बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाला है. ऐसे में एनडीए सरकार जातीगत समीकरण को साधने के लिए कैबिनेट के विस्तार का प्लान बनाया है, जिसके तहत नीतीश सरकार में कुछ विधायक मंत्री बनेंगे. जिन विधायकों के मंत्री बनने की संभावना है, उसमें संजय सरावगी , राजू सिंह, अवधेश पटेल , जीवेश मिश्रा या अनिल शर्मा, तार किशोर प्रसाद या पवन जायसवाल का नाम शामिल है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक आज शाम को चार बजे नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण होगा. जिसकी तैयारी कर ली गई है.
चुनाव इसी साल है इसलिए मंत्रिमंडल विस्तार में जातीय समीकरण को साधने की तैयारी हो रही है. अगड़ी जाती से 2 विधायक मंत्री बन सकते हैं. राजपूत और भूमिहार जाति के विधायक मंत्री बन सकते हैं. अतिपिछड़ा में 2 विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है. तेली जाती से एक मंत्री बनना लगभग तय है. बताया जा रहा है कि 6 में से 4 बीजेपी विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है. वहीं जदयू कोटे से 2 विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं.
हालांकि इस दौरान दिलीप जायसवाल ने एक नेता-एक पद के तहत मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि वो बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की बातचीत हो रही है. सूत्र बता रहे हैं कि कैबिनेट विस्तार को लेकर बातचीत चल रही है. बिहार विधानसभा सबसे पहले कैबिनेट विस्तार की पूरी संभावना है.
जातीय समीकरण रखा गया है पूरा ध्यान
बिहार में 28 फरवरी से बजट सत्र की शुरुआत होने वाली है. ऐसे में बताया जा रहा है कि बिहार में कल यानि गुरुवार को मंत्रिमंडल विस्तार किया जाएगा. सूत्रों के अनुसार बिहार मंत्रिमंडल में खुल 6 से 7 नए चेहरे को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है. इस बार मंत्रिमंडल विस्तार में बीजेपी कोटे से 5 से 6 और जेडीयू कोटे 1 विधायक को मंत्री बनने का अवसर मिल सकता है. वहीं मंत्रिमंडल विस्तार में जातीय समीकरण का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा.
सूत्रों के अनुसार मिली जानकारी के मुताबिक इस बार नीतीश कैबिनेट विस्तार अगड़ी जाती से 2 मंत्री बन सकते हैं. बताया जा रहा है कि राजपूत और भूमिहार जाति से एक-एक मंत्री बन सकते हैं. वहीं अतिपिछड़ा वर्ग से 2 लोगों को मंत्री बनाया जा सकता है. जानकारी के अनुसार तेली जाती से एक मंत्री बनना लगभग तय है. वहीं पिछड़ा समाज से भी एक मंत्री बन सकते हैं. बताया जा रहा है कि जिन मंत्रियों के पास एक से अधिक विभाग है, उनके विभागों को नए मंत्रियों को मिलने की संभावना है. वहीं कुर्मी समाज से भी एक मंत्री बनाए जाने की संभावना है. सबसे बड़ी बात है कि जिस समाज से सुशील कुमार मोदी आते थे उसे समाज के चेहरे को भी बीजेपी मंत्री बनाए जाने की तैयारी कर रही है.
दरअसल इस बार बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. ऐसे में इस बार बीजेपी पूरी तरह से जातीय समीकरण को साधते हुए मंत्रिमंडल में भेजने की तैयारी कर रही है. जानकारी के अनुसार बिहार बीजेपी की ओर से जातीय समीकरण को सेट करते हुए नामों की सूची दिल्ली भेज दी गयी है. केंद्रीय बीजेपी मुख्यालय की ओर से जैसे ही फ़ाइनल नामों की सूची सामने आएगी, वहीं ही बिहार में कैबिनेट का विस्तार हो जाएगा. सूत्रों के अनुसार बिहार में बजट सत्र का विस्तार कल ही कर लिया जाएगा.
इनके पास एक से अधिक विभाग
बता दें, फिलहाल डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के पास 3 विभाग, मंगल पांडे, नीतीश मिश्रा, प्रेम कुमार के पास भी 2 -2 विभाग हैं. वहीं सूत्रों के अनुसार बीजेपी कोटे से राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल मंत्री के साथ-साथ बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं. ऐसे में पार्टी के एक व्यक्ति, एक पद के सिद्धांत के तहत दिलीप जायसवाल मंत्री पद छोड़ सकते हैं.
कौन-कौन बन सकते हैं मंत्री?
बताया जा रहा है कि जिन विधायकों के मंत्री बनने की संभावना है, उसमें संजय सरावगी , राजू सिंह, अवधेश पटेल , जीवेश मिश्रा या अनिल शर्मा, तार किशोर प्रसाद या पवन जायसवाल का नाम शामिल है. बता दें, फिलहाल जदयू की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ 13 मंत्री हैं. हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) को एक पद मिला है. हम प्रमुख संतोष मांझी स्वयं दो विभाग के मंत्री हैं, जबकि एक निर्दलीय विधायक सुमित कुमार सिंह भी नीतीश मंत्रिमंडल का हिस्सा हैं. जिन मंत्रियों के पास दो-दो विभाग हैं, उनसे एक विभाग लिया जा सकता है.







