जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने पाकिस्तान को करारा जवाब देने के लिए एक ऐसी रणनीति का सुझाव दिया है, जिसमें सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई ऐसी होनी चाहिए कि दुश्मन का नुकसान हो, लेकिन भारत को कोई क्षति न पहुंचे.
गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि हाल के आतंकी हमले के बाद कश्मीर के मुसलमानों ने सड़कों पर उतरकर आतंकवाद के खिलाफ हल्ला बोला. उन्होंने पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए कहा कि कश्मीर के लोगों ने इसे न केवल अपनी अर्थव्यवस्था और धर्म, बल्कि कश्मीरियत पर हमला माना. कश्मीरियत, जिसका मतलब हिंदू-मुस्लिम भाईचारा है. आतंकियों ने धर्म के आधार पर निशाना बनाया, जिससे कश्मीरी जनता में गुस्सा भड़क उठा. आजाद ने इसे पाकिस्तान के लिए एक बड़ा जवाब करार दिया. उन्होंने कहा, पाकिस्तान के आर्मी चीफ जिस तरह धर्म के आधार पर बयानबाजी करते हैं, वैसा कोई सिपाही भी नहीं बोलता। कश्मीर के लोगों का सड़कों पर उतरना उनके लिए हजार एटम बम के बराबर जवाब था.
संसद का विशेष सत्र बुलाने की सलाह
आजाद ने सुझाव दिया कि देश की एकजुटता दिखाने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया जा सकता है. उन्होंने कहा, संसद सबसे बेहतर मंच है, जहां सभी दल एकजुट होकर प्रस्ताव पारित करें और सरकार को ताकत दें. उन्होंने जोर देकर कहा कि इस सत्र में किसी भी दल को राजनीति नहीं करनी चाहिए. उनका मानना है कि एक देश और एक दुश्मन की छवि पेश करने के लिए संसद का मंच आदर्श है.
अलग रणनीति की जरूरत
आजाद ने कश्मीर में आतंकवाद से निपटने के लिए एक अलग रणनीति की वकालत की. उन्होंने कहा कि केंद्र, राज्य, राष्ट्रीय और स्थानीय मीडिया को एक ही पेज पर होना चाहिए. कभी-कभी ये चारों अलग-अलग दिशाओं में काम करते हैं, जो देश को नुकसान पहुंचाता है. आजाद ने कांग्रेस नेतृत्व की भी तारीफ की. उन्होंने कहा, कांग्रेस ने इधर-उधर बयान देने वालों को डांट-डपट कर सही किया.
पीएम पर कार्रवाई का भरोसा
पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई के सवाल पर आजाद ने कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री पर छोड़ देना चाहिए. हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि कार्रवाई ऐसी होनी चाहिए, जिसमें भारत का कोई नुकसान न हो और पाकिस्तान को सबक मिले. जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ लोगों का गुस्सा और एकजुटता, साथ ही आजाद की रणनीतिक सलाह, इस मुद्दे पर देश के लिए एक मजबूत संदेश है.
नेशनल कांफ्रेंस के सांसद का बड़ा बयान
श्रीनगर से नेशनल कांफ्रेंस के सांसद रुहुल्लाह का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा, बेगुनाहों का कत्ल हुआ उन्हें न्याय मिले. गुनहगारों को सजा मिले, बेगुनाह को नहीं. चाहें वो घोड़े वाला हों या टैक्सी वाला हो. जम्मू कश्मीर को इस वॉयलेंस से राहत मिले.







