्रति वर्ष लगभग 3 करोड़ लोग नौकरियों और रोजगार के लिए बिहार से पलायन करते हैं। यह आंकड़ा केंद्र सरकार के श्रम मंत्रालय के साइट पर भी मौजूद हैं। 3 करोड़ का मतलब बिहार की कुल आबादी का 20 प्रतिशत लोग पलायन करते हैं। लेकिन जानकर बताते हैं कि लगभग पांच करोड़ होगा। ऐसा इसलिए कि बहुत सारे लोग ई श्रम पोर्टल या वैद्य संस्थानों से निबंधन नहीं कराते पर रोजगार हेतु बिहार से बाहर निकल जाते हैं। तेजस्वी यादव के इस आरोप को केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय खारिज करते हैं। वे कहते हैं कि तेजस्वी यादव सफेद झूठ बोलते हैं। पलायन तो राजद की सरकार में हुआ था। लोग जान प्राण और प्रतिष्ठा बचाने के लिए बिहार से प्रस्थान कर गए थे।







