बिहार में आज शाम 4 बजे नीतीश मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। इसे लेकर राजभवन को चिट्ठी भेजी गई है। इधर, BJP प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने बुधवार को मंत्री पद से अपना इस्तीफा दे दिया है।
अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ राजभवन पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि CM नीतीश कुमार ने उन्हें लिस्ट लेकर भेजा है। उन्होंने राज्यपाल के प्रधान सचिव से मुलाकात की।
दिलीप जायसवाल ने कहा- ‘BJP में एक व्यक्ति एक पद का फॉर्मूला है, इसलिए मैंने आज मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। कैबिनेट विस्तार होना तय है। ये मुख्यमंत्री जी का अधिकार है। इसमें जातीय समीकरण का भी ध्यान रखा जाएगा।’
‘भविष्य में भी मेरे बारे में चर्चा चलेगी। राजस्व विभाग में हमने सर्वे का काम शुरू किया था। उस दौरान उथल-पुथल मची हुई थी। हमने फिर भी अपना काम जारी रखा। 14 करोड़ पन्नों को हमने डिजिटल किया।’


जेपी नड्डा के साथ बैठक के बाद मंत्रिमंडल विस्तार पर लगी मुहर
पिछले एक साल से नीतीश कैबिनेट विस्तार की चर्चा चल रही थी। मंगलवार को जेपी नड्डा के साथ हुई कोर कमेटी की बैठक के बाद इस पर मुहर लगी।
कोर कमेटी की बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई है कि किन चेहरों को शामिल किया जाए। कैबिनेट विस्तार को लेकर बीजेपी कोटे से 4 से 5 विधायकों के मंत्री बनाने की चर्चा तेज है।
BJP के इन चेहरों को मिल सकती है जगह
- पूर्व मंत्री जीवेश मिश्रा और अनिल शर्मा मंत्री बनाए जा सकते हैं। स्वर्ण समुदाय से एक मंत्री बनाए जाने की बात पर दोनों में से किसी एक चेहरे को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।
- पिछड़े समुदाय से नवल किशोर यादव को मंत्री बनाने की चर्चा है।
- मंत्रिमंडल में एक महिला को भी जगह मिल सकती है। कविता देवी का नाम सामने आ रहा है।
2 विभाग वाले मंत्रियों का एक विभाग छिन सकता है
वैसे मंत्री जिसके पास दो या दो से अधिक मंत्री पद हैं, उनसे एक विभाग को लिया जा सकता है। ये विभाग नए मंत्री को दिया जाएगा। कई ऐसे मंत्री हैं, जिसके पास दो या दो से अधिक विभाग हैं। जानकारी के मुताबिक पार्टी के बड़े चेहरे से भी विभाग की कटौती की जा सकती है। ये नए मंत्री को दी जा सकती है।

जातीय गणित भी साधने की कोशिश
बिहार में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में 2025 विधानसभा चुनाव को देखते हुए जातीय गणित को भी साधने की कोशिश की गई है। जानकारी के मुताबिक, अगड़ी जाति से दो मंत्री बन सकते हैं। राजपूत और भूमिहार जाति से भी मंत्री बन सकते हैं।
अति पिछड़ा में दो लोगों को मंत्री बनाया जा सकता है। तेली जाति से एक मंत्री बनना लगभग तय है। पिछड़ा समाज से भी बन मंत्री सकते हैं। कुर्मी और कुशवाहा समाज से एक-एक मंत्री बनाने की चर्चा है।







