बिहार फतह की पटकथा लिखने आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बिहार चुनाव को न्यूट्रल राजनीति की धार पर चढ़ा गए। निशाना भी साधा तो राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के एमवाई पर। मध्यम मार्ग अपनाते नरेंद्र मोदी ने राजद के पक्षधर बनी MY समीकरण को समृद्धि योजना के सहारे भाजपा की तरफ देखने, महसूस करने और नए परिप्रेक्ष्य में आकलन करने का एक टास्क दे गए।
पीएम किसान सम्मान योजना
किसान सम्मान योजना से एक बड़े वर्ग को प्रभावित करने की मंशा इस सरकार की तो रहीं है। और यह जानते हुए कि बिहार में जो दो नव धनाढ्य जातियों सवर्ण के बरक्स खड़ी हैं, उनमें यादव और कुर्मी का उदय जमीन के मामले में एक नए खरीददार के रूप में हुआ है। ऐसे में इस सम्मान योजना का लाभ एक बड़ी संख्या में यादव समुदाय का भी होने जा रहा है। भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि ऐसे में यादव समुदाय के बीच एक सॉफ्ट कॉर्नर इस रूप में विकसित हो सकता है, जहां भाजपा के प्रति आक्रामक विरोध में कमी आ सकती है। और बिहार के संदर्भ में इतना भी हो जाता है तो यह भाजपा की बड़ी जीत हो सकती है।
गोकुल योजना
मोतिहारी में गोकुल मिशन के तहत विकसित किया गया सेंटर फॉर एक्सीलेंस फॉर इंडिजिनियस ब्रीड्स भी दूध उत्पादक के एक बड़े वर्ग को ध्यान में रख कर किया है। दूध उत्पाद संयंत्र जिसका उद्देश्य तीन लाख दूध उत्पादकों के लिए बाजार बनाना है। भाजपा जानती है कि खास कर दुग्ध व्यवसाय से गरीब यादव ज्यादा जुड़े हैं। यह वह वर्ग है जिसे धनाढ्य यादव दूधिया कहते हैं। भाजपा के निशाने पर यह वर्ग भी है। लालू यादव की राजनीति का यह वर्ग आधार भी है। भाजपा के निशाने पर यह वर्ग है जिसे भाजपा की तरफ देखने हेतु राह बनाया जा रहा है।
लालू यादव परिवार पर हमला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़े उद्देश्य के साथ राजद सुप्रीमो लालू यादव की यादव राजनीति पर भी प्रहार किया। कहा जो व्यक्ति पशुओं का चारा खा सकते हैं वह कभी भी परिस्थितियों को बदल नहीं सकते हैं। एनडीए सरकार ने इसे बदला है। पहले यूरिया के लिए किसान लाठी खाता था। यूरिया की कालाबाजारी होती थी। आज देखिए किसानों को पर्याप्त खाद मिलती है। हमने तो कोरोना काल में भी किसानों को खाद की कमी नहीं होने। आज भी हमारे किसानों को खाद के लिए लाठियां खानी पड़ती। आज भी बरौनी कारखाना बंद रहता है।
आस्था से नफरत है लालू परिवार को
पीएम मोदी ने इस दौरान धर्म और आस्था के बरक्स लालू परिवार को खड़ा किया। कहा कि जंगलराज वालों को हमारी धरोहर और आस्था से नफरत है। इस समय प्रयागराज में एकता का महाकुंभ चल रहा है। यह भारत की एकता और समरसता का प्रतीक है। पूरे यूरोप की जनसंख्या से ज्यादा लोग अब तक कुंभ में डुबकी लगा चुके हैं। बिहार से गांव-गांव के लोग कुंभ में डुबकी लगा रहे हैं। लेकिन, यह जंगलराज वाले लोग महाकुंभ को गाली दे रहे हैं। भद्दी-भद्दी गालियां दे रहे हैं। राम मंदिर को कोसने वाले लोग महाकुंभ पर टिप्पणी कर रहे हैं। ऐसे लोगों को बिहार कभी माफ नहीं करेगी। जनता सब देख रही है।







