औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग को लेकर सोमवार को महाराष्ट्र में हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान नागपुर में विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने औरंगजेब का पुतला फूंका। इसमें कथित रूप से आपत्तिजनक सामग्री का इस्तेमाल किया गया। इसका वीडियो वायरल हो गया। देर शाम 7:30 बजे नागपुर के महाल इलाके में हिंसा भड़क गई। इसके बाद पथराव और तोड़फोड़ शुरू हो गई।
उपद्रवियों ने घरों पर पथराव किया और सड़क पर खड़े दर्जनों वाहनों में तोड़फोड़-आगजनी की। पुलिस पर भी हमला किया गया। DCP निकेतन कदम कुल्हाड़ी के हमले से घायल हो गए। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। हिंसा में पुलिसकर्मियों समेत एक दर्जन लोग घायल हुए हैं। 55 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
घटना के बाद रात 10.30 बजे से 11.30 बजे के बीच ओल्ड भंडारा रोड के पास हंसपुरी इलाके में एक और झड़प हुई। पुलिस कमिश्नर रविंद्र सिंघल ने बताया कि BNS की धारा 163 (IPC की धारा 144 की तरह) 11 इलाकों में कर्फ्यू लगाई गई है। इनमें कोतवाली, गणेशपेठ, तहसील, लकड़गंज, पचपावली, शांतिनगर, सक्करदरा, नंदनवन, इमामवाड़ा, यशोधरानगर और कपिलनगर इलाके शामिल हैं।
CM खुद नागपुर से विधायक CM देवेंद्र फडणवीस ने देर रात कैबिनेट मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के साथ बैठक की। इसके बाद बावनकुले नागपुर के लिए रवाना हो गए। CM ने उन्हें घटना पर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। बावनकुले नागपुर के संरक्षक मंत्री हैं। फडणवीस भी नागपुर के दक्षिण-पश्चिम सीट से विधायक हैं।
औरंगजेब की कब्र पर सुरक्षा बढ़ाई गई हिंसा के बाद छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) में औरंगजेब की कब्र पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। SP ने बताया कि जिले में SRPF की एक कंपनी और दो प्लाटून तैनात किए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में पुलिस मार्च कर रही है।
नागपुर हिंसा कैसे भड़की, किसने लगाई आग?
स्थानीय भाजपा विधायक ने इन सारे घटनाक्रमों को लेकर बड़ा खुलासा किया है. नागपुर के महल इलाके में घरों और कारों में आग लगाने को लेकर उन्होंने बड़ा बयान आया है.
बीजेपी विधायक का दावा
नागपुर मध्य से भाजपा विधायक प्रवीण दटके ने दावा किया कि बाहर से आए लोग घरों और कारों में आग लगाते दिखे हैं. सुबह विरोध प्रदर्शन हुआ, लेकिन पुलिस ने हस्तक्षेप करके मामले को शांत करा दिया. फिर रात में महल कैंपस और दूसरे क्षेत्रों पर पत्थर फेंके गए. वाहनों में आग लगा दी गई. दमकल कर्मियों की पिटाई की गई. बाहर से आये लोग आम लोगों के घरों में आग लगा देते हैं. प्रवीण दटके ने दावा किया है कि पत्थर किसी लक्ष्य पर फेंके गए थे.
वहीं हंसरपुरी में हिंसा के एक चश्मदीद के मुताबिक, इलाके में कुछ नकाबपोश लोग आए थे, जिन्होंने सारा उत्पात मचाया. उन्होंने कहा, ‘एक समूह यहां आया, उनके चेहरे स्कार्फ से ढके हुए थे. उनके हाथों में धारदार हथियार, स्टीकर और बोतलें थीं. उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया, दुकानों में तोड़फोड़ की और पथराव किया. उन्होंने वाहनों में भी आग लगा दी.’
उधर नागपुर पुलिस आयुक्त रवींद्र सिंगल ने नागरिकों को आश्वासन दिया कि अब स्थिति नियंत्रण में है. उन्होंने कहा, ‘फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है. एक फोटो जलाने की घटना हुई, जिसके बाद लोग इकट्ठा हो गए. हमने उनसे वहां से हटने का अनुरोध किया और इस संबंध में कार्रवाई भी की. वे मुझसे मिलने भी आए थे. उन्हें बताया गया कि जिन लोगों के नाम उन्होंने लिए हैं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी.’
इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘यह घटना रात करीब 8-8:30 बजे हुई. ज्यादा वाहन जलाए नहीं गए हैं. हम नुकसान का आकलन कर रहे हैं. अब तक दो वाहनों को जलाने और पथराव की घटनाएं सामने आई हैं. पुलिस तलाशी अभियान चला रही है और दोषियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है. हमने धारा 144 लागू कर दी है और सभी को अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने और कानून अपने हाथ में न लेने की हिदायत दी गई है. अफवाहों पर विश्वास न करें. इस क्षेत्र को छोड़कर पूरा शहर शांतिपूर्ण है.’
चश्मदीद बोले- चेहरा ढंककर आए थे उपद्रवी चश्मदीदों ने बताया कि उपद्रवियों ने अपने चेहरे ढंक रखे थे। उनके हाथ में तलवार, डंडे और बोतलें थीं। अचानक से सभी ने हंगामा शुरू कर दिया। घरों पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। दुकानों में तोड़-फोड़ की। इसके बाद गाड़ियों के शीशे तोड़ने लगे और उनमें आग लगा दी।
मुंबई के मुस्लिम बहुल इलाकों में सुरक्षा बढ़ी हिंसा के बाद शहर के गणेशपेठ, लकड़गंज, पचपावली, शांतिनगर, सक्करदरा, नंदनवन, इमामवाड़ा, यशोधरा नगर और कपिल नगर में कर्फ्यू लगाया गया है। इसके अलावा मुंबई में भी पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
मालवणी, भिंडी बाजार, कुर्ला, शिवाजी नगर-मानखुर्द और अंटॉपहिल जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों में स्थानीय पुलिस को सतर्क कर दिया गया। मुंबई पुलिस ने भी विभिन्न इलाकों के सभी धर्मों के प्रमुख लोगों से संपर्क कर किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास नहीं रखने की अपील की है।







