बांग्लादेश में राजनीतिक उथक-पटक के बीच मोहम्मद यूनुस आज अंतरिम सरकार के कार्यवाहक की शपथ लेंगे. देश के सेना प्रमुख जनरल वकार उज जमां ने बताया कि यूनुस आज ढाका वापस आ रहे हैं. बता दें, वे अब तक पेरिस में थे. शपथ ग्रहण स्थानीय समय के अनुसार रात आठ बजे होगा.
सरकार में शामिल हो सकते हैं 15 सदस्य
राजनीतिक अशांति और प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे के बाद मोहम्मद यूनुस अंतरिम सरकार का गठन करेंगे. यूनुस ही अंतरिम सरकार का नेतृत्व करेंगे. बुधवार को ढाका आने के लिए चार्ल्स डी गॉल हवाईअड्डे पहुंचे यूनुस ने कहा कि मैं घर वापस जाने के लिए उत्सुक हूं. मैं देखना चाहता हूं कि वहां क्यों हो रहा है. मैं मुसीबत से बाहर निकलने का रास्ता तलाशना चाहता हूं. अंतरिम सरकार के बारे में जानकारी देते हुए आर्मी चीफ ने कहा कि मेरा मानना है कि इसमें करीब 15 सदस्य हो सकते हैं, जिसमें एक-दो बढ़ाए और घटाए जा सकते हैं.
लोगों से की थी अपील
एक दिन पहले, यूनुस ने देशवासियों से अपील की थी कि शांति बनाएं रखें और किसी भी प्रकार की हिंसा में शामिल होने से बचें. उन्होंने कहा था कि इस अवसर का इस्तेमाल राष्ट्र के निर्माण के लिए करें. उन्होंने कहा था कि आप सभी शांत रहें और देश का निर्माण करने के लिए तैयार रहें. हिंसा के रास्ते पर चलेंगे तो सब कुछ नष्ट हो जाएगा. बांग्लादेश हमारा देश है. यह हमारा सुंदर राष्ट्र है. हमें इसे संरक्षित करना है. हम लोगों को बांग्लादेश को अपने और अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए बेहतर देश बनाना है.
बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मंगलवार को अर्थशास्त्री यूनुस (84) को अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया था। इससे एक दिन पहले प्रधानमंत्री शेख हसीना नौकरियों में आरक्षण से संबंधित विवाद को लेकर हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद पद से इस्तीफा देकर देश छोड़कर चली गई थीं। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख नियुक्त किए गए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस ने बुधवार को सभी से “शांति कायम करने” और “हर प्रकार की हिंसा से बचने” की अपील की। यूनुस (84) ने कहा, “आइए इस नई जीत का सर्वोत्तम उपयोग करें। हम अपनी किसी गलती की वजह से इस जीत को व्यर्थ न जाने दें।”
बांग्लादेश को दिया बड़ा संदेश
पेशे से अर्थशास्त्री यूनुस के प्रभार संभालने के लिए पेरिस से स्वदेश लौटने की संभावना है। उन्होंने कहा, “मैं वर्तमान परिस्थिति में सभी से शांति बरतने और सभी तरह की हिंसा और नुकसान से बचने की अपील करता हूं।” इससे पहले बांग्लादेश में छात्रों ने बुधवार को लगातार दूसरे दिन स्वयंसेवकों के रूप में यातायात प्रबंधन किया। वहीं, एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने पुलिस बल के प्रत्येक सदस्य से धीरे-धीरे ड्यूटी पर लौटने और कानून-व्यवस्था की स्थिति बहाल करने का आह्वान किया। स्थानीय मीडिया में आई खबरों के अनुसार, सोमवार को शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद बांग्लादेश में अराजकता चरम पर है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने या यातायात का प्रबंधन करने के लिए पुलिसकर्मी उपलब्ध नहीं हैं। अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) ए.के.एम.शाहीदुर रहमान को मौजूदा संकट से निपटने के लिए मंगलवार को बांग्लादेश पुलिस का शीर्ष अधिकारी नियुक्त किया गया।
छात्रों ने संभाला मोर्चा
‘ढाका ट्रिब्यून’ अखबार ने बताया कि बांग्लादेश स्काउट्स के सदस्यों समेत छात्रों को कई स्थानों पर यातायात प्रबंधन करते हुए देखा गया। बुधवार को सुरक्षाबल में हुए ताजा फेरबदल के तहत रहमान को अब रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) का महानिदेशक नियुक्त किया गया है। अखबार ने बताया कि देशभर में मंगलवार को पुलिस थानों और विभिन्न केंद्रों पर हमलों में कई पुलिसकर्मियों के हताहत होने की खबरें हैं, जिससे यह अभूतपूर्व स्थिति पैदा हो गई है। ‘प्रथम अलो’ समाचार पोर्टल ने बताया कि प्राधिकारियों ने बुधवार को आरएबी और ढाका मेट्रोपोलिटन पुलिस (डीएमपी) के शीर्ष पदों में फेरबदल किया। इसने कहा, ‘‘एकेएम शाहिदुर रहमान को आरएबी का महानिदेशक नियुक्त किया गया है, जबकि मोहम्मद मोईन उल हसन ढाका मेट्रोपोलिटन पुलिस के आयुक्त के रूप में हबीबुर रहमान का स्थान लेंगे।’’ इस फेरबदल से कुछ घंटे पहले राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को मंगलवार रात को अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया।
खालिद जिया ने दिया संबोधन
अपनी कट्टर प्रतिद्वंद्वी हसीना के सत्ता से बेदखल होने के बाद जेल से रिहा हुईं पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया ने ढाका में अपनी पार्टी की एक विशाल रैली को संबोधित किया, जहां उन्होंने देश के पुनर्निर्माण के लिए शांति की अपील की। जिया (79) को हसीना के शासनकाल में 2018 में भ्रष्टाचार के आरोप में 17 साल जेल की सजा सुनाई गई थी। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष जिया ने कहा, “मुझे अब रिहा कर दिया गया है। मैं उन बहादुर लोगों को धन्यवाद देना चाहती हूं जो असंभव को संभव बनाने के लिए ‘करो या मरो’ के संघर्ष में थे।” उन्होंने कहा, “यह जीत हमारे लिए लूट, भ्रष्टाचार और बीमार राजनीति से पार पाने की नयी संभावना लेकर आई है। हमें इस देश को एक समृद्ध देश बनाने की जरूरत है।” जिया ने कहा, “कोई विनाश नहीं, कोई आक्रोश नहीं और कोई प्रतिशोध नहीं, हमें अपने देश के पुनर्निर्माण के लिए प्रेम व शांति की जरूरत है।” अक्टूबर 2020 में नियुक्त हुए अटॉर्नी जनरल अबू मोहम्मद अमीनुद्दीन ने बुधवार को इस्तीफा दे दिया।







