प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिनों के दौरे पर 29 मई को पटना पहुंच रहे हैं. इस साल उनका बिहार का यह चौथा दौरा है. अंतिम बार वे अप्रैल में बिहार आए थे. पहलगाम प्रकरण के ठीक बाद मधुबनी की धरती से उन्होंने पाकिस्तान को सख्त संदेश दिया था कि भारत इसका ऐसा जवाब देगा, जिसकी उसने कल्पना भी नहीं की होगी. पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद पीएम मोदी की हो रही बिहार यात्रा को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. इस बार वे बिहारवासियों को न सिर्फ नए एयरपोर्ट टर्मिनल की सौगात देंगे, बल्कि जिस तरह की तैयारियां दिख रही हैं, उससे स्पष्ट है कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को भुनाने का एनडीए पूरी कोशिश करेगा.
एयरपोर्ट से भाजपा के दफ्तर तक उनके पहुंचने में 45 मिनट का वक्त निर्धारित किया गया है. इस समय का सदुपयोग एनडीए लोगों में राष्ट्रीयता का भाव जागृत करने के लिए करेगा. एयरपोर्ट से उनकी यात्रा तिरंगे के साथ निकलेगी. यानी इसे रोड शो में तब्दील करने की भाजपा ने तैयारी कर रखी है. अगले दिन पीएम रोहतास जिले के विक्रमगंज में एक सभा को संबोधित करेंगे. वहां की तैयारी यह है कि महिलाएं राष्ट्रीय भावना प्रदर्शित करने और सेना के पराक्रम को सलाम करने के लिए अपने हाथों में ऑपरेशन सिंदूर की मेहंदी रचा रही हैं.
बिहार में 29-30 को रहेंगे पीएम मोदी
पीएम मोदी 29 मई को बिहार पहुंचेंगे. एयरपोर्ट से रोड शो करते हुए वे भाजपा कार्यालय आएंगे. पटना के एयरपोर्ट का आधुनिकीकरण हुआ है. वे उसका उद्घाटन करेंगे. साथ ही बिहटा में नए टर्मिलन की सौगात भी देंगे. उस दिन उनका पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी कार्यक्रम है. सिक्किम की गैस वितरण परियोजना का वे उद्घाटन करेंगे. 30 मई को पीएम रोहतास के विक्रमगंज जाएंगे, जहां उनकी एक बड़ी सभा होने वाली है. बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पीएम की यात्रा को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. चुनाव में अब सिर्फ 5 महीने ही बचे हैं.
राजनीतिक संदेश की भी है उम्मीद
पीएम मोदी की यात्रा से चुनावी साल में बिहार को राजनीतिक संदेश की उम्मीद की जा रही है. बिहार एनडीए की एकजुटता के साथ वे इस दिशा में कोई घोषणा कर सकते हैं. अभी तक नीतीश कुमार को अगली बार सीएम बनाने के सवाल पर खुल कर कोई बात नहीं हो रही है. उनके सीएम बनने पर संदेह इसलिए जताया जा रहा है कि भाजपा नेता उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ने की बात तो करते हैं, लेकिन सीएम के सवाल पर चुप्पी साध लेते हैं. अमित शाह ने पिछले साल दिसंबर में संदेह का बीजारोपण अपने इस बयान से कर दिया था कि सीएम का फैसला संसदीय बोर्ड करेगा. नीतीश कुमार इस बारे में क्या सोचते हैं, यह तो वे ही जानें, लेकिन उनके समर्थक चाहते हैं कि इस बाबत भाजपा का शीर्ष नेतृत्व स्थित स्पष्ट करे. नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार भी कई बार कह चुके हैं कि उनके पिता को एनडीए सीएम घोषित करे. इस बार उम्मीद की जा रही है कि पीएम इस बारे में कोई इशारा जरूर करेंगे.
पहलगाम की आतंकी घटना के तुरंत बाद पीएम मोदी बिहार के दौरे पर आए थे. उन्होंने पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी थी. यह वही वक्त था, जब देश भर में पाकिस्तान के खिलाफ भारी उबाल था. राष्ट्रीय भाव लोगों में हिलोरें मार रहा था. लोग पाकिस्तान को मटियामेट करने के लिए मोदी से उम्मीद पाले हुए थे. उसके कुछ ही दिनों बाद 7 मई को पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर भारत ने स्ट्राइक की. पाकिस्तान को भारी नुकसान का ब्यौरा सामने आया. सेना ने इस स्ट्राइक का नाम ऑपरेशन सिंदूर दिया. देश भर में इसकी खूब सराहना हुई है. पाकिस्तान के खिलाफ भड़के देशवासियों को ऑपरेशन सिंदूर ने थोड़ी राहत दी है. इस बीच मोदी का पाकिस्तान के लिए यह बयान काफी पापुलर हुआ है कि चैन से रोटी खाओ, हमें भी चैन से रहने दो, वर्ना हमारी गोली तो है ही. इससे स्पष्ट है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद बिहार में हो रहे विधानसभा चुनाव में एनडीए का बड़ा टूल राष्ट्रीयता बनने वाली है.







